Digital Gold Regulation: अगर आप मोबाइल ऐप या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल गोल्ड खरीदते हैं, तो आने वाले समय में नियम बदल सकते हैं। केंद्र सरकार डिजिटल गोल्ड सेक्टर के लिए नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य निवेशकों की सुरक्षा बढ़ाना, फर्जी प्लेटफॉर्म पर रोक लगाना और डिजिटल गोल्ड बाजार में पारदर्शिता लाना है।
आज के समय में बहुत से लोग ज्वेलरी खरीदने के बजाय मोबाइल ऐप से कुछ रुपये में डिजिटल गोल्ड खरीदना पसंद कर रहे हैं। कई प्लेटफॉर्म पर लोग सिर्फ 10 रुपये या 100 रुपये से भी सोने में निवेश शुरू कर सकते हैं। लेकिन अभी तक डिजिटल गोल्ड के लिए कोई मजबूत सरकारी निगरानी व्यवस्था नहीं है। इसी वजह से सरकार इस क्षेत्र के लिए नए नियम बनाने की तैयारी कर रही है।
डिजिटल गोल्ड के लिए आ सकता है नया रेगुलेटरी ढांचा
डिजिटल प्रेशियस मेटल्स एश्योरेंस काउंसिल ऑफ इंडिया (DPMACI) ने डिजिटल गोल्ड कारोबार को लेकर वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के साथ कई दौर की बातचीत की है।
इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य ऐसा नियम तैयार करना है जिससे डिजिटल गोल्ड में निवेश करने वाले ग्राहकों के हितों की रक्षा हो सके। साथ ही ऐसे प्लेटफॉर्म पर भी नियंत्रण लगाया जा सके जो ग्राहकों को गलत जानकारी देकर निवेश करा सकते हैं।
DPMACI की चेयरपर्सन निरुपमा सुंदरराजन के अनुसार, भारत में डिजिटल गोल्ड की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में उम्मीद है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र के लिए एक औपचारिक रेगुलेटरी व्यवस्था बनाई जा सकती है।
SafeGold, MMTC-PAMP समेत कई कंपनियां बना रही हैं दबाव
डिजिटल गोल्ड बाजार में भरोसा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उद्योग से जुड़ी कंपनियों और फिनटेक प्लेटफॉर्म ने मिलकर DPMACI की स्थापना की है।
इस संस्था में डिजिटल गोल्ड क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां जैसे SafeGold, MMTC-PAMP, Augmont और फिनटेक प्लेटफॉर्म PhonePe तथा Gullak जैसे नाम शामिल हैं।
संस्था का उद्देश्य डिजिटल गोल्ड बाजार में बेहतर मानक तैयार करना और निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्प उपलब्ध कराना है।
भारत में बढ़ रहा है डिजिटल गोल्ड का बाजार
DPMACI के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में निवेशकों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए करीब 10 टन सोना खरीदा। यह आंकड़ा बताता है कि भारतीय ग्राहकों में डिजिटल गोल्ड को लेकर रुचि लगातार बढ़ रही है।
पहले लोग सोना खरीदने के लिए ज्वेलरी दुकानों पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए घर बैठे सोने में निवेश करना आसान हो गया है।
खासकर युवा निवेशक, जो छोटी रकम से निवेश शुरू करना चाहते हैं, डिजिटल गोल्ड को एक आसान विकल्प मान रहे हैं।
विदेशों में पहले से मौजूद है डिजिटल गोल्ड का मजबूत सिस्टम
डिजिटल गोल्ड का इस्तेमाल सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। तुर्की, इंडोनेशिया, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और चीन जैसे देशों में डिजिटल गोल्ड के लिए बेहतर इकोसिस्टम मौजूद है।
भारत भी इन देशों के मॉडल का अध्ययन कर सकता है ताकि निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जा सके।
डिजिटल गोल्ड क्या होता है?
डिजिटल गोल्ड एक ऐसा निवेश विकल्प है जिसमें ग्राहक ऑनलाइन माध्यम से वास्तविक सोना खरीदते हैं। इसमें निवेशक मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए छोटी रकम से भी 24 कैरेट गोल्ड खरीद सकते हैं।
कंपनियों के अनुसार, खरीदार के नाम पर उतनी मात्रा का वास्तविक सोना सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाता है। ग्राहक जरूरत पड़ने पर इसे ऑनलाइन बेच सकते हैं या फिजिकल गोल्ड के रूप में डिलीवरी भी ले सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति 1,000 रुपये का डिजिटल गोल्ड खरीदता है, तो उसके बराबर मूल्य का सोना कंपनी की ओर से सुरक्षित रखा जाता है।
नए नियम आने से निवेशकों को क्या फायदा होगा?
अगर डिजिटल गोल्ड के लिए नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क लागू होता है तो इससे कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
1. फर्जी प्लेटफॉर्म पर लगेगी रोक
नए नियमों के बाद बिना अनुमति या गलत दावे करने वाले प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई आसान हो सकती है।
2. सोने की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ेगी
निवेशकों को यह जानकारी मिल सकेगी कि खरीदा गया सोना कहां रखा गया है और उसकी सुरक्षा कैसे की जा रही है।
3. कंपनियों की जवाबदेही तय होगी
नियमों के तहत डिजिटल गोल्ड कंपनियों के लिए कुछ मानक तय किए जा सकते हैं, जिससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा।
4. छोटे निवेशकों को मिलेगा फायदा
कम रकम से निवेश करने वाले लोगों को भी बेहतर सुरक्षा मिल सकती है।
डिजिटल गोल्ड में निवेश करते समय रखें इन बातों का ध्यान
हालांकि डिजिटल गोल्ड आसान निवेश विकल्प है, लेकिन निवेशकों को कुछ सावधानियां जरूर रखनी चाहिए।
- केवल भरोसेमंद और स्थापित प्लेटफॉर्म से ही डिजिटल गोल्ड खरीदें।
- कंपनी की गोल्ड स्टोरेज और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जरूर जांचें।
- खरीदने से पहले मेकिंग चार्ज, खरीद-बिक्री अंतर और अन्य शुल्क समझ लें।
- सभी नियम और शर्तों को पढ़ने के बाद ही निवेश करें।
अभी भी पूरी तरह रेगुलेटेड नहीं है डिजिटल गोल्ड
मौजूदा समय में डिजिटल गोल्ड को बैंक एफडी, म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार जैसे निवेश विकल्पों की तरह किसी एक बड़े रेगुलेटर के तहत नियंत्रित नहीं किया जाता है।
यही कारण है कि सरकार और उद्योग संगठन मिलकर ऐसा सिस्टम तैयार करना चाहते हैं जिससे निवेशकों को अधिक सुरक्षा मिल सके।
अगर नए नियम लागू होते हैं, तो भारत में डिजिटल गोल्ड का बाजार और तेजी से बढ़ सकता है और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हो सकता है।
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