देश में बैंकिंग धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Enforcement Directorate (ED) ने अब तक ₹64,920 करोड़ की संपत्ति अटैच (जब्त) की है। यह जानकारी खुद Nirmala Sitharaman ने लोकसभा में दी।
यह आंकड़ा देश में बढ़ते बैंक फ्रॉड मामलों पर सरकार की सख्त कार्रवाई को दर्शाता है और वित्तीय अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
वित्त मंत्री के अनुसार, ED ने अब तक 1,105 बैंक फ्रॉड मामलों की जांच की है, जिनमें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई की गई।
- कुल अटैच संपत्ति: ₹64,920 करोड़
- गिरफ्तार आरोपी: 150 से अधिक
- दाखिल चार्जशीट (प्रॉसिक्यूशन शिकायत): 277
- कुछ आरोपी घोषित: फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर
यह कार्रवाई बड़े स्तर पर वित्तीय घोटालों पर नियंत्रण के लिए की गई है।
FEOA कानून क्या है और क्यों अहम है?

सरकार ने बैंक फ्रॉड और आर्थिक अपराधों से निपटने के लिए Fugitive Economic Offenders Act (FEOA), 2018 लागू किया था।
इस कानून के तहत:
- देश छोड़कर भागने वाले आर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्त की जा सकती है
- उन्हें भारत में कानूनी रूप से जवाबदेह बनाया जाता है
- ₹100 करोड़ या उससे अधिक के मामलों में यह कानून लागू होता है
इससे सरकार को बड़े घोटालेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में मदद मिली है।
जब्त संपत्ति का क्या हुआ?
वित्त मंत्री ने बताया कि:
- कुल ₹15,186 करोड़ की संपत्ति जब्त (confiscate) की गई
- इसमें से ₹15,183 करोड़ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वापस किए गए
इससे बैंकों को हुए नुकसान की भरपाई में मदद मिली है और वित्तीय प्रणाली को मजबूत किया गया है।
बैंक फ्रॉड पर सरकार की सख्ती
सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में बैंक धोखाधड़ी के खिलाफ कई बड़े कदम उठाए हैं:
- ED की सक्रिय जांच
बड़े घोटालों में लगातार छापेमारी और संपत्ति अटैचमेंट - कानूनी ढांचा मजबूत
PMLA और FEOA जैसे कानूनों को प्रभावी बनाया गया - बैंकों को राहत
जब्त संपत्तियों को वापस करके नुकसान कम किया गया - अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई
विदेश भागे आरोपियों पर भी कार्रवाई
क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्रवाई?
- बैंकिंग सिस्टम में भरोसा बढ़ेगा
- आर्थिक अपराधों पर लगाम लगेगी
- घोटालेबाजों के लिए कड़ा संदेश
- जनता के पैसे की सुरक्षा
यह कार्रवाई दिखाती है कि सरकार अब बड़े वित्तीय अपराधों को लेकर पहले से ज्यादा सख्त है।
निष्कर्ष
Enforcement Directorate द्वारा ₹64,920 करोड़ की संपत्ति जब्त करना भारत में बैंक फ्रॉड के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है।
Nirmala Sitharaman के इस बयान से साफ है कि सरकार आर्थिक अपराधियों पर लगातार नजर रख रही है और उन्हें बख्शने के मूड में नहीं है।
आने वाले समय में इस तरह की कार्रवाई वित्तीय पारदर्शिता और बैंकिंग सिस्टम को और मजबूत बनाएगी।
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