Gold-Silver ETF Fall: शेयर बाजार में आज बिकवाली का दबाव देखने को मिला, लेकिन गोल्ड और सिल्वर ETF में गिरावट ने निवेशकों को ज्यादा चौंकाया। कई प्रमुख ETF 4% तक नीचे आ गए। अमेरिकी फेड की सख्त नीति के संकेत और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया।
Gold-Silver ETF Crash: घरेलू शेयर बाजार में सोमवार, 31 अगस्त को कमजोरी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों आधे फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। हालांकि, शेयर बाजार की तुलना में गोल्ड ETF और सिल्वर ETF में कहीं ज्यादा बिकवाली देखने को मिली।
कई प्रमुख सिल्वर ETF करीब 4% तक टूट गए, जबकि गोल्ड ETF में भी 3% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी का सीधा असर घरेलू ETF पर दिखाई दिया।
इस गिरावट के पीछे मुख्य तौर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई का दबाव बढ़ने को जिम्मेदार माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी दबाव में
सोने की कीमतों में शुक्रवार को 3% से अधिक की गिरावट आई थी। यह जून की शुरुआत के बाद सोने की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट बताई गई। इसके बाद सोमवार को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी बनी रही।
सिंगापुर में कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड करीब 0.7% गिरकर 4,422.75 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, सिल्वर की कीमत भी करीब 0.4% की गिरावट के साथ 66.12 डॉलर प्रति औंस रही।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की इस कमजोरी का असर भारतीय बुलियन मार्केट और कमोडिटी एक्सचेंज पर भी नजर आया।
MCX Gold और Silver भी हुए कमजोर
घरेलू बाजार की बात करें तो MCX Gold करीब 1.14% की गिरावट के साथ ₹1,54,496 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
इसी तरह MCX Silver Futures में करीब 1.28% की कमजोरी आई और इसकी कीमत घटकर लगभग ₹2,39,341 प्रति किलोग्राम रह गई।
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का असर उन ETF पर भी पड़ा, जो इन कीमती धातुओं की कीमतों को ट्रैक करते हैं।
Silver ETF में Gold ETF से ज्यादा गिरावट
31 अगस्त को सिल्वर ETF में गोल्ड ETF की तुलना में ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। प्रमुख सिल्वर ETF का प्रदर्शन इस तरह रहा:
- SBI Silver ETF: 4.05% गिरकर ₹226.55
- Nippon India Silver ETF (Silver BeES): 4.06% गिरकर ₹221.07
- Tata Silver ETF: 3.98% गिरकर ₹22.44
- ICICI Prudential Silver ETF: 3.87% गिरकर ₹231.21
यानी प्रमुख सिल्वर ETF में लगभग 4% तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे पता चलता है कि सोमवार को सिल्वर ETF पर बिकवाली का दबाव गोल्ड ETF से भी ज्यादा रहा।
Gold ETF भी 3% से ज्यादा टूटे
सिर्फ सिल्वर ETF ही नहीं, बल्कि गोल्ड ETF में भी तेज गिरावट देखने को मिली। प्रमुख गोल्ड ETF की स्थिति देखें तो:
- ICICI Prudential Gold ETF: 3.59% गिरकर ₹130.75
- SBI Gold ETF: 3.50% गिरकर ₹130.30
- Nippon India ETF Gold BeES: 3.48% गिरकर ₹126.30
- Tata Gold ETF: 3.19% गिरकर ₹14.87
इस तरह प्रमुख गोल्ड ETF में भी 3% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।
क्यों गिर रहा है सोना और चांदी?
सोने और चांदी में आई कमजोरी के पीछे इस समय दो बड़े कारण नजर आ रहे हैं। पहला कारण अमेरिकी फेड की मौद्रिक नीति को लेकर बढ़ती सख्ती की आशंका है।
दूसरा कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और उससे जुड़ी महंगाई की चिंता है।
1. US Fed के सख्त रुख का असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सालाना जैक्सन होल कॉन्फ्रेंस में केविन वॉर्श की टिप्पणियों ने बाजार की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों को प्रभावित किया। महंगाई को अमेरिकी केंद्रीय बैंक के 2% लक्ष्य तक लाने पर जोर दिए जाने के बाद बाजार में फेड के अपेक्षाकृत सख्त रुख की आशंका बढ़ी।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी या लंबे समय तक ऊंची दरें बने रहने की उम्मीद आमतौर पर सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती है। ऐसे माहौल में निवेशकों का झुकाव ब्याज देने वाले बॉन्ड और अन्य एसेट्स की ओर बढ़ सकता है।
इसी वजह से फेड के रुख में सख्ती के संकेत मिलते ही कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला।
2. कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई महंगाई की चिंता
दूसरा बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के रॉकेट लॉन्चरों पर कार्रवाई की खबरों के बाद बाजार में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ीं।
तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दरों में नरमी लाना मुश्किल हो सकता है।
यही वजह है कि तेल की कीमतों में तेजी और फेड की ब्याज दर नीति को लेकर अनिश्चितता ने मिलकर सोने-चांदी पर दबाव बढ़ाया।
Gold और Silver ETF में गिरावट से निवेशकों को क्या समझना चाहिए?
गोल्ड और सिल्वर ETF की कीमतें सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सोने-चांदी की कीमतों से प्रभावित होती हैं। इसलिए जब बुलियन मार्केट में तेज गिरावट आती है, तो ETF में भी उसका असर दिखाई दे सकता है।
हालांकि, किसी एक दिन की गिरावट को देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। ETF में निवेश से पहले उसके ट्रैकिंग एरर, एक्सपेंस रेशियो, लिक्विडिटी और underlying asset की कीमतों को भी देखना चाहिए।
खासकर सिल्वर, गोल्ड की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला कमोडिटी एसेट हो सकता है। इसलिए सिल्वर ETF में एक दिन की गिरावट गोल्ड ETF की तुलना में ज्यादा होना असामान्य नहीं है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
Gold और Silver ETF में आई तेज गिरावट को केवल शेयर बाजार की कमजोरी से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा, डॉलर, बॉन्ड यील्ड, महंगाई और कच्चे तेल की कीमतें कीमती धातुओं की चाल को प्रभावित करने वाले अहम फैक्टर हैं।
इसलिए निवेशकों को केवल एक दिन के उतार-चढ़ाव के आधार पर खरीदारी या बिक्री का फैसला करने के बजाय अपनी निवेश अवधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना और शैक्षणिक उद्देश्य से है। शेयर बाजार और ETF में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम क्षमता के अनुसार योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। NewsJagran किसी भी तरह के निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता।


