Foreign Exchange Reserves: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार एक बार फिर 700 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 7 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 14.136 अरब डॉलर की जोरदार बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 707.002 अरब डॉलर हो गया है।
खास बात यह है कि विदेशी मुद्रा भंडार में यह लगातार छठे सप्ताह बढ़ोतरी है। इससे पहले 31 जुलाई को समाप्त सप्ताह में भी रिजर्व में 10.512 अरब डॉलर का इजाफा हुआ था। मौजूदा स्तर करीब चार महीने का उच्च स्तर है। हालांकि, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अभी भी 27 फरवरी 2026 के 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड हाई से नीचे है।
लगातार छठे सप्ताह बढ़ा विदेशी मुद्रा भंडार
RBI के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 7 अगस्त को समाप्त सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 14.136 अरब डॉलर की वृद्धि हुई। इससे कुल रिजर्व 707.002 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार हो रही वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है। पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार देश को अंतरराष्ट्रीय भुगतान, आयात जरूरतों और वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव के दौरान सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में 9.946 अरब डॉलर की बढ़ोतरी
कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ा हिस्सा Foreign Currency Assets (FCA) का होता है। 7 अगस्त को समाप्त सप्ताह में FCA में 9.946 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 574.625 अरब डॉलर हो गया।
इससे पिछले सप्ताह FCA में 8.750 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई थी।
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राओं में होने वाले मूल्य परिवर्तन का असर भी शामिल होता है। इसलिए वैश्विक मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव का असर भारत के FCA पर दिखाई दे सकता है।
सोने के भंडार की वैल्यू भी बढ़ी
समीक्षाधीन सप्ताह में RBI के गोल्ड रिजर्व के मूल्य में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, सोने के भंडार की वैल्यू 3.995 अरब डॉलर बढ़कर 108.738 अरब डॉलर हो गई।
इससे पिछले सप्ताह गोल्ड रिजर्व के मूल्य में 1.685 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी।
मार्च 2026 के अंत में RBI के पास करीब 880.52 टन सोना था। विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी भी महत्वपूर्ण है। सोने की कीमतों में तेजी या गिरावट से रिजर्व के डॉलर मूल्य पर सीधा असर पड़ सकता है।
SDR रिजर्व में भी मामूली बढ़ोतरी
RBI के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में भारत के Special Drawing Rights (SDR) में 79 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई। इसके बाद SDR रिजर्व बढ़कर 18.745 अरब डॉलर हो गया।
इससे पिछले सप्ताह SDR में 48 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
IMF के पास रिजर्व भी बढ़ा
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF के पास भारत के रिजर्व पोजिशन में भी बढ़ोतरी हुई है। 7 अगस्त को समाप्त सप्ताह में इसमें 116 मिलियन डॉलर का इजाफा हुआ।
इसके बाद IMF के पास भारत का रिजर्व बढ़कर 4.894 अरब डॉलर हो गया। इससे पिछले सप्ताह इसमें 28 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी।
भारत के लिए क्यों अहम है बढ़ता विदेशी मुद्रा भंडार?
भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार बेहद महत्वपूर्ण है। कच्चे तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और अन्य जरूरी सामान के आयात के लिए बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा की जरूरत होती है।
मजबूत रिजर्व से देश को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के समय अपनी बाहरी भुगतान जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, रुपये पर अत्यधिक दबाव आने की स्थिति में भी पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार RBI को बाजार में हस्तक्षेप करने की क्षमता देता है।
लगातार छह सप्ताह तक विदेशी मुद्रा भंडार में हुई बढ़ोतरी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भारत की बाहरी वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलती है। हालांकि, रिजर्व के आंकड़ों का आकलन करते समय डॉलर की चाल, सोने की कीमत और विदेशी मुद्रा बाजार में बदलाव जैसे कारकों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
निष्कर्ष: 7 अगस्त 2026 तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 707.002 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। FCA, गोल्ड रिजर्व, SDR और IMF रिजर्व—सभी प्रमुख घटकों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लगातार छठे सप्ताह की यह वृद्धि भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति के लिए सकारात्मक संकेत है।


