दिल्ली में मेट्रो यात्रियों और सड़क से सफर करने वाले लोगों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है। दिल्ली के उप-राज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में यूनिफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर (प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग) सेंटर यानी UTTIPEC की 70वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक हुई। बैठक में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के छह मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन (MMI) प्लान और लोक निर्माण विभाग (PWD), GNCTD के दो प्रमुख सड़क प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई।
बैठक में DDA, दिल्ली सरकार, केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, DMRC, PWD, MCD, NDMC, भारतीय रेलवे, NCRTC समेत कई संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इन परियोजनाओं का फोकस मेट्रो स्टेशनों तक बेहतर कनेक्टिविटी, लास्ट-माइल सुविधा और प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक दबाव कम करने पर है।
इन 6 मेट्रो स्टेशनों के MMI प्लान को मंजूरी
UTTIPEC की बैठक में DMRC के छह मेट्रो स्टेशनों के MMI प्लान को मंजूरी दी गई है। इनमें दिल्ली की अलग-अलग मेट्रो लाइनों के महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं।
मंजूर किए गए MMI प्लान वाले स्टेशनों की सूची इस प्रकार है:
- GTB नगर मेट्रो स्टेशन – येलो लाइन
- सरिता विहार मेट्रो स्टेशन – वायलेट लाइन
- अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन – ब्लू लाइन
- रोहिणी वेस्ट/डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल मेट्रो स्टेशन – रेड लाइन
- मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन – येलो लाइन
- शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन – रेड लाइन
इन योजनाओं के लागू होने के बाद संबंधित मेट्रो स्टेशनों के आसपास यात्रियों की आवाजाही और कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा सकेगा।
करीब 300 मीटर के क्षेत्र में सुधरेगी कनेक्टिविटी
मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन यानी MMI प्लान का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग परिवहन साधनों को एक-दूसरे से बेहतर तरीके से जोड़ना है। आमतौर पर ऐसे प्लान में मेट्रो या अन्य मास रैपिड ट्रांजिट स्टेशन के आसपास लगभग 300 मीटर के क्षेत्र को ध्यान में रखकर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाता है।
इसमें स्टेशन तक पैदल पहुंचने वाले लोगों के लिए बेहतर रास्ते, पैदल यात्रियों की सुरक्षा, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दिया जाता है। इससे मेट्रो स्टेशन और आसपास के रिहायशी, व्यावसायिक या अन्य क्षेत्रों के बीच आवाजाही आसान हो सकती है।
DMRC ने दिल्ली में फेज-1 और फेज-2 के मेट्रो कॉरिडोर के कुल 31 स्टेशनों के लिए MMI प्लान तैयार किए थे। इन छह योजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद UTTIPEC ने इन सभी 31 MMI प्लान को मंजूरी दे दी है।
मां आनंदमयी मार्ग पर बनेगा 5.5 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर
दक्षिणी दिल्ली के लिए भी बैठक में एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को मंजूरी दी गई है। मां आनंदमयी मार्ग पर आउटर रिंग रोड से महरौली-बदरपुर रोड तक करीब 5.5 किलोमीटर लंबा छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।
यह कॉरिडोर आउटर रिंग रोड और महरौली-बदरपुर रोड के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य मां आनंदमयी मार्ग पर मौजूदा ट्रैफिक दबाव को कम करना है।
इसके साथ ही ओखला एस्टेट मार्ग पर क्राउन प्लाजा चौराहे के पास अंडरपास और राउंडअबाउट बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
करीब 12 चौराहों को बायपास करेगा एलिवेटेड रोड
प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर मां आनंदमयी मार्ग पर करीब 12 चौराहों को बायपास करेगा। इससे मुख्य मार्ग पर लंबी दूरी का ट्रैफिक अलग होकर एलिवेटेड रोड से गुजर सकेगा।
मां आनंदमयी मार्ग पर ओखला फेज-1 और फेज-2 इंडस्ट्रियल एरिया से आने वाला ट्रैफिक भी रहता है। अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के कारण सड़क के कई हिस्सों में भीड़ की स्थिति बनती है। एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्देश्य इस ट्रैफिक को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करना है।
वहीं, जमीन के स्तर पर वाहनों का दबाव कम होने से पैदल यात्रियों और नॉन-मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की गुंजाइश बढ़ेगी।
क्राउन प्लाजा चौराहे पर अंडरपास और राउंडअबाउट
ओखला एस्टेट मार्ग पर क्राउन प्लाजा चौराहे के पास प्रस्तावित अंडरपास और राउंडअबाउट भी ट्रैफिक प्रबंधन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य चौराहे पर वाहनों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित करना और ट्रैफिक के दबाव को कम करना है।
एलिवेटेड कॉरिडोर और इस सड़क परियोजना को एक साथ देखने पर दक्षिणी दिल्ली के इस हिस्से में मुख्य मार्ग और स्थानीय ट्रैफिक को अलग-अलग तरीके से संचालित करने की कोशिश की जा रही है।
मुकरबा चौक पर भी ट्रैफिक कम करने की तैयारी
UTTIPEC ने उत्तर-पश्चिम दिल्ली के मुकरबा चौक से जुड़ी एक अन्य महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत आउटर रिंग रोड पर मौजूद रोड ओवर ब्रिज (ROB) को मौजूदा छह लेन से बढ़ाकर 10 लेन किया जाएगा।
इसके अलावा दिल्ली-सोनीपत रेल लाइन के ऊपर एक नया चार लेन का ROB बनाने का प्रस्ताव है। यह नया पुल जहांगीरपुरी इंडस्ट्रियल एरिया को संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर से जोड़ने वाली सड़क का हिस्सा होगा।
मुकरबा चौक और NH-44 पर कम हो सकता है ट्रैफिक दबाव
मौजूदा ROB को चौड़ा करने का उद्देश्य आउटर रिंग रोड पर मुकरबा चौक और मधुबन चौक के बीच यातायात प्रवाह को बेहतर करना है। इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं और यहां ट्रैफिक दबाव का असर आसपास की सड़कों पर भी दिखाई देता है।
नई चार लेन की सड़क और ROB के जरिए जहांगीरपुरी इंडस्ट्रियल एरिया तथा संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर के बीच सीधा कनेक्शन विकसित किया जाएगा। परियोजना से जुड़े अनुमान के मुताबिक, इस वैकल्पिक कनेक्टिविटी के कारण मुकरबा चौक से गुजरने वाले वाहनों की संख्या में करीब 20 फीसदी तक कमी आने की उम्मीद है।
इसका असर मुकरबा चौक के साथ-साथ NH-44 पर ट्रैफिक प्रवाह को बेहतर करने में भी पड़ सकता है।
दिल्ली में मेट्रो और सड़क कनेक्टिविटी पर एक साथ जोर
UTTIPEC की बैठक में मंजूर परियोजनाओं में एक तरफ मेट्रो स्टेशनों के आसपास लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुधारने पर ध्यान दिया गया है, तो दूसरी तरफ दिल्ली के प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर पर सड़क क्षमता बढ़ाने और वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की योजना है।
छह MMI प्लान के जरिए यात्रियों के लिए मेट्रो स्टेशन तक पैदल पहुंच, इंटरचेंज और आसपास की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का लक्ष्य है। वहीं मां आनंदमयी मार्ग और मुकरबा चौक से जुड़े प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य वाहनों के दबाव को अलग-अलग स्तरों और मार्गों पर बांटकर ट्रैफिक फ्लो को बेहतर करना है।
इन परियोजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन के बाद संबंधित इलाकों में रोजाना सफर करने वाले लोगों को कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि वास्तविक राहत परियोजनाओं के निर्माण, संचालन और ट्रैफिक प्रबंधन व्यवस्था लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
Source: UTTIPEC की बैठक में मंजूर परियोजनाओं की जानकारी पर आधारित।


