Dussehra Bonus 2026: दशहरा से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों ने मौजूदा बोनस सीलिंग में बड़ा बदलाव करने की मांग उठाई है। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने कैबिनेट सचिव को पत्र भेजकर बोनस की मौजूदा ₹7,000 की सीमा को बढ़ाकर ₹21,000 करने की मांग की है।
इस मांग के पीछे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से बोनस पात्रता को लेकर जारी नई अधिसूचना को आधार बनाया गया है। ऐसे में कर्मचारियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस साल दशहरा से पहले उन्हें संशोधित और पहले से तीन गुना अधिक बोनस मिल सकता है?
NC-JCM ने कैबिनेट सचिव को भेजा पत्र
केंद्रीय कर्मचारियों की ओर से मांग उठाते हुए NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने 27 अगस्त 2026 को कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा है। इसमें आगामी दशहरा को देखते हुए बोनस से जुड़े आदेश जल्द जारी करने का आग्रह किया गया है।
पत्र में कहा गया है कि सरकार जल्द ही प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB), बोनस और एड-हॉक बोनस से संबंधित आदेश जारी कर सकती है। ऐसे में कर्मचारी संगठन चाहता है कि बोनस की मौजूदा सीलिंग को भी संशोधित किया जाए।
NC-JCM ने अपनी 49वीं बैठक में आधिकारिक पक्ष की ओर से दिए गए आश्वासन का हवाला देते हुए मांग की है कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बोनस की सीमा ₹7,000 से बढ़ाकर ₹21,000 की जाए।
श्रम मंत्रालय की नई अधिसूचना से क्यों बढ़ी उम्मीद?
कर्मचारी संगठनों की मांग को बल श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की 25 अगस्त 2026 की अधिसूचना से मिला है। इसमें बोनस की पात्रता से संबंधित वेतन सीमा में बदलाव किया गया है।
बताया गया है कि कोड ऑन वेजेस, 2019 की धारा 26(1) के तहत जारी अधिसूचना S.O. 4711(E) में ₹21,000 प्रति माह तक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को बोनस के दायरे में रखा गया है। इस प्रावधान को 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना गया है।
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। ₹21,000 की वेतन सीमा और ₹21,000 का बोनस—दो अलग-अलग बातें हैं। नई अधिसूचना में बोनस पात्रता की सीमा बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि हर केंद्रीय कर्मचारी को स्वतः ₹21,000 बोनस मिलना तय हो गया है। बोनस की वास्तविक राशि के लिए केंद्र सरकार को अलग से आदेश जारी करना होगा।
अभी कितनी है बोनस की सीमा?
केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (NPLB) की गणना में लंबे समय से ₹7,000 की सीमा का इस्तेमाल किया जाता रहा है। कर्मचारी संगठन अब इसे मौजूदा परिस्थितियों के अनुरूप बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल का कहना है कि लंबे समय से बोनस की सीमा में अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ है। संगठन का तर्क है कि पिछले वर्षों में न्यूनतम मजदूरी और अन्य वेतन मानकों में काफी बदलाव हो चुका है।
₹27,000 से ज्यादा बोनस का भी दिया गया तर्क
कर्मचारी संगठनों की ओर से बोनस की गणना को लेकर एक और तर्क दिया गया है। अप्रैल 2026 में सरकार द्वारा तय न्यूनतम दैनिक मजदूरी की दरों का हवाला देते हुए कहा गया है कि विभिन्न श्रेणियों की दरें ₹783 से ₹1,035 प्रतिदिन तक हैं।
इन दरों के औसत के आधार पर कर्मचारी संगठन का मानना है कि बोनस की गणना मौजूदा ₹7,000 की सीमा से काफी अधिक होनी चाहिए। उनके अनुसार यह राशि करीब ₹27,694 तक पहुंच सकती है।
हालांकि, यह कर्मचारी संगठनों की ओर से दिया गया दावा और गणना है। इसे केंद्र सरकार की ओर से घोषित अंतिम बोनस राशि नहीं माना जा सकता।
11 मई की बैठक में क्या हुआ था?
बोनस की सीमा बढ़ाने का मुद्दा पहले भी सरकार के सामने उठाया जा चुका है। NC-JCM के मुताबिक, 11 मई 2026 को कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई 49वीं बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई थी।
उस बैठक में सरकार की ओर से कथित तौर पर कहा गया था कि पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट, 1965, जिसे अब कोड ऑन वेजेस, 2019 में शामिल किया गया है, के तहत बोनस की सीलिंग में बदलाव होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस पर भी विचार किया जाएगा।
अब कर्मचारी संगठनों का कहना है कि श्रम मंत्रालय की नई अधिसूचना के बाद सरकार के पास बोनस सीलिंग में बदलाव करने का आधार मौजूद है।
क्या इस दशहरा खाते में आएगा ₹21,000 बोनस?
फिलहाल ₹21,000 बोनस मिलने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ₹21,000 की मांग NC-JCM और अन्य कर्मचारी संगठनों की ओर से की गई है। अब इस मांग पर केंद्र सरकार का फैसला महत्वपूर्ण होगा।
अगर सरकार कर्मचारी संगठनों की मांग स्वीकार करती है और संशोधित बोनस आदेश जारी करती है, तो इस साल दशहरा से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन जब तक केंद्र सरकार की ओर से अंतिम आदेश जारी नहीं होता, तब तक ₹21,000 बोनस को निश्चित भुगतान मानना सही नहीं होगा।
कर्मचारियों के लिए क्या है बड़ा अपडेट?
पूरे मामले को आसान भाषा में समझें तो अभी स्थिति यह है:
- मौजूदा बोनस सीलिंग को बढ़ाने की मांग की गई है।
- NC-JCM ने कैबिनेट सचिव को पत्र भेजा है।
- कर्मचारी संगठन ₹7,000 से ₹21,000 की सीलिंग करने की मांग कर रहे हैं।
- श्रम मंत्रालय ने बोनस पात्रता से जुड़ी वेतन सीमा में ₹21,000 तक का प्रावधान अधिसूचित किया है।
- इससे कर्मचारी संगठनों को उम्मीद बढ़ी है कि केंद्र सरकार बोनस की पुरानी सीमा पर पुनर्विचार कर सकती है।
- लेकिन ₹21,000 बोनस का अंतिम फैसला अभी सरकार की ओर से होना बाकी है।
इसलिए दशहरा से पहले केंद्रीय कर्मचारियों की नजर अब केंद्र सरकार के आगामी बोनस आदेश पर रहेगी। यदि सरकार संशोधित सीलिंग को मंजूरी देती है, तो लंबे समय से बोनस में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को त्योहार से पहले बड़ा फायदा मिल सकता है।


