Gold Silver Price Crash on Dhanteras: धनतेरस के दिन सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। घरेलू सर्राफा बाजार से लेकर MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक दोनों कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला। 24 कैरेट सोना एक ही दिन में 2,677 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया, जबकि चांदी की कीमतों में भी करीब 4,500 रुपये तक की गिरावट देखने को मिली। हालांकि, कीमतों में इस गिरावट के बावजूद देश के ज्वेलरी बाजार में ग्राहकों का उत्साह बना हुआ है। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) ने धनतेरस पर करीब 60,000 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान जताया है।
धनतेरस को भारत में सोना, चांदी और आभूषण खरीदने के लिए बेहद शुभ अवसर माना जाता है। ऐसे में कीमतों में गिरावट ने उन ग्राहकों को राहत दी है, जो लंबे समय से खरीदारी के लिए सही मौके का इंतजार कर रहे थे। दूसरी तरफ, निवेशकों की नजर इस बात पर है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की तेजी के बाद आई यह गिरावट केवल मुनाफावसूली है या आने वाले दिनों में कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है।
धनतेरस पर कितना सस्ता हुआ सोना?
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को 24 कैरेट सोने की कीमत में 2,677 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद सोने का भाव घटकर 1,41,452 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में इसकी कीमत 1,44,129 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।
इसी तरह 22 कैरेट सोने की कीमत भी घटकर 1,29,507 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इससे पहले इसका भाव 1,32,022 रुपये प्रति 10 ग्राम था। वहीं, 18 कैरेट सोने की कीमत 1,08,097 रुपये से घटकर 1,06,089 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई।
इस गिरावट से ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों को कुछ राहत जरूर मिली है। खासकर धनतेरस और आगामी शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए सोने की कीमतों में कमी खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, आभूषण खरीदते समय ग्राहकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सोने की बेस कीमत के अलावा मेकिंग चार्ज, GST और अन्य लागू शुल्क भी चुकाने पड़ते हैं।
MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट
हाजिर बाजार के साथ-साथ वायदा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 4 दिसंबर 2026 की एक्सपायरी वाला सोने का कॉन्ट्रैक्ट 1.30 प्रतिशत गिरकर 1,42,218 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
वहीं, चांदी के 4 दिसंबर 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में 1.05 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद चांदी का भाव 1,85,181 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
वायदा बाजार में आई इस गिरावट से संकेत मिलता है कि निवेशक मौजूदा ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली कर रहे हैं। हालांकि, वायदा बाजार की कीमतें और ज्वेलरी बाजार में ग्राहकों को मिलने वाले वास्तविक भाव अलग हो सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार में कीमतों की जानकारी लेना जरूरी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी पर दबाव
भारतीय बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी शुक्रवार को कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोने का भाव 0.94 प्रतिशत गिरकर 4,075 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
इसी तरह चांदी की कीमत में 0.58 प्रतिशत की कमजोरी आई और इसका भाव घटकर 52.07 डॉलर प्रति औंस रह गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर अमेरिकी डॉलर की चाल, ब्याज दरों की संभावनाओं, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की मांग का असर पड़ता है। जब निवेशक ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली करते हैं, तो कीमती धातुओं में कुछ समय के लिए गिरावट देखने को मिल सकती है।
इसके अलावा रुपये और डॉलर के बीच विनिमय दर में बदलाव भी भारतीय बाजार में सोने की कीमतों को प्रभावित करता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में बदलाव का असर घरेलू बाजार में भी दिखाई देता है।
धनतेरस पर 60 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान
सोने की कीमतों में गिरावट के बावजूद भारतीय ज्वेलरी उद्योग को इस धनतेरस पर शानदार कारोबार की उम्मीद है। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े के मुताबिक, इस साल धनतेरस पर देशभर में सोने का कारोबार करीब 60,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि शुरुआती आकलन के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले कारोबार के मूल्य में करीब 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। यह ज्वेलरी उद्योग के लिए उत्साहजनक संकेत है।
राजेश रोकड़े के मुताबिक, अगर कारोबार की मात्रा यानी वॉल्यूम की बात करें तो इसके पिछले साल के स्तर के आसपास रहने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि सोने की कुल बिक्री की मात्रा में बहुत बड़ा बदलाव नहीं होने के बावजूद कारोबार का कुल मूल्य बढ़ सकता है।
इसकी एक बड़ी वजह सोने की ऊंची कीमतें हैं। पिछले साल की तुलना में सोने का मूल्य काफी अधिक रहने से समान मात्रा में सोने की बिक्री पर भी ज्वेलरी कारोबार का कुल मूल्य बढ़ सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि धनतेरस के अवसर पर देशभर में ज्वेलरी की दुकानें सुबह 8 बजे से ही खुल गई थीं। ग्राहकों के बीच खरीदारी को लेकर अच्छा उत्साह देखने को मिला। उद्योग को उम्मीद है कि त्योहार और शादी-विवाह के सीजन के दौरान ज्वेलरी की मांग बनी रहेगी।
दिल्ली में सोना 2,500 रुपये और चांदी 2,000 रुपये टूटी
दिल्ली के सर्राफा बाजार में भी धनतेरस के दिन सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। कमजोर हाजिर मांग और कीमती धातुओं के ऊंचे भाव के कारण खरीदारों ने सतर्क रुख अपनाया।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 2,500 रुपये गिरकर 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। इसमें सभी लागू कर शामिल हैं। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोने का भाव 1,48,800 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
वहीं, दिल्ली में चांदी की कीमत भी 2,000 रुपये गिरकर 1,92,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 1,94,500 रुपये प्रति किलोग्राम था।
दिल्ली के सर्राफा बाजार में आई इस गिरावट से साफ है कि धनतेरस के दिन कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ था। हालांकि, अलग-अलग बाजारों में सोने और चांदी के भाव में अंतर हो सकता है। IBJA के बेंचमार्क रेट, MCX के वायदा भाव और दिल्ली के सर्राफा बाजार के भावों की तुलना करते समय टैक्स और कीमत तय करने के तरीकों को ध्यान में रखना चाहिए।
सोने में पूरे सप्ताह 5 प्रतिशत की मजबूत रिकवरी
धनतेरस के दिन सोने की कीमतों में गिरावट के बावजूद पूरे सप्ताह का प्रदर्शन मजबूत रहा। बाजार के जानकारों के मुताबिक, सप्ताह की शुरुआत में सोने का अंतरराष्ट्रीय भाव करीब 3,875 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर था। इसके बाद इसमें अच्छी रिकवरी देखने को मिली।
हालांकि, 4,120 डॉलर प्रति औंस का स्तर सोने के लिए एक महत्वपूर्ण रुकावट के रूप में सामने आया। इस स्तर के आसपास निवेशकों की मुनाफावसूली बढ़ने से कीमतों पर दबाव बना।
घरेलू बाजार में 1,38,500 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर सोने के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्तर पर सोने को खरीदारी का समर्थन मिल सकता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और रुपये की चाल आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस सप्ताह रुपये में लगभग 1.30 प्रतिशत की मजबूती भी देखने को मिली। रुपये के मजबूत होने से भारतीय बाजार में सोने की कीमतों पर पड़ने वाला अंतरराष्ट्रीय तेजी का असर कुछ सीमित रहा।
इसके बावजूद सोने ने पूरे सप्ताह में करीब 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। लंबे समय तक बिकवाली के दबाव का सामना करने के बाद अगस्त के बाद यह सोने का सबसे अच्छा सप्ताह रहा।
क्या अभी सोना और चांदी खरीदना सही रहेगा?
धनतेरस पर कीमतों में गिरावट से ग्राहकों के सामने खरीदारी का अच्छा अवसर जरूर आया है, लेकिन केवल एक दिन की गिरावट को देखते हुए निवेश का फैसला करना सही रणनीति नहीं हो सकती।
अगर कोई ग्राहक धनतेरस या शादी-विवाह के लिए आभूषण खरीदना चाहता है, तो उसे अपनी जरूरत और बजट के अनुसार खरीदारी करनी चाहिए। वहीं, निवेश के उद्देश्य से सोना या चांदी खरीदने वालों को बाजार की अस्थिरता और अपनी निवेश अवधि को ध्यान में रखना चाहिए।
सोने में निवेश करने वाले लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी ब्याज दरों और रुपये की चाल पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। वहीं, चांदी की कीमतों पर औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक गतिविधियों का भी असर पड़ता है।
एक साथ पूरी रकम निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना जोखिम को संतुलित करने का एक विकल्प हो सकता है। हालांकि, निवेश से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना जरूरी है।
आगे कैसी रह सकती हैं सोने और चांदी की कीमतें?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करेगी। यदि डॉलर कमजोर होता है और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ती है, तो सोने को समर्थन मिल सकता है। इसके उलट, डॉलर में मजबूती और ऊंची ब्याज दरों की आशंकाएं कीमती धातुओं पर दबाव बना सकती हैं।
भारत में त्योहारों के बाद शादी-विवाह के सीजन से ज्वेलरी की मांग को समर्थन मिलने की उम्मीद है। हालांकि, रिकॉर्ड के करीब कीमतों के कारण ग्राहक खरीदारी के समय मात्रा और बजट को लेकर सतर्क रह सकते हैं।
कुल मिलाकर, धनतेरस पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के बावजूद ज्वेलरी उद्योग को 60,000 करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद है। पूरे सप्ताह सोने में आई करीब 5 प्रतिशत की तेजी बताती है कि बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में खरीदारों और निवेशकों दोनों के लिए बाजार के रुझान पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा।
Source: इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA), ऑल इंडिया सर्राफा संघ और ज्वेलरी उद्योग के शुरुआती कारोबार अनुमानों पर आधारित।
डिस्क्लेमर: सोने और चांदी की कीमतों में बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बदलाव होता रहता है। इस लेख में दी गई जानकारी समाचार और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। इसे निवेश की सलाह न समझें। निवेश या खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार में ताजा भाव और संबंधित विशेषज्ञों से जानकारी जरूर प्राप्त करें।


