E20 Petrol Mileage News: E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर लंबे समय से यह दावा किया जा रहा है कि इससे गाड़ियों का माइलेज काफी कम हो जाता है और इंजन पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। अब इस पूरे विवाद पर केंद्र सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्वीकार किया है कि E20 पेट्रोल से माइलेज में हल्की कमी आ सकती है, लेकिन यह गिरावट बेहद मामूली होती है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि E20 ईंधन के इस्तेमाल से वाहन के इंश्योरेंस कवर पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा।
Highlights
- E20 पेट्रोल से माइलेज में मामूली कमी की बात सरकार ने स्वीकार की।
- केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर चल रहे कई दावों को भ्रामक बताया।
- E20 ईंधन से इंजन की नॉकिंग कम होने और पिकअप बेहतर होने का दावा।
- बीमा कंपनियों ने स्पष्ट किया कि E20 के इस्तेमाल से इंश्योरेंस कवर प्रभावित नहीं होगा।
- सरकार ने इथेनॉल मिश्रण पर 15 पन्नों का विस्तृत नोट जारी करने की तैयारी की।
E20 पेट्रोल से माइलेज कम होता है?
नई दिल्ली: देशभर में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी बीच कई सोशल मीडिया वीडियो और पोस्ट में दावा किया गया कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से गाड़ियों का माइलेज काफी घट जाता है। इस पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि माइलेज में थोड़ी बहुत कमी हो सकती है, लेकिन यह बेहद मामूली होती है और इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसी वाहन का माइलेज केवल ईंधन पर निर्भर नहीं करता। ड्राइविंग स्टाइल, ट्रैफिक, सड़क की स्थिति, टायर प्रेशर और वाहन की सर्विसिंग जैसे कई अन्य कारक भी माइलेज को प्रभावित करते हैं।
E20 से बढ़ता है गाड़ी का पिकअप
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, इथेनॉल मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल करने से वाहन के प्रदर्शन में भी सुधार देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि E20 पेट्रोल से:
- गाड़ी का एक्सेलेरेशन (पिकअप) बेहतर होता है।
- इंजन की नॉकिंग (खटखटाहट) कम होती है।
- दहन प्रक्रिया अधिक प्रभावी होती है।
- उत्सर्जन में कमी लाने में भी मदद मिलती है।
सरकार का कहना है कि इन फायदों को देखते हुए ही देश में इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इंश्योरेंस कवर पर सरकार ने दिया बड़ा बयान
E20 पेट्रोल को लेकर यह भी अफवाह फैल रही थी कि इसके इस्तेमाल से वाहन का इंश्योरेंस क्लेम प्रभावित हो सकता है। इस पर हरदीप सिंह पुरी ने साफ कहा कि बीमा कंपनियां पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि E20 ईंधन के उपयोग से वाहन के इंश्योरेंस कवरेज पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
यानी यदि आपकी गाड़ी E20 पेट्रोल का उपयोग करती है तो केवल इसी वजह से आपका इंश्योरेंस अमान्य नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों को बताया भ्रामक
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर कई भ्रामक वीडियो और एडिटेड क्लिप शेयर की जा रही हैं। उनका उद्देश्य लोगों के मन में भ्रम और डर पैदा करना है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट दावों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर विश्वास करें।
15 पन्नों का विस्तृत नोट तैयार
सरकार ने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को लेकर 15 पन्नों का विस्तृत नोट तैयार किया है। इसमें E20 पेट्रोल से जुड़े लगभग सभी प्रमुख सवालों के जवाब दिए गए हैं।
इस नोट में बताया गया है:
- भारत में इथेनॉल ब्लेंडिंग की पूरी यात्रा।
- दुनिया के अन्य देशों में इथेनॉल के उपयोग का अनुभव।
- E20 से जुड़े मिथक और तथ्य।
- वाहन मालिकों की आम शंकाओं का समाधान।
पूरी टेस्टिंग के बाद लिया गया फैसला
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत में E20 लागू करने का फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया। इसके लिए SIAM (Society of Indian Automobile Manufacturers) और ARAI (Automotive Research Association of India) सहित सभी संबंधित संस्थाओं के साथ व्यापक परीक्षण और तकनीकी मूल्यांकन किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि पेट्रोल में 25 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण (E25) की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा, तो उससे पहले भी सभी जरूरी परीक्षण और उद्योग से व्यापक चर्चा की जाएगी।
E20 पेट्रोल क्या है?
E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है।
सरकार का उद्देश्य इथेनॉल मिश्रण बढ़ाकर:
- कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना,
- किसानों की आय बढ़ाना,
- विदेशी मुद्रा की बचत करना,
- और कार्बन उत्सर्जन घटाना है।
निष्कर्ष
E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे माइलेज में हल्की और सीमित कमी संभव है, लेकिन इसे लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे कई दावे भ्रामक हैं। सरकार का कहना है कि E20 ईंधन से वाहन के प्रदर्शन और पर्यावरण दोनों को लाभ मिलता है, जबकि वाहन के इंश्योरेंस कवर पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। आने वाले समय में भी सरकार सभी वैज्ञानिक परीक्षणों और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर ही इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को आगे बढ़ाएगी।


