US Airstrikes on Iran: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के कई शहरों में हवाई हमले किए हैं, जिनके बाद राजधानी तेहरान समेत पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। ईरानी मीडिया के अनुसार खोंदाब, खुर्रमबाद और बोरुजर्द समेत कई इलाकों में जोरदार धमाके हुए हैं, जबकि खाड़ी क्षेत्र के आसमान में अमेरिकी रिफ्यूलिंग और निगरानी विमान लगातार सक्रिय दिखाई दिए हैं। इस घटनाक्रम ने पूरे मध्य-पूर्व में एक बार फिर बड़े युद्ध की आशंकाओं को बढ़ा दिया है।
ईरान के कई शहरों में गूंजे धमाके
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हमलों के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
खोंदाब (Khondab)
मरकजी प्रांत के खोंदाब शहर के बाहरी इलाके में दो बड़े हवाई हमलों की सूचना मिली है। स्थानीय अधिकारियों ने विस्फोटों की पुष्टि की है। यह इलाका अपनी सामरिक अहमियत के कारण लंबे समय से संवेदनशील माना जाता है।
खुर्रमबाद (Khorramabad)
राजधानी तेहरान से करीब 490 किलोमीटर दूर स्थित खुर्रमबाद शहर में लगातार कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार विस्फोट काफी शक्तिशाली थे, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं।
बोरुजर्द (Borujerd)
पश्चिमी ईरान के बोरुजर्द शहर के आसपास भी कई धमाकों की खबर सामने आई है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि किन ठिकानों को निशाना बनाया गया।
तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम हुआ एक्टिव
हमलों के बाद ईरान ने राजधानी तेहरान और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अप्रैल में संघर्षविराम के बाद पहली बार राजधानी के ऊपर एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किया गया है।
हालांकि अभी तक तेहरान शहर के भीतर सीधे हमले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बाहरी इलाकों में बढ़ी सैन्य हलचल के चलते मिसाइल रक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया। ईरानी अधिकारियों ने नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।
खाड़ी के आसमान में अमेरिकी सैन्य गतिविधि तेज
फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स के अनुसार अमेरिकी वायुसेना के कई विशेष विमान क्षेत्र में लगातार उड़ान भरते देखे गए।
इनमें शामिल हैं:
- तीन KC-135 Stratotanker रिफ्यूलिंग विमान
- दो KC-46A Pegasus एयर-टैंकर
- एक E-3 Sentry AWACS निगरानी विमान
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक ट्रैकिंग में दिखाई देने वाले विमान केवल ऑपरेशन का सीमित हिस्सा हैं। इसके अलावा कई स्टील्थ फाइटर जेट्स और अन्य सैन्य विमान भी मिशन में शामिल हो सकते हैं, जिनकी गतिविधियां सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं देतीं।
ईरान का सख्त संदेश
हमलों के बाद ईरान के वरिष्ठ नेता और वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने कहा कि ईरान ने कभी युद्ध की शुरुआत नहीं की, लेकिन यदि देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों पर हमला होगा तो उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कूटनीति और बातचीत ईरान की रणनीति का हिस्सा हैं, लेकिन इन्हें कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।
गालीबाफ ने यह भी संकेत दिया कि यदि अमेरिका के साथ हुए समझौतों से ईरान को अपेक्षित आर्थिक और रणनीतिक लाभ नहीं मिलता है, तो भविष्य में उन समझौतों का पालन जारी रखने पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
क्या बढ़ सकता है मध्य-पूर्व में तनाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रहती है, तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। खाड़ी क्षेत्र में तेल आपूर्ति, वैश्विक ऊर्जा बाजार, शिपिंग रूट और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में पहले ही तेज उछाल देखा जा रहा है और निवेशकों की नजर अब दोनों देशों की अगली सैन्य और कूटनीतिक रणनीति पर टिकी हुई है।
फिलहाल क्या स्थिति है?
- अमेरिका ने ईरान के कई शहरों में हवाई हमले किए।
- खोंदाब, खुर्रमबाद और बोरुजर्द में विस्फोटों की पुष्टि हुई।
- तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया गया।
- अमेरिकी रिफ्यूलिंग और AWACS विमान खाड़ी क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे।
- ईरान ने कहा कि वह युद्ध नहीं चाहता, लेकिन किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
नोट: इस तरह के सैन्य घटनाक्रम तेजी से बदलते रहते हैं। हताहतों, नुकसान और आगे की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी समय के साथ बदल सकती है। नवीनतम आधिकारिक अपडेट संबंधित सरकारी एजेंसियों और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से ही पुष्टि की जानी चाहिए।


