नई दिल्ली: भारतीय बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रमुख बैंकिंग समूह Emirates NBD ने निजी क्षेत्र के RBL Bank में करीब 2.75 अरब डॉलर (लगभग ₹26,000 करोड़) का निवेश कर 60% बहुमत हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इस सौदे के बाद RBL Bank में Emirates NBD की पकड़ मजबूत हो गई है और बैंक के प्रबंधन एवं भविष्य की रणनीति में उसकी अहम भूमिका होगी।
Highlights
- Emirates NBD ने RBL Bank में 60% हिस्सेदारी हासिल की।
- करीब ₹26,000 करोड़ के निवेश से बैंक को मिला बड़ा पूंजी समर्थन।
- RBL Bank के बोर्ड में Emirates NBD के पांच वरिष्ठ अधिकारियों की एंट्री।
- भारत और UAE के बीच बैंकिंग एवं वित्तीय सहयोग को मिली नई मजबूती।
- बैंक की पूंजी पर्याप्तता और विस्तार योजनाओं को मिलेगा बल।
82 साल पुराने भारतीय बैंक में विदेशी निवेश की बड़ी एंट्री
RBL Bank देश के पुराने निजी बैंकों में गिना जाता है। UAE के बैंकिंग दिग्गज Emirates NBD ने बैंक में निवेश कर बहुमत हिस्सेदारी अपने नाम कर ली है। यह सौदा पहली बार अक्टूबर 2025 में घोषित किया गया था। सभी नियामकीय मंजूरियां मिलने और शेयरों के प्रेफरेंशियल इश्यू तथा ओपन ऑफर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब यह सौदा औपचारिक रूप से पूरा हो गया है।
इस निवेश के साथ Emirates NBD की हिस्सेदारी बढ़कर 60% हो गई है, जिससे बैंक के रणनीतिक फैसलों में उसकी निर्णायक भूमिका होगी।
RBL Bank के बोर्ड में शामिल होंगे UAE बैंक के अधिकारी
सौदे के पूरा होने के बाद RBL Bank के निदेशक मंडल में Emirates NBD के पांच वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त गैर-कार्यकारी और गैर-स्वतंत्र निदेशक के रूप में शामिल करने की मंजूरी दी गई है।
इनमें शामिल हैं:
- Shayne Nelson (ग्रुप CEO)
- Patrick Sullivan (ग्रुप CFO)
- Neeraj Makin (ग्रुप हेड ऑफ स्ट्रेटेजी)
- Manoj Chawla (ग्रुप चीफ रिस्क ऑफिसर)
- Marwan Hadi (रिटेल बैंकिंग एवं वेल्थ मैनेजमेंट प्रमुख)
बैंक के अनुसार ये सभी अधिकारी Emirates NBD के नामित प्रतिनिधि होंगे और नियामकीय प्रावधानों के तहत कार्य करेंगे।
RBL Bank को मिलेगा मजबूत वित्तीय आधार
RBL Bank के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर. सुब्रमणियाकुमार के अनुसार, यह निवेश बैंक के लिए दीर्घकालिक विकास का मजबूत आधार तैयार करेगा। ₹26,000 करोड़ की नई पूंजी से बैंक की बैलेंस शीट मजबूत होगी और पूंजी पर्याप्तता अनुपात (Capital Adequacy Ratio) में सुधार आएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश से बैंक को:
- नए कारोबार विस्तार में मदद मिलेगी।
- डिजिटल बैंकिंग और तकनीकी निवेश बढ़ेगा।
- ग्राहक सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा।
- कॉरपोरेट और रिटेल बैंकिंग नेटवर्क का विस्तार होगा।
भारत-UAE साझेदारी को मिलेगा नया आयाम
Emirates NBD के चेयरमैन Ahmed bin Saeed Al Maktoum ने कहा कि यह सौदा भारत और UAE के बीच मजबूत आर्थिक एवं रणनीतिक संबंधों का प्रतीक है। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच वर्षों से चला आ रहा विश्वास और सहयोग अब बैंकिंग क्षेत्र में भी नई ऊंचाई हासिल करेगा।
वहीं ग्रुप CEO Shayne Nelson ने कहा कि RBL Bank का घरेलू नेटवर्क और Emirates NBD की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी मिलकर ग्राहकों और कारोबार दोनों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।
भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए क्यों अहम है यह सौदा?
भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बैंकिंग बाजारों में शामिल है। ऐसे में किसी विदेशी बैंक द्वारा निजी क्षेत्र के बैंक में इतनी बड़ी हिस्सेदारी खरीदना एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। इससे विदेशी निवेशकों का भारतीय बैंकिंग क्षेत्र पर भरोसा भी दिखाई देता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह सौदा भविष्य में भारत में और बड़े विदेशी निवेशों का रास्ता खोल सकता है, खासकर बैंकिंग, फिनटेक और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में।
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