HDB Financial Share Price: HDFC बैंक की NBFC कंपनी HDB Financial Services के शेयरों में 16 जुलाई को जोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कंपनी के जून 2026 तिमाही (Q1 FY27) के शानदार नतीजों के बाद शुरुआती कारोबार में शेयर करीब 5% तक उछल गया। हालांकि बाद में मुनाफावसूली के चलते इसमें गिरावट भी देखने को मिली। मजबूत मुनाफा, बेहतर एसेट क्वालिटी और मैनेजमेंट के सकारात्मक आउटलुक के बावजूद निवेशकों की नजर अब आगे की लोन ग्रोथ और वैल्यूएशन पर बनी हुई है।
Q1 रिजल्ट के बाद 5% तक चढ़ा शेयर
गुरुवार, 16 जुलाई को HDB Financial Services का शेयर बीएसई पर पिछले बंद स्तर से करीब 4.5% उछलकर 786.20 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। हालांकि बाद में बिकवाली बढ़ने से यह 746.65 रुपये के निचले स्तर तक भी फिसल गया।
शेयर में यह उतार-चढ़ाव ऐसे समय आया जब कंपनी ने अपने इतिहास का सबसे अधिक तिमाही मुनाफा दर्ज किया।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा तिमाही मुनाफा
अप्रैल-जून 2026 तिमाही में HDB Financial Services का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा।
मुख्य वित्तीय आंकड़े
- शुद्ध मुनाफा: 785 करोड़ रुपये, सालाना आधार पर 38.3% की बढ़ोतरी
- पिछले वर्ष समान तिमाही का मुनाफा: 568 करोड़ रुपये
- नेट इंटरेस्ट इनकम (NII): 2,509 करोड़ रुपये, लगभग 20% की वृद्धि
- कुल आय: 3,185 करोड़ रुपये, जो पिछले साल 2,726 करोड़ रुपये थी
- AUM (Assets Under Management): 1.22 लाख करोड़ रुपये, सालाना 11.3% की बढ़ोतरी
कंपनी की कमाई में सुधार का सबसे बड़ा कारण मजबूत लोन बुक, बेहतर ब्याज आय और नियंत्रित क्रेडिट कॉस्ट रही।
एसेट क्वालिटी में भी सुधार
Q1 के दौरान कंपनी की एसेट क्वालिटी पहले के मुकाबले और मजबूत हुई।
- ग्रॉस NPA: 2.56% से घटकर 2.34%
- नेट NPA: 1.11% से घटकर 1.04%
NPA में आई गिरावट इस बात का संकेत है कि कंपनी की रिकवरी और जोखिम प्रबंधन में सुधार हो रहा है।
दूसरी तिमाही से बढ़ सकती है लोन ग्रोथ
मैनेजमेंट ने आने वाली तिमाहियों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं।
कंपनी का कहना है कि पोर्टफोलियो रीस्ट्रक्चरिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके बाद जुलाई-सितंबर तिमाही से बिजनेस की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
मैनेजमेंट के प्रमुख अनुमान:
- लोन ग्रोथ धीरे-धीरे 18% के स्तर तक लौट सकती है।
- एसेट फाइनेंस सेगमेंट में सुधार की संभावना।
- बिजनेस लोन ग्रोथ दूसरी तिमाही से मजबूत होगी और तीसरी तिमाही में और तेजी आ सकती है।
- गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं हैं।
- नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 8% से ऊपर बनाए रखने का लक्ष्य।
- लगभग 2.5% RoA (Return on Assets) हासिल करने का लक्ष्य।
हालांकि कंपनी ने यह भी कहा कि मानसून, ईंधन कीमतों, अल नीनो और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों जैसे बाहरी जोखिमों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
Q1 रिजल्ट के बाद ब्रोकरेज की राय
अच्छे नतीजों के बाद अधिकांश ब्रोकरेज हाउस ने स्टॉक पर अपनी राय बरकरार रखी है।
| ब्रोकरेज | रेटिंग | टारगेट प्राइस |
|---|---|---|
| ICICI Securities | Buy | ₹900 |
| Jefferies | Buy | ₹845 |
| Motilal Oswal | Neutral | ₹810 |
| Nomura | Neutral | ₹790 |
| Morgan Stanley | Equal Weight | ₹800 |
| MK Global Financial | Reduce | ₹725 |
ICICI Securities
ब्रोकरेज ने ‘Buy’ रेटिंग के साथ 900 रुपये का लक्ष्य दिया है। उसका मानना है कि कंपनी चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद मजबूत ग्रोथ बनाए हुए है। FY26-FY28 के दौरान 17-18% CAGR की क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीद जताई गई है।
Motilal Oswal
ब्रोकरेज ने ‘Neutral’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 810 रुपये का लक्ष्य दिया है। उसका कहना है कि मौजूदा वैल्यूएशन में मीडियम टर्म ग्रोथ काफी हद तक शामिल हो चुकी है।
Jefferies
जेफरीज ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस 805 रुपये से बढ़ाकर 845 रुपये कर दिया है।
Nomura और Morgan Stanley
दोनों ब्रोकरेज ने फिलहाल Neutral/Equal Weight रुख बनाए रखा है और क्रमशः 790 रुपये तथा 800 रुपये का लक्ष्य दिया है।
MK Global
ब्रोकरेज ने Reduce रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस 675 रुपये से बढ़ाकर 725 रुपये कर दिया है।
Buy, Sell या Hold?
Q1 नतीजों के आधार पर कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत दिखाई देती है। रिकॉर्ड मुनाफा, घटता NPA, स्थिर NIM और मैनेजमेंट का सकारात्मक आउटलुक निवेशकों के लिए अच्छे संकेत हैं। हालांकि, अधिकांश ब्रोकरेज का मानना है कि आगे की तेजी काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में 17-18% लोन ग्रोथ हासिल कर पाती है या नहीं।
ऐसे में जिन निवेशकों के पास पहले से यह शेयर है, वे आगे आने वाले तिमाही नतीजों और लोन ग्रोथ के संकेतों पर नजर बनाए रख सकते हैं, जबकि नए निवेशकों के लिए वैल्यूएशन और भविष्य की ग्रोथ दोनों अहम कारक रहेंगे।


