नई दिल्ली: भारत से कृषि और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों का निर्यात लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। बासमती चावल, मसाले, ताजे फल-सब्जियां, शहद, डेयरी उत्पाद, रेडी-टू-ईट फूड और ऑर्गेनिक उत्पादों की विदेशों में मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अगर आप भी Food Processing Unit, कृषि उत्पाद या एग्री-बिजनेस से जुड़े हैं और अपने उत्पादों को विदेश भेजकर डॉलर में कमाई करना चाहते हैं, तो APEDA (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority) की भूमिका समझना बेहद जरूरी है।
APEDA निर्यातकों को रजिस्ट्रेशन, गुणवत्ता मानकों, अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच और विभिन्न सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Highlights
- APEDA कृषि एवं प्रोसेस्ड फूड निर्यात को बढ़ावा देने वाली प्रमुख सरकारी संस्था।
- निर्यात शुरू करने के लिए IEC, RCMC, FSSAI और GST जैसे रजिस्ट्रेशन जरूरी।
- APEDA गुणवत्ता, पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने में करता है मदद।
- ऑर्गेनिक उत्पादों के लिए NPOP सर्टिफिकेशन की सुविधा भी उपलब्ध।
APEDA क्या है?
APEDA (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority) की स्थापना भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि एवं प्रोसेस्ड खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी।
यदि कोई व्यक्ति या कंपनी फल, सब्जियां, अनाज, बासमती चावल, मसाले, डेयरी उत्पाद, मीट, पोल्ट्री, शहद, बिस्किट, पेय पदार्थ, रेडी-टू-ईट फूड या अन्य प्रोसेस्ड फूड का निर्यात करना चाहती है, तो APEDA उसका प्रमुख सहयोगी संस्थान होता है।
APEDA क्या-क्या काम करता है?
APEDA केवल रजिस्ट्रेशन ही नहीं करता बल्कि निर्यातकों को कई स्तरों पर सहायता भी उपलब्ध कराता है।
1. RCMC जारी करना
कृषि एवं प्रोसेस्ड फूड उत्पादों के निर्यातकों को Registration Cum Membership Certificate (RCMC) जारी करता है, जो कई मामलों में आवश्यक दस्तावेज होता है।
2. गुणवत्ता और पैकेजिंग मानक तय करना
विदेशी बाजारों की आवश्यकताओं के अनुसार उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और लेबलिंग से जुड़े मानकों को निर्धारित करने में मदद करता है।
3. अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच
APEDA भारतीय उत्पादों का विदेशों में प्रचार-प्रसार करता है और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय फूड एक्सपो एवं व्यापार मेलों में भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराता है।
4. प्रशिक्षण और मार्गदर्शन
नए निर्यातकों को एक्सपोर्ट प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, दस्तावेजीकरण और विदेशी बाजारों की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
5. ऑर्गेनिक उत्पादों को बढ़ावा
ऑर्गेनिक उत्पादों के लिए NPOP (National Programme for Organic Production) प्रमाणन प्रणाली का संचालन भी APEDA करता है, जिससे भारतीय ऑर्गेनिक उत्पादों की वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ती है।
Food Export शुरू करने के लिए कौन-कौन से रजिस्ट्रेशन जरूरी हैं?
यदि आप पहली बार कृषि या प्रोसेस्ड फूड का निर्यात शुरू करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित दस्तावेज जरूरी होंगे।
- PAN Card
- Current Bank Account
- IEC (Import Export Code) – DGFT से प्राप्त करना अनिवार्य
- APEDA RCMC Registration
- FSSAI License
- GST Registration
- जिस पोर्ट से माल भेजा जाएगा, वहां बैंक का AD Code Registration
इन दस्तावेजों के बिना निर्यात प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल हो सकता है।
APEDA में रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
यदि आप APEDA के साथ जुड़ना चाहते हैं, तो प्रक्रिया काफी आसान है।
स्टेप 1: सबसे पहले DGFT से IEC (Import Export Code) प्राप्त करें।
स्टेप 2: इसके बाद DGFT के e-RCMC Portal पर लॉगिन कर आवेदन करें।
स्टेप 3: आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
स्टेप 4: दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद RCMC जारी कर दिया जाता है।
अब APEDA की RCMC प्रक्रिया DGFT के e-RCMC सिस्टम से जुड़ी हुई है, जिससे आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और डिजिटल हो गई है।
APEDA से जुड़ने का फायदा क्या है?
APEDA के साथ पंजीकरण कराने के बाद निर्यातकों को कई प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं।
- अंतरराष्ट्रीय बाजारों की जानकारी
- विदेशी खरीदारों तक पहुंच
- गुणवत्ता सुधार संबंधी मार्गदर्शन
- एक्सपोर्ट प्रमोशन कार्यक्रमों में भागीदारी
- सरकारी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों का लाभ
- भारतीय उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग में सहयोग
किन उत्पादों का निर्यात APEDA के तहत किया जा सकता है?
APEDA के दायरे में आने वाले प्रमुख उत्पादों में शामिल हैं—
- फल एवं सब्जियां
- बासमती और अन्य चावल
- अनाज
- मसाले (कुछ श्रेणियां)
- डेयरी उत्पाद
- मीट एवं पोल्ट्री उत्पाद
- शहद
- बिस्किट और बेकरी उत्पाद
- रेडी-टू-ईट फूड
- पेय पदार्थ
- ऑर्गेनिक कृषि उत्पाद
- प्रोसेस्ड फूड आइटम
भारत के Food Export में लगातार बढ़ रही है संभावनाएं
भारत दुनिया के प्रमुख कृषि उत्पादक देशों में शामिल है। सरकार भी ‘मेक इन इंडिया’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)’ और कृषि निर्यात को बढ़ावा देने वाली कई योजनाओं के जरिए किसानों, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और MSME उद्यमियों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। ऐसे में सही रजिस्ट्रेशन और गुणवत्ता मानकों का पालन करके छोटे व्यवसाय भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं और विदेशी मुद्रा में अच्छी कमाई कर सकते हैं।


