Brazil cheese championship 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन। जानिए किसने जीते Super Gold, Gold और Silver अवॉर्ड।
नई दिल्ली | 23 अप्रैल 2026 — भारत की डेयरी इंडस्ट्री अब सिर्फ दूध और घी तक सीमित नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। इसी कड़ी में भारत ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ब्राज़ील में आयोजित प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता Mundial do Queijo do Brasil 2026 में भारतीय चीज़ (cheese) निर्माताओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि “भारत का चीज़ अब वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना चुका है।”
भारत का शानदार डेब्यू: पहली बार में ही बड़ा असर
इस साल Mundial do Queijo do Brasil 2026 में भारत ने पहली बार भाग लिया और शुरुआत ही ऐतिहासिक रही।
इस प्रतियोगिता में भारत के चार प्रोडक्ट्स ने मेडल जीतकर यह साबित कर दिया कि भारतीय artisanal dairy sector अब global standards पर खरा उतर रहा है।
खास बात यह है कि इस प्रतियोगिता में 30 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया और 350 से अधिक जजों ने प्रोडक्ट्स का मूल्यांकन किया।
कौन-कौन से भारतीय चीज़ ने जीते अवॉर्ड?
भारत को इस प्रतियोगिता में एक Super Gold, दो Gold और एक Silver मेडल मिला।
सबसे बड़ा सम्मान Super Gold मिला Eleftheria Gulmarg (Brie Style) को, जो भारत के लिए गर्व का क्षण है।
इसके अलावा Yak Churpi-Soft (Nordic Farm, Leh, Ladakh) और Eleftheria Brunost (Whey Cheese) ने Gold मेडल हासिल किया।
वहीं Eleftheria Kaali Miri (Belper Knolle Style) ने Silver मेडल जीतकर भारत की झोली में एक और उपलब्धि डाली।
लद्दाख से लेकर कश्मीर तक: लोकल फ्लेवर का ग्लोबल असर
इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह है कि ये प्रोडक्ट्स भारत के अलग-अलग क्षेत्रों से आए हैं।
लद्दाख का Yak Churpi-Soft, जो पारंपरिक तरीके से बनाया जाता है, अब वैश्विक मंच पर सराहा जा रहा है।
वहीं कश्मीर के गुलमर्ग से जुड़ा Brie-style चीज़ यह दिखाता है कि भारतीय निर्माता अब अंतरराष्ट्रीय फ्लेवर और तकनीक को अपनाकर नए प्रयोग कर रहे हैं।
PM Modi का बयान: क्यों है यह उपलब्धि खास?
Narendra Modi ने अपने संदेश में कहा कि इस तरह की उपलब्धियां भारत के artisanal dairy sector को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाती हैं।
उन्होंने विशेष रूप से Mausam Narang और Thenlay Nurboo जैसे उद्यमियों को बधाई दी, जिन्होंने इन प्रोडक्ट्स के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह बयान इस बात का संकेत भी है कि सरकार अब traditional और niche dairy products को भी बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।
भारत की डेयरी इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव
अगर पिछले कुछ वर्षों को देखें, तो भारत की डेयरी इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव आया है।
पहले जहां फोकस मुख्य रूप से bulk production (दूध, घी, पनीर) पर था, अब artisanal और premium dairy products की मांग तेजी से बढ़ रही है।
इस बदलाव के पीछे कई कारण हैं:
- बदलती consumer preferences
- premium food products की बढ़ती मांग
- export opportunities
- startup ecosystem का विस्तार
ऐसे में Mundial do Queijo do Brasil 2026 में मिली सफलता इस trend को और मजबूत करती है।
ग्लोबल मार्केट में भारत के लिए क्या अवसर हैं?
दुनिया भर में cheese market तेजी से बढ़ रहा है, और भारत के पास इसमें अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का अच्छा मौका है।
भारत में विविध जलवायु और पारंपरिक तकनीकों के कारण unique flavors develop किए जा सकते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में अलग पहचान बना सकते हैं।
हालांकि, इस दिशा में कुछ चुनौतियां भी हैं:
- quality standardization
- cold chain infrastructure
- export regulations
- branding और marketing
अगर इन चुनौतियों को सही तरीके से संभाला जाए, तो भारत cheese export में भी बड़ा खिलाड़ी बन सकता है।
क्या यह सिर्फ शुरुआत है?
इस सफलता को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि यह सिर्फ शुरुआत है।
भारत के छोटे-छोटे डेयरी उद्यमी अब global मंच पर अपनी जगह बना रहे हैं और यह trend आने वाले वर्षों में और तेजी पकड़ सकता है।
निष्कर्ष: लोकल से ग्लोबल तक का सफर
भारत की यह उपलब्धि “local to global” की कहानी को एक बार फिर साबित करती है।
Narendra Modi द्वारा की गई सराहना इस बात का संकेत है कि सरकार और उद्योग दोनों मिलकर इस सेक्टर को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले समय में भारत न सिर्फ डेयरी प्रोडक्शन में बल्कि premium dairy products में भी दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो सकता है।
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