उत्तर प्रदेश का बरेली अब तेजी से “ग्रेटर बरेली” बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। दिल्ली-NCR मॉडल की तर्ज पर शहर में करोड़ों रुपये की आधुनिक परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं, जिनसे आने वाले वर्षों में बरेली की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
Bareilly Development Authority (BDA) द्वारा लखनऊ-दिल्ली बाईपास के पास अहरौला, मोहनपुर और कंथरी जैसे इलाकों में बड़े पैमाने पर आधुनिक टाउनशिप विकसित की जा रही है। इस परियोजना का मकसद बरेली को एक व्यवस्थित, स्मार्ट और भविष्य के आधुनिक शहर के रूप में स्थापित करना है।
269 हेक्टेयर में विकसित होगा आधुनिक शहर
ग्रेटर बरेली योजना के तहत करीब 269 हेक्टेयर क्षेत्र में 12 सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में चौड़ी सड़कें, अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था, आधुनिक पार्क, कमर्शियल जोन, स्पोर्ट्स स्टेडियम और मिश्रित भूमि उपयोग जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं।
BDA के उपाध्यक्ष डॉ. मणिकंदन ए के मुताबिक यहां बहुमंजिला अपार्टमेंट, रेजिडेंशियल प्लॉट और कर्मचारियों के लिए विशेष आवासीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
50 से 1000 वर्ग मीटर तक मिलेंगे प्लॉट
योजना के तहत 50 वर्ग मीटर से लेकर 1000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा 2BHK और 3BHK फ्लैट्स भी बनाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मध्यम वर्ग से लेकर बड़े निवेशकों तक सभी के लिए अवसर खुल सकते हैं।
रामगंगा नगर योजना बनी सबसे बड़ा आकर्षण
रामगंगा नगर आवासीय योजना इस पूरे प्रोजेक्ट का प्रमुख हिस्सा मानी जा रही है। जनवरी 2022 से जनवरी 2026 के बीच यहां लगभग 7900 आवासीय और व्यावसायिक भूखंड बेचे जा चुके हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि लोगों में इस परियोजना को लेकर काफी उत्साह है।
बरेली में बनेगा यूपी का सबसे आधुनिक साइंस पार्क
स्थानीय वरिष्ठ पत्रकार और इतिहासकार डॉ. राजेश कुमार शर्मा के मुताबिक सेक्टर-8 में करीब 5 एकड़ जमीन पर उत्तर प्रदेश का सबसे आधुनिक साइंस पार्क बनाया जा रहा है। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹130 करोड़ से ₹150 करोड़ बताई जा रही है।
ताराघर भी बनेगा बड़ा आकर्षण
साइंस पार्क के साथ यहां अत्याधुनिक ताराघर (Planetarium) भी बनाया जा रहा है। इस पर करीब ₹50 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। यहां लोग ब्रह्मांड, अंतरिक्ष विज्ञान और खगोल विज्ञान से जुड़ी आधुनिक जानकारियां हासिल कर सकेंगे।
AI सेंटर और डिजिटल लर्निंग हब भी तैयार होंगे
ग्रेटर बरेली योजना के तहत कई हाई-टेक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। इनमें AI और डिजिटल लर्निंग सेंटर, एक्वेरियम, कन्वेंशन सेंटर और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बरेली एजुकेशन और टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी उभर सकता है।
रामायण वाटिका में लगेगी 51 फीट ऊंची प्रतिमा
इस परियोजना में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक थीम पर भी विशेष फोकस किया गया है। रामायण वाटिका में भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके अलावा शिव भक्तों और पर्यटकों के लिए विशेष प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक पार्क भी विकसित किया जा रहा है।
रोजगार और निवेश के नए अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रेटर बरेली परियोजना पूरी होने के बाद रियल एस्टेट, पर्यटन, शिक्षा, हॉस्पिटैलिटी और स्थानीय व्यापार में बड़े स्तर पर निवेश और रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
क्या बरेली बनेगा नया NCR मॉडल शहर?
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर यह परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो बरेली उत्तर प्रदेश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले शहरों में शामिल हो सकता है।
दिल्ली-NCR की तरह प्लान्ड इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट रोड नेटवर्क, आधुनिक हाउसिंग और कमर्शियल डेवलपमेंट का फायदा यहां देखने को मिल सकता है।
योगी आदित्यनाथ कर सकते हैं उद्घाटन
रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही इन परियोजनाओं के उद्घाटन के लिए बरेली आ सकते हैं। माना जा रहा है कि राज्य सरकार इस परियोजना को उत्तर प्रदेश के बड़े शहरी विकास मॉडल के तौर पर पेश करना चाहती है।
क्यों अहम है ग्रेटर बरेली प्रोजेक्ट?
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच ऐसे प्लान्ड शहरों की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ग्रेटर बरेली परियोजना आवासीय दबाव कम कर सकती है, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर दे सकती है, निवेश आकर्षित कर सकती है और शहर की अर्थव्यवस्था मजबूत कर सकती है।
आने वाले समय में यह परियोजना बरेली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का बड़ा शहरी केंद्र बना सकती है।
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