Gold-Silver Price Drop: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। MCX पर सोना ₹2,000 से ज्यादा टूट गया, जबकि चांदी करीब ₹1,955 सस्ती हुई। ऐसे में सवाल है कि क्या यह गिरावट खरीदारी का मौका है या कीमतों में अभी और नरमी आ सकती है?
सोने और चांदी में निवेश करने वालों के लिए सप्ताह की शुरुआत कुछ मायूस करने वाली रही। घरेलू वायदा बाजार यानी MCX पर सोमवार को दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सोने का भाव जहां ₹2,000 से अधिक टूट गया, वहीं चांदी भी करीब ₹1,955 की गिरावट के साथ कारोबार करती नजर आई।
कीमती धातुओं में आई इस कमजोरी के पीछे हाजिर मांग में सुस्ती और हालिया तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली को प्रमुख वजह माना जा रहा है। ऐसे में जिन लोगों की नजर सोने-चांदी की खरीदारी पर है, उनके लिए यह जानना जरूरी है कि मौजूदा गिरावट कितनी बड़ी है और आगे कीमतों का रुख कैसा रह सकता है।
MCX पर सोना ₹2,000 से ज्यादा टूटा
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोमवार को सोने के वायदा भाव में तेज गिरावट देखने को मिली। अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना ₹2,045 यानी करीब 1.31 फीसदी गिरकर ₹1,54,236 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
कारोबारी सत्र के दौरान सोने में कुल 2,680 लॉट के लिए कारोबार हुआ। बाजार से जुड़े जानकारों के मुताबिक, घरेलू बाजार में हाजिर मांग कमजोर रहने से सोने पर दबाव बढ़ा। इसके अलावा ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद कुछ निवेशकों ने मुनाफा वसूलने के लिए अपनी पोजीशन कम की, जिसका असर वायदा कीमतों पर दिखाई दिया।
सोने में हाल के दिनों में तेजी देखने को मिली थी। ऐसे में ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली आना बाजार के लिए असामान्य नहीं है। हालांकि, आगे की दिशा तय करने में घरेलू मांग के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
चांदी भी ₹1,955 सस्ती
सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी सोमवार को दबाव देखने को मिला। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी ₹1,955 यानी करीब 0.81 फीसदी गिरकर ₹2,40,489 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई।
इस दौरान चांदी में कुल 2,004 लॉट का कारोबार हुआ। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया तेजी के बाद निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली बढ़ने से चांदी पर दबाव आया है।
चांदी की कीमतें सोने की तुलना में अक्सर ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखाती हैं। इसकी वजह यह है कि चांदी का इस्तेमाल निवेश के अलावा औद्योगिक क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर होता है। इसलिए वैश्विक आर्थिक गतिविधियों और इंडस्ट्रियल डिमांड में बदलाव का असर भी चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।
सोने-चांदी में गिरावट की बड़ी वजह क्या है?
कीमती धातुओं में आज की गिरावट को समझने के लिए कुछ प्रमुख फैक्टर्स पर नजर डालना जरूरी है।
1. मुनाफावसूली:
हालिया तेजी के बाद कुछ निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा बुक किया। इससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा।
2. हाजिर मांग में कमजोरी:
घरेलू बाजार में तत्काल मांग कमजोर रहने से सोने और चांदी की कीमतों को सपोर्ट नहीं मिला।
3. ग्लोबल मार्केट का असर:
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की चाल का सीधा असर घरेलू वायदा बाजार पर भी पड़ता है। इसलिए ग्लोबल संकेतों में कमजोरी आने पर MCX पर भी दबाव दिखाई दे सकता है।
क्या यह सोना-चांदी खरीदने का सही मौका है?
सोने और चांदी में गिरावट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अभी खरीदारी कर लेनी चाहिए? इसका जवाब निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर करता है।
अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं और कई साल के नजरिए से सोने या चांदी में निवेश करना चाहते हैं, तो कीमतों में गिरावट को धीरे-धीरे खरीदारी करने के अवसर के तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि, पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
वहीं, अगर आपका नजरिया शॉर्ट टर्म का है, तो जल्दबाजी से बचना बेहतर हो सकता है। बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और मौजूदा गिरावट के बाद कीमतों में और कमजोरी आने की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।
क्या सोने-चांदी के भाव और गिर सकते हैं?
इसका निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल है। कीमती धातुओं की कीमतें कई घरेलू और वैश्विक कारकों से प्रभावित होती हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमत, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद, केंद्रीय बैंकों की नीतियां, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और निवेशकों की मांग शामिल हैं।
इसलिए केवल एक दिन की गिरावट को देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। इसी तरह, केवल गिरावट देखकर तुरंत बड़ी खरीदारी करना भी जोखिम भरा हो सकता है।
निवेशकों के लिए बेहतर रणनीति यह हो सकती है कि वे अपनी निवेश अवधि, लक्ष्य और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखते हुए फैसला लें। खासकर बड़ी रकम निवेश करने से पहले बाजार की मौजूदा परिस्थितियों और कीमतों के ट्रेंड को समझना जरूरी है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
अगर आपका लक्ष्य सोने या चांदी में लंबी अवधि के लिए निवेश करना है, तो मौजूदा गिरावट को बाजार में एंट्री के संभावित मौके के तौर पर देखा जा सकता है। लेकिन इसमें भी एकमुश्त निवेश के बजाय किस्तों में खरीदारी करने की रणनीति अपनाना ज्यादा संतुलित तरीका हो सकता है।
दूसरी ओर, छोटी अवधि में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को तेजी से बदलते बाजार में जोखिम प्रबंधन पर खास ध्यान देना चाहिए। केवल गिरावट देखकर खरीदारी करने के बजाय सपोर्ट, ग्लोबल संकेत और बाजार की दिशा को देखकर फैसला लेना महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
सोमवार को MCX पर सोने और चांदी दोनों में तेज गिरावट आई। सोना ₹2,045 टूटकर ₹1,54,236 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,955 गिरकर ₹2,40,489 प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई। मौजूदा कमजोरी के पीछे कमजोर हाजिर मांग और मुनाफावसूली प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट चरणबद्ध खरीदारी का अवसर हो सकती है, लेकिन शॉर्ट टर्म में अभी उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। इसलिए केवल आज की गिरावट देखकर जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय अपने निवेश लक्ष्य और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर फैसला लेना बेहतर होगा।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। कमोडिटी और अन्य बाजार निवेश जोखिमों के अधीन हैं। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। NewsJagran.in किसी विशेष निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता।


