भारत के शेयर बाजार में शुक्रवार को जहां कई सेक्टर्स में तेजी देखने को मिली, वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) के शेयर में दबाव दिखाई दिया। कारोबार के आखिरी दिन कंपनी का शेयर 2.55% टूटकर 21.42 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, शेयर में आई इस गिरावट के बावजूद कई ब्रोकरेज हाउस कंपनी के भविष्य को लेकर काफी सकारात्मक नजर आ रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी द्वारा लगातार कर्ज कम किए जाने, ब्याज लागत में संभावित गिरावट और आने वाले वर्षों में बेहतर कमाई की उम्मीद के चलते HCC के शेयर में मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है। यही वजह है कि ब्रोकरेज फर्म एलारा सिक्योरिटीज ने इस शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 30 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।
मौजूदा स्तर से देखें तो यह लगभग 36% तक की संभावित तेजी को दर्शाता है। ऐसे में निवेशकों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या HCC शेयर फिर से अपने पुराने हाई की तरफ लौट सकता है?
शुक्रवार को क्यों टूटा HCC का शेयर?
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में HCC के शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिन के दौरान शेयर 22.55 रुपये के उच्च स्तर तक गया, जबकि निचले स्तर पर यह 20.98 रुपये तक फिसल गया। अंत में शेयर 21.42 रुपये पर बंद हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि तिमाही नतीजों में राजस्व और प्रॉफिट में कमजोरी के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली की। हालांकि, लंबी अवधि के नजरिए से कई विश्लेषक अभी भी इस स्टॉक को मजबूत संभावना वाला शेयर मान रहे हैं।
ब्रोकरेज क्यों हुआ बुलिश?
एलारा सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के तिमाही नतीजों में कुछ कमजोरियां जरूर दिखीं, लेकिन सबसे बड़ा पॉजिटिव फैक्टर कंपनी का घटता कर्ज है। ब्रोकरेज का कहना है कि HCC लगातार अपने डेट को कम करने पर फोकस कर रही है और इसका असर आने वाले वर्षों में कंपनी की बैलेंस शीट पर साफ दिखाई देगा।
रिपोर्ट के अनुसार कंपनी का कुल कर्ज अब घटकर लगभग 20 बिलियन रुपये रह गया है। इससे वित्त वर्ष 2027 से ब्याज लागत में कमी आने की उम्मीद है। ब्याज खर्च कम होने का सीधा फायदा कंपनी के नेट प्रॉफिट पर पड़ेगा।
ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि:
- पुराने प्रोजेक्ट्स पूरे होने से फिलहाल काम की रफ्तार धीमी रही।
- नए ऑर्डर मिले हैं लेकिन उनका निष्पादन धीरे-धीरे शुरू हो रहा है।
- FY27 और FY28 के लिए कमाई के अनुमान को क्रमशः 16% और 13% तक बढ़ाया गया है।
हालांकि, राइट्स इश्यू के कारण शेयरों की संख्या बढ़ने से टारगेट प्राइस को पहले के 35 रुपये से घटाकर 30 रुपये किया गया है।
52 हफ्तों में कैसा रहा शेयर का प्रदर्शन?
HCC के शेयर में पिछले एक साल के दौरान भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
| विवरण | कीमत |
|---|---|
| 52 हफ्ते का हाई | ₹31.45 |
| 52 हफ्ते का लो | ₹13.60 |
| मौजूदा बंद भाव | ₹21.42 |
कंपनी का शेयर पिछले साल जून में अपने 52 हफ्तों के उच्च स्तर 31.45 रुपये तक पहुंचा था। वहीं, इस साल मार्च में शेयर 13.60 रुपये तक गिर गया था। इसका मतलब है कि स्टॉक में वोलैटिलिटी काफी ज्यादा है।
विश्लेषकों का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सरकारी खर्च बढ़ने और बड़े प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं से HCC जैसे शेयरों में आगे तेजी आ सकती है।
तिमाही नतीजों में क्या रहा खास?
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में HCC का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 34.56% घटकर 59 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 90.08 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
वहीं, कंपनी की कुल आय भी घटकर 1,017.51 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले समान तिमाही में 1,392.20 करोड़ रुपये थी। हालांकि, खर्चों में भी कमी देखने को मिली कुल व्यय घटकर 931.28 करोड़ रुपये रहा, पिछले साल यह 1,077.91 करोड़ रुपये था
यानी कंपनी ने लागत नियंत्रण पर काम किया है, जो आने वाले समय में मार्जिन सुधारने में मदद कर सकता है।
पूरे साल में मुनाफा बढ़ा
अगर पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा।
| वित्त वर्ष | मुनाफा |
|---|---|
| FY25 | ₹112.63 करोड़ |
| FY26 | ₹165.52 करोड़ |
पूरे साल के आधार पर कंपनी के मुनाफे में अच्छी बढ़त दर्ज की गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी धीरे-धीरे रिकवरी के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।
कंपनी के बिजनेस पर क्यों है नजर?
HCC देश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी कई बड़े प्रोजेक्ट्स में काम कर चुकी है, जिनमें एक्सप्रेसवे, मेट्रो प्रोजेक्ट, टनल, हाइड्रो पावर, ब्रिज निर्माण जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शामिल हैं।
सरकार द्वारा लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर जोर दिए जाने से इस सेक्टर की कंपनियों को भविष्य में नए ऑर्डर मिलने की संभावना बनी हुई है।
प्रमोटर्स और पब्लिक होल्डिंग
कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर नजर डालें तो:
- प्रमोटर्स की हिस्सेदारी: 16.72%
- पब्लिक शेयरहोल्डिंग: 83.28%
उच्च पब्लिक होल्डिंग की वजह से शेयर में वोलैटिलिटी ज्यादा देखने को मिल सकती है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार HCC अभी हाई रिस्क-हाई रिटर्न कैटेगरी का शेयर माना जा सकता है। कंपनी में सुधार के संकेत जरूर दिख रहे हैं, लेकिन ऑर्डर फ्लो, प्रोजेक्ट निष्पादन, कर्ज में और कमी, ब्याज लागत जैसे फैक्टर्स पर नजर रखना जरूरी होगा। अगर कंपनी आने वाले कुछ क्वार्टर में लगातार बेहतर प्रदर्शन करती है तो शेयर में मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है।
निष्कर्ष
HCC के शेयर में हालिया गिरावट के बावजूद ब्रोकरेज हाउस अभी भी इस स्टॉक को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। कंपनी द्वारा कर्ज कम करने की रणनीति, संभावित ब्याज लागत में गिरावट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ते अवसरों को देखते हुए कई विश्लेषक इसमें लंबी अवधि की संभावनाएं देख रहे हैं।
हालांकि, निवेशकों को किसी भी निर्णय से पहले कंपनी के फंडामेंटल, जोखिम और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
Also Read:


