NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    diwali-2026-date-8-or-9-november-lakshmi-puja-muhurat
    दिवाली 2026: 8 नवंबर को मनाई जाएगी दिवाली या 9 नवंबर को? जानें अमावस्या तिथि और लक्ष्मी-गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त
    7 नवम्बर 2026
    india-sugar-production-four-times-12-85-lakh-tonnes-isma-2026-27
    चीनी उत्पादन में चार गुना उछाल, ISMA का दावा- देश में पर्याप्त भंडार मौजूद
    7 नवम्बर 2026
    cisf-new-digital-uniform-2028-lfcfd
    CISF की नई डिजिटल यूनिफॉर्म कैसी होगी? 2 साल में बदलेगी जवानों की ड्रेस, जानें क्या होंगे बदलाव
    7 नवम्बर 2026
    india-ai-application-capital-ashwini-vaishnaw-statement
    भारत बनेगा दुनिया की AI एप्लिकेशन राजधानी, अश्विनी वैष्णव ने बताया सरकार का बड़ा लक्ष्य, कृषि से लेकर स्वास्थ्य तक होगा AI का इस्तेमाल
    7 नवम्बर 2026
    salman-khan-maatrubhumi-vs-shraddha-kapoor-eetha-release-date-december-4-2026
    Maatrubhumi VS Eetha: 4 दिसंबर को रिलीज होगी सलमान खान की ‘मातृभूमि’, श्रद्धा कपूर की ‘ईठा’ से होगा बॉक्स ऑफिस क्लैश
    7 नवम्बर 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-silver-price-dhanteras-gold-silver-rate-today
    Gold Silver Price: धनतेरस पर सस्ता हुआ सोना-चांदी, खरीदारों की मौज! कीमतों में आई इतनी गिरावट
    6 नवम्बर 2026
    gold-silver-price-today-dhanteras-gold-silver-rates
    Gold Silver Price Today: धनतेरस से एक दिन पहले सोना-चांदी महंगे, ₹5,500 तक चढ़े दाम; जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड के लेटेस्ट रेट
    5 नवम्बर 2026
    gold-silver-price-today-dhanteras-diwali-gold-silver-rate
    Gold Silver Price: धनतेरस से पहले सोने-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! खूब सस्ता हुआ गोल्ड, खरीदारी का है सही मौका?
    4 नवम्बर 2026
    iran-us-attack-crude-oil-price-petrol-diesel-india
    ईरान पर अमेरिकी हमले से कच्चे तेल में फिर उबाल, 7% की गिरावट के बाद चढ़े दाम; क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?
    3 नवम्बर 2026
    gold-silver-price-today-dhanteras-gold-silver-rates
    Gold Silver Price Today: दिवाली से पहले सोने-चांदी में लौटी चमक, ₹3,000 तक चढ़ी कीमतें; चेक करें आज का लेटेस्ट रेट
    2 नवम्बर 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    bosch-share-stock-split-bonus-share-1-share-20-shares
    Bosch Share: ₹50,000 का एक शेयर बनेगा 20 शेयर, स्टॉक स्प्लिट और बोनस को बोर्ड की मंजूरी, निवेशकों को मिलेगा डबल फायदा
    6 नवम्बर 2026
    share-market-closed-dhanteras-sensex-1718-points-nifty-crosses-25000
    Share Market Closed: धनतेरस पर शेयर बाजार में दिवाली से पहले धमाका, सेंसेक्स 1,718 अंक उछला; निफ्टी 25,000 के पार बंद
    6 नवम्बर 2026
    gujarat-energy-adnoc-10-year-lng-deal-40-lakh-tonnes-gas
    गुजरात एनर्जी का ADNOC के साथ 10 साल का LNG समझौता, 40 लाख टन गैस की होगी सप्लाई; शेयर 4% टूटा
    6 नवम्बर 2026
    hgs-ipo-listing-57600-profit-per-lot-upper-circuit
    HGS IPO Listing: ₹57,600 का मुनाफा हर लॉट पर, लिस्ट होते ही ₹120 का शेयर अपर सर्किट पर पहुंचा
    6 नवम्बर 2026
    maxwell-engineering-ipo-listing-share-price-listing-gain
    Maxwell Engineering IPO Listing: लिस्टिंग पर निवेशकों का पैसा लगभग डबल, ₹158 के शेयर ने ₹314.80 तक लगाई छलांग
    6 नवम्बर 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: DA Hike 2026: बढ़ी हुई सैलरी को कहां करें निवेश? SIP, PPF और FD में समझें किसमें मिलेगा ज्यादा रिटर्न
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

DA Hike 2026: बढ़ी हुई सैलरी को कहां करें निवेश? SIP, PPF और FD में समझें किसमें मिलेगा ज्यादा रिटर्न

Namam Sharma
Last updated: 2026/10/29 at 11:04 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
14 Min Read
da-hike-salary-investment-sip-ppf-fd-return
SHARE

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। DA Hike 2026: सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) की बढ़ोतरी के बाद हर महीने मिलने वाली रकम बढ़ सकती है। ऐसे में अगर आप इस अतिरिक्त पैसे को खर्च करने के बजाय निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो दिवाली का समय अपनी वित्तीय योजना की समीक्षा करने का अच्छा अवसर हो सकता है। हालांकि, निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपके लिए कौन-सा विकल्प बेहतर रहेगा।

Contents
DA Hike के बाद बढ़ी सैलरी से कैसे बनाएं निवेश की योजना?SIP vs PPF vs FD: कहां मिल सकता है ज्यादा रिटर्न?1. म्यूचुअल फंड SIP: लंबी अवधि में संपत्ति बनाने का विकल्प2. बैंक FD: निश्चित ब्याज और अनुमानित रिटर्न3. पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट: सरकारी बचत योजना का विकल्प4. PPF: लंबी अवधि की बचत के लिए विकल्पनिवेश की रकम के हिसाब से समझें अंतरकिस निवेशक के लिए कौन-सा विकल्प बेहतर है?DA Hike के बाद निवेश करते समय इन बातों का रखें ध्याननिष्कर्ष

निवेश के लिए बाजार में कई विकल्प मौजूद हैं। इनमें म्यूचुअल फंड की सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP), बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) प्रमुख हैं। इन सभी योजनाओं में निवेश की अवधि, जोखिम, ब्याज या रिटर्न की प्रकृति और पैसे निकालने के नियम अलग-अलग हैं।

अगर आप लंबी अवधि में संपत्ति बनाना चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड की SIP पर विचार कर सकते हैं। वहीं, जिन लोगों की प्राथमिकता पूंजी की सुरक्षा और निश्चित रिटर्न है, उनके लिए FD उपयोगी हो सकती है। PPF उन निवेशकों के लिए एक विकल्प है जो लंबे समय तक बचत करना चाहते हैं और पात्रता के अनुसार टैक्स लाभ भी लेना चाहते हैं।

DA Hike के बाद बढ़ी सैलरी से कैसे बनाएं निवेश की योजना?

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के बाद मिलने वाली अतिरिक्त रकम को सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। सबसे पहले अपने मासिक खर्च, जरूरी बिल, लोन की EMI और आपातकालीन जरूरतों के लिए पैसे अलग रखें। इसके बाद बची हुई रकम का कुछ हिस्सा निवेश के लिए तय किया जा सकता है।

उदाहरण के लिए, अगर आपकी मासिक आय में 2,000 रुपये की बढ़ोतरी होती है, तो पूरी रकम खर्च करने के बजाय अपनी जरूरतों के अनुसार इसका एक हिस्सा नियमित निवेश में लगाया जा सकता है। हालांकि, निवेश की राशि आपकी आय, पारिवारिक जिम्मेदारियों और वित्तीय लक्ष्यों पर निर्भर करेगी।

निवेश शुरू करने से पहले यह भी देखें कि आपको पैसे की जरूरत कब पड़ेगी। अगले एक-दो साल में इस्तेमाल होने वाली रकम को शेयर बाजार से जुड़े जोखिम वाले निवेश में लगाना उचित नहीं हो सकता। दूसरी ओर, अगर आपका लक्ष्य 10 से 15 साल बाद पूरा होना है, तो आप लंबी अवधि के निवेश विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।

SIP vs PPF vs FD: कहां मिल सकता है ज्यादा रिटर्न?

निवेश के इन विकल्पों की तुलना करते समय केवल ब्याज दर या अनुमानित रिटर्न देखना पर्याप्त नहीं है। म्यूचुअल फंड का रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है, जबकि FD और PPF में लागू नियमों के अनुसार ब्याज मिलता है। तीनों के जोखिम और निवेश की अवधि भी अलग-अलग होती है।

1. म्यूचुअल फंड SIP: लंबी अवधि में संपत्ति बनाने का विकल्प

SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए निवेशक हर महीने एक निश्चित रकम म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इससे एक साथ बड़ी रकम लगाने की जरूरत नहीं होती और नियमित निवेश की आदत बनती है।

SIP अपने आप में कोई अलग निवेश उत्पाद नहीं है, बल्कि म्यूचुअल फंड में निवेश करने का एक तरीका है। इसमें मिलने वाला रिटर्न चुनी गई स्कीम, बाजार की स्थिति और निवेश की अवधि पर निर्भर करता है।

उदाहरण के तौर पर, यदि कोई निवेशक 5 साल के लिए 20,000 रुपये की एकमुश्त रकम निवेश करता है और उसे सालाना 12% रिटर्न मिलता है, तो चक्रवृद्धि आधार पर निवेश की अनुमानित वैल्यू लगभग 35,247 रुपये हो सकती है। इसमें करीब 15,247 रुपये की बढ़त शामिल होगी।

लेकिन यह केवल एक काल्पनिक उदाहरण है। म्यूचुअल फंड में 12% रिटर्न की गारंटी नहीं होती। बाजार में गिरावट आने पर निवेश की वैल्यू कम भी हो सकती है और वास्तविक रिटर्न अनुमान से अलग हो सकता है।

इसलिए SIP उन निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकती है जिनका लक्ष्य लंबी अवधि में संपत्ति बनाना है और जो बाजार के उतार-चढ़ाव को सहन कर सकते हैं।

2. बैंक FD: निश्चित ब्याज और अनुमानित रिटर्न

बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट उन लोगों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प है जो अपनी रकम को निर्धारित अवधि के लिए जमा करके ब्याज कमाना चाहते हैं। FD में निवेश करते समय बैंक की ब्याज दर, जमा की अवधि और ब्याज भुगतान का तरीका देखना चाहिए।

उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति 20,000 रुपये की FD तीन साल के लिए 6.40% सालाना ब्याज दर पर करता है, तो तिमाही चक्रवृद्धि ब्याज मानने पर मैच्योरिटी राशि लगभग 24,200 रुपये के आसपास हो सकती है। वास्तविक राशि बैंक की शर्तों के अनुसार अलग हो सकती है।

FD का एक प्रमुख फायदा यह है कि निवेश के समय ब्याज दर तय होने पर निवेशक को मिलने वाले रिटर्न का अनुमान लगाया जा सकता है। हालांकि, समय से पहले FD तोड़ने पर जुर्माना या कम ब्याज मिल सकता है। FD से मिलने वाला ब्याज सामान्यतः कर योग्य होता है।

बैंक चुनते समय उसकी जमा बीमा व्यवस्था और लागू नियमों को समझना भी जरूरी है। DICGC के नियमों के तहत पात्र बैंक जमा पर मूलधन और ब्याज मिलाकर प्रति जमाकर्ता, प्रति बैंक अधिकतम 5 लाख रुपये तक बीमा कवर उपलब्ध होता है, निर्धारित शर्तों के अधीन।

3. पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट: सरकारी बचत योजना का विकल्प

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट उन निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकता है जो निर्धारित अवधि के लिए बचत करना चाहते हैं। इसमें एक, दो, तीन और पांच साल की अवधि के विकल्प उपलब्ध होते हैं। ब्याज दरें सरकार द्वारा निर्धारित की जाती हैं और समय-समय पर इनमें बदलाव हो सकता है।

उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति पांच साल के पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में 20,000 रुपये जमा करता है और पूरी अवधि के लिए 7.50% सालाना ब्याज दर लागू होती है, तो तिमाही चक्रवृद्धि आधार पर मैच्योरिटी राशि लगभग 28,977 रुपये हो सकती है। यह गणना अनुमानित है और लागू दरों तथा योजना के नियमों के अनुसार वास्तविक राशि अलग हो सकती है।

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में निवेश करने से पहले मौजूदा ब्याज दर, समय से पहले खाता बंद करने की शर्तें और टैक्स नियम जांच लेना चाहिए। पांच साल की पात्र टाइम डिपॉजिट पर आयकर अधिनियम की लागू शर्तों के अनुसार टैक्स लाभ मिल सकता है।

4. PPF: लंबी अवधि की बचत के लिए विकल्प

पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF एक सरकारी समर्थित छोटी बचत योजना है। इसका इस्तेमाल लंबे समय के वित्तीय लक्ष्यों के लिए किया जा सकता है। PPF में ब्याज दर सरकार द्वारा तिमाही आधार पर अधिसूचित की जाती है और खाते की मूल अवधि 15 साल होती है।

यदि किसी वित्तीय वर्ष में PPF पर 7.10% सालाना ब्याज दर लागू हो और कोई निवेशक पूरे साल की शुरुआत में 20,000 रुपये जमा करे, तो एक साल में लगभग 1,420 रुपये का ब्याज बन सकता है। यह उदाहरण पूरे साल के लिए लागू दर और पात्र जमा की शर्त पर आधारित है। वास्तविक ब्याज की गणना योजना के नियमों के अनुसार होती है।

PPF में निवेश की न्यूनतम और अधिकतम वार्षिक सीमा लागू होती है। साथ ही, इसमें समय से पहले निकासी और खाते के विस्तार के नियम भी हैं। इसलिए यह उन लोगों के लिए अधिक उपयुक्त हो सकता है जो लंबी अवधि तक नियमित बचत करना चाहते हैं।

PPF में पात्र निवेश पर पुरानी कर व्यवस्था के तहत लागू नियमों के अनुसार कटौती का लाभ मिल सकता है। ब्याज और मैच्योरिटी की टैक्स स्थिति भी लागू कानून और योजना के नियमों के अधीन होती है।

निवेश की रकम के हिसाब से समझें अंतर

नीचे दी गई तालिका में अलग-अलग निवेश विकल्पों का उदाहरणात्मक आकलन किया गया है। सभी आंकड़े अनुमान हैं और वास्तविक रिटर्न की गारंटी नहीं देते।

निवेश विकल्पनिवेश राशिअवधिउदाहरण में इस्तेमाल दरअनुमानित मैच्योरिटी राशि
म्यूचुअल फंड₹20,0005 साल12% अनुमानित सालाना रिटर्न₹35,247
म्यूचुअल फंड₹50,0005 साल12% अनुमानित सालाना रिटर्न₹88,117
म्यूचुअल फंड₹1,00,0005 साल12% अनुमानित सालाना रिटर्न₹1,76,234
बैंक FD₹20,0003 साल6.40% सालानालगभग ₹24,200
बैंक FD₹50,0003 साल6.40% सालानालगभग ₹60,500
बैंक FD₹1,00,0003 साल6.40% सालानालगभग ₹1,21,000
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट₹20,0005 साल7.50% सालानालगभग ₹28,977
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट₹50,0005 साल7.50% सालानालगभग ₹72,443
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट₹1,00,0005 साल7.50% सालानालगभग ₹1,44,866
PPF₹20,0001 साल7.10% सालानालगभग ₹21,420

ध्यान दें: यह तुलना अलग-अलग अवधियों और उदाहरणात्मक ब्याज दरों पर आधारित है, इसलिए इसे पूरी तरह समान अवधि वाला प्रदर्शन परीक्षण नहीं समझना चाहिए। बैंक FD की वास्तविक मैच्योरिटी बैंक की ब्याज गणना और भुगतान विकल्प पर निर्भर करेगी। पोस्ट ऑफिस की दरें बदल सकती हैं और PPF की ब्याज गणना योजना के नियमों के अनुसार होती है। म्यूचुअल फंड का वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन के अनुसार बदलता है।

किस निवेशक के लिए कौन-सा विकल्प बेहतर है?

अगर आप बाजार का जोखिम उठा सकते हैं: लंबी अवधि में संपत्ति बनाने के लक्ष्य के लिए म्यूचुअल फंड SIP पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, इसमें नुकसान की संभावना भी रहती है और निवेश की अवधि के बावजूद रिटर्न की गारंटी नहीं होती।

अगर आपको निश्चित रिटर्न चाहिए: बैंक FD एक विकल्प हो सकता है। निवेश से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों, अवधि और समय से पहले निकासी की शर्तों की तुलना करें।

अगर आप सरकारी बचत योजना चाहते हैं: पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट निर्धारित अवधि के लिए बचत का विकल्प दे सकता है। निवेश करने से पहले उस अवधि की लागू ब्याज दर की पुष्टि जरूर करें।

अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि की बचत है: PPF पर विचार किया जा सकता है। लेकिन इसमें पैसे की उपलब्धता और निकासी से जुड़े नियम समझना जरूरी है।

DA Hike के बाद निवेश करते समय इन बातों का रखें ध्यान

महंगाई भत्ते से बढ़ी अतिरिक्त आय का इस्तेमाल केवल निवेश बढ़ाने के लिए ही करना जरूरी नहीं है। सबसे पहले अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करें। यदि आपके पास पर्याप्त आपातकालीन फंड नहीं है, तो कुछ रकम आसानी से उपलब्ध बचत में रखना उपयोगी हो सकता है।

अगर क्रेडिट कार्ड या दूसरे महंगे कर्ज का बोझ है, तो निवेश शुरू करने से पहले उसे कम करने पर भी विचार करें। इसके अलावा, स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा जैसी जरूरतों की समीक्षा करना जरूरी है, ताकि परिवार की वित्तीय सुरक्षा बनी रहे।

निवेश को एक ही विकल्प तक सीमित करने के बजाय अपने लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और समय सीमा के अनुसार अलग-अलग विकल्पों का संतुलन बनाया जा सकता है। हालांकि, किसी भी निवेश का चुनाव केवल पिछले रिटर्न के आधार पर नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष

DA Hike के बाद बढ़ी सैलरी का सही इस्तेमाल भविष्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। SIP लंबी अवधि में बाजार आधारित रिटर्न पाने का अवसर देती है, जबकि बैंक FD और पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट निर्धारित शर्तों के तहत ब्याज प्रदान करते हैं। PPF लंबी अवधि की बचत के लिए एक विकल्प है।

इसलिए सबसे अच्छा निवेश वही होगा जो आपकी जरूरतों, वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुकूल हो। निवेश करने से पहले मौजूदा ब्याज दरों, टैक्स नियमों और निकासी की शर्तों की पुष्टि जरूर करें।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है, निवेश की व्यक्तिगत सलाह नहीं। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। निवेश करने से पहले संबंधित योजना के दस्तावेज पढ़ें और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

Source: संबंधित सरकारी बचत योजनाओं के नियमों, ब्याज दरों और निवेश विकल्पों की सामान्य जानकारी पर आधारित।

You Might Also Like

दिवाली 2026: 8 नवंबर को मनाई जाएगी दिवाली या 9 नवंबर को? जानें अमावस्या तिथि और लक्ष्मी-गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त

चीनी उत्पादन में चार गुना उछाल, ISMA का दावा- देश में पर्याप्त भंडार मौजूद

CISF की नई डिजिटल यूनिफॉर्म कैसी होगी? 2 साल में बदलेगी जवानों की ड्रेस, जानें क्या होंगे बदलाव

भारत बनेगा दुनिया की AI एप्लिकेशन राजधानी, अश्विनी वैष्णव ने बताया सरकार का बड़ा लक्ष्य, कृषि से लेकर स्वास्थ्य तक होगा AI का इस्तेमाल

Maatrubhumi VS Eetha: 4 दिसंबर को रिलीज होगी सलमान खान की ‘मातृभूमि’, श्रद्धा कपूर की ‘ईठा’ से होगा बॉक्स ऑफिस क्लैश

TAGGED: Bank FD Interest Rate, Best Investment Plan 2026, DA Hike 2026, DA Hike Salary, Post Office FD, PPF Interest Rate, SIP Investment, SIP vs PPF vs FD, सरकारी कर्मचारियों की सैलरी
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article 13-years-later-indian-racing-festival-buddh-international-circuit-2026 13 साल बाद बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर लौटेगा इंडियन रेसिंग फेस्टिवल, 31 अक्टूबर से शुरू होंगे मुकाबले
Next Article epfo-pensioners-digital-life-certificate-umang-app-ippb बुजुर्गों के लिए सरकार ने खोली तिजोरी! 755 प्रोजेक्ट्स को मिले ₹77.98 करोड़, जानिए किसे होगा सीधा फायदा?

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-hike-ahmedabad-adani-gas-price-9847
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: एंटाला इंडस्ट्रीज का GMP शून्य, वेदांत पॉली फैब्स में सिर्फ ₹1 का प्रीमियम; जानें सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग की पूरी डिटेल
शेयर बाज़ार फाइनेंस
maurya-dth-service-kasganj-sd-hd-plans
Maurya DTH Service: कासगंज में SD और HD चैनलों के लिए खास ऑफर, ₹199 से शुरू रिचार्ज प्लान
बिजनेस न्यूज़ फाइनेंस
57th-gst-council-meeting-2026-refund-compliance-itc-arrest-decisions
GST Council Meeting LIVE: रजिस्ट्रेशन और कंप्लायंस पर बड़े फैसले, गिरफ्तारी पावर से लेकर ITC तक वित्त मंत्री ने किया साफ
बिजनेस न्यूज़ फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • मनोरंजन
  • टेक्नोलॉजी
  • उत्सव
  • स्मार्ट फ़ोन
  • बॉलीवुड
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?