म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाले निवेशकों के लिए सही स्कीम का चुनाव काफी महत्वपूर्ण होता है। बाजार में कई ऐसे इक्विटी म्यूचुअल फंड हैं, जिन्होंने लंबी अवधि में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इनमें ICICI Prudential Value Fund भी शामिल है। इस फंड ने शुरुआत से अब तक एकमुश्त निवेश करने वाले निवेशकों को करीब 19.11 फीसदी का CAGR रिटर्न दिया है।
फंड के प्रदर्शन के मुताबिक, अगर किसी निवेशक ने शुरुआत के समय इसमें ₹1 लाख का एकमुश्त निवेश किया होता, तो 22 साल की अवधि में यह रकम बढ़कर करीब ₹46.6 लाख हो गई होती। हालांकि, म्यूचुअल फंड में पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होता।
22 साल पहले शुरू हुआ था फंड
ICICI Prudential Value Fund की शुरुआत 16 अगस्त 2004 को हुई थी। यह एक वैल्यू ओरिएंटेड इक्विटी स्कीम है, जिसका उद्देश्य ऐसी कंपनियों में निवेश करना है जिनके शेयर बाजार में उनकी अनुमानित आंतरिक वैल्यू (Intrinsic Value) से कम कीमत पर कारोबार कर रहे हों।
इस रणनीति के तहत फंड मैनेजर ऐसी कंपनियों की पहचान करने की कोशिश करते हैं, जिनमें लंबे समय में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता हो। कंपनी का आकार छोटा या बड़ा, दोनों हो सकता है।
Nifty 50 TRI से बेहतर रहा प्रदर्शन
ICICI Prudential Value Fund ने लंबी अवधि में अपने प्रदर्शन के मामले में Nifty 50 Total Return Index (TRI) को पीछे छोड़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, फंड का स्थापना के बाद CAGR करीब 19.11 फीसदी रहा, जबकि इसी अवधि में Nifty 50 TRI का CAGR लगभग 14.63 फीसदी रहा।
यानी लंबी अवधि में इस फंड ने अपने संबंधित बाजार बेंचमार्क की तुलना में बेहतर रिटर्न दिया है।
SIP निवेशकों को भी मिला शानदार रिटर्न
इस फंड में केवल एकमुश्त निवेश करने वालों को ही फायदा नहीं हुआ है, बल्कि नियमित SIP करने वाले निवेशकों को भी लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिला है।
अगर किसी निवेशक ने फंड की शुरुआत से हर महीने ₹10,000 की SIP शुरू की होती और इसे लगातार जारी रखा होता, तो उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उसकी निवेशित रकम बढ़कर करीब ₹2.37 करोड़ हो गई होती। इस निवेश पर करीब 17.04 फीसदी का CAGR रहा।
यह उदाहरण बताता है कि लंबी अवधि में नियमित निवेश और कंपाउंडिंग किस तरह बड़ा कॉर्पस बनाने में मदद कर सकते हैं।
3 और 5 साल में भी अच्छा प्रदर्शन
फंड ने केवल स्थापना के बाद की लंबी अवधि में ही अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, तीन साल की अवधि में इसका CAGR करीब 13.44 फीसदी, जबकि पांच साल की अवधि में करीब 16.05 फीसदी रहा है।
हालांकि, अलग-अलग समय अवधि में इक्विटी फंड का प्रदर्शन बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है। इसलिए केवल किसी एक अवधि के रिटर्न को देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।
₹61,102 करोड़ से ज्यादा है AUM
31 जुलाई के आंकड़ों के अनुसार, ICICI Prudential Value Fund का Assets Under Management (AUM) करीब ₹61,102.29 करोड़ था। फंड का बड़ा हिस्सा इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया गया है।
उपलब्ध पोर्टफोलियो आंकड़ों के मुताबिक, करीब 93.31 फीसदी निवेश शेयरों में था।
Financial Services सेक्टर में सबसे ज्यादा निवेश
सेक्टर के हिसाब से फंड का सबसे बड़ा एक्सपोजर Financial Services कंपनियों में है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, करीब 38.10 फीसदी निवेश इस सेक्टर में किया गया है।
इसके बाद करीब 9.08 फीसदी निवेश Healthcare Services और लगभग 9 फीसदी निवेश FMCG सेक्टर में था। सेक्टर और स्टॉक आवंटन समय के साथ फंड मैनेजर की रणनीति के अनुसार बदल सकता है।
2022 में बदला गया था बेंचमार्क
ICICI Prudential Value Fund ने 2022 में अपने बेंचमार्क में बदलाव किया था। पहले इसका बेंचमार्क Nifty 500 Value 50 TRI था, जिसे बाद में बदलकर Nifty 500 TRI कर दिया गया।
बेंचमार्क का इस्तेमाल फंड के प्रदर्शन की तुलना करने के लिए किया जाता है। इसलिए निवेशकों को फंड का रिटर्न देखते समय यह भी समझना चाहिए कि उसकी तुलना किस इंडेक्स से की जा रही है।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
किसी म्यूचुअल फंड ने अतीत में कितना रिटर्न दिया है, इससे यह तय नहीं होता कि भविष्य में भी वैसा ही रिटर्न मिलेगा। इक्विटी म्यूचुअल फंड बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होते हैं और इनमें पूंजी पर जोखिम बना रहता है।
निवेश से पहले अपनी जोखिम लेने की क्षमता, निवेश की अवधि और वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है। इसके अलावा फंड का पोर्टफोलियो, खर्च, जोखिम स्तर और निवेश रणनीति भी समझनी चाहिए।
अगर आप ICICI Prudential Value Fund या किसी अन्य इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी स्थिति के अनुसार SEBI-registered financial adviser से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिम के अधीन हैं। पिछले प्रदर्शन को भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए। ऊपर दिए गए रिटर्न और आंकड़े उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं और समय के साथ बदल सकते हैं।


