बारिश का मौसम सिर्फ ठंडी फुहार और सुहाने मौसम के लिए ही खास नहीं होता, बल्कि यह घर के गार्डन और बालकनी को हरा-भरा बनाने का भी बेहतरीन समय है। अगर आप हर बार नए पौधे खरीदने के लिए नर्सरी जाते हैं, तो इस मानसून में थोड़ा तरीका बदल सकते हैं। घर में पहले से मौजूद कई पौधों की एक छोटी-सी कटिंग से नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं।
कटिंग से पौधा तैयार करने का फायदा यह है कि इसमें ज्यादा खर्च नहीं होता और एक ही पौधे से कई नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं। बारिश के मौसम में वातावरण में नमी अधिक होने के कारण कई पौधों में जड़ें बनने की प्रक्रिया भी आसान हो जाती है। हालांकि हर पौधे की कटिंग लगाने का तरीका थोड़ा अलग हो सकता है और पानी की मात्रा का भी ध्यान रखना जरूरी है।
अगर आपके घर में पहले से गुड़हल, गुलाब, मनी प्लांट, बोगनवेलिया, स्नेक प्लांट या जेड प्लांट मौजूद है, तो इनसे नए पौधे तैयार करने की कोशिश कर सकते हैं।
गुड़हल की कटिंग से तैयार करें नया पौधा

गुड़हल घर के गार्डन में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले फूलों वाले पौधों में से एक है। इसकी स्वस्थ और थोड़ी मजबूत टहनी से कटिंग तैयार की जा सकती है। बहुत ज्यादा कोमल या कमजोर शाखा के बजाय ऐसी टहनी चुनें जो स्वस्थ हो और जिस पर किसी तरह का कीड़ा या बीमारी न लगी हो।
कटिंग को नीचे की तरफ से तिरछा काटकर अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में लगाया जा सकता है। शुरुआत में मिट्टी को हल्का नम रखना जरूरी है, लेकिन गमले में पानी जमा नहीं होना चाहिए। इसे ऐसी जगह रखें जहां तेज सीधी धूप के बजाय पर्याप्त रोशनी मिले।
अगर वातावरण और मिट्टी अनुकूल रहे, तो कुछ समय बाद कटिंग में नई पत्तियां दिखाई देने लगती हैं। इसके बाद धीरे-धीरे पौधे की ग्रोथ बढ़ने लगती है। अच्छी देखभाल मिलने पर यही पौधा आगे चलकर बड़े और खूबसूरत फूल दे सकता है।
गुलाब की एक टहनी से बनाएं नया पौधा

अगर घर में गुलाब का पौधा पहले से लगा हुआ है, तो उसकी स्वस्थ टहनी से नया पौधा तैयार करने की कोशिश की जा सकती है। इसके लिए ऐसी शाखा चुनना बेहतर है जो न तो बहुत ज्यादा नई हो और न ही पूरी तरह सूखी या कमजोर।
कटिंग लगाने से पहले नीचे की अतिरिक्त पत्तियां हटा दें और उसे नम, भुरभुरी मिट्टी में लगाएं। मिट्टी में जल निकासी अच्छी होनी चाहिए। शुरुआत में गमले को ऐसी जगह रखें जहां रोशनी तो मिले, लेकिन बहुत तेज धूप सीधे कटिंग पर न पड़े।
मिट्टी में लगातार पानी डालने की बजाय जरूरत के अनुसार हल्की नमी बनाए रखें। ज्यादा पानी कटिंग के लिए नुकसानदायक हो सकता है और तना सड़ने की संभावना बढ़ सकती है। जड़ें बनने के बाद पौधे में नई पत्तियां आने लगती हैं और धीरे-धीरे इसकी ग्रोथ शुरू हो जाती है।
मनी प्लांट सबसे आसान विकल्प

अगर आप पहली बार कटिंग से पौधा तैयार कर रहे हैं, तो मनी प्लांट आपके लिए आसान विकल्प हो सकता है। इसकी खासियत यह है कि इसे पानी और मिट्टी, दोनों माध्यमों में उगाने की कोशिश की जा सकती है।
मनी प्लांट की टहनी काटते समय ध्यान रखें कि कटिंग में कम से कम एक या दो गांठ यानी नोड जरूर हों। यही हिस्सा नई जड़ों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कटिंग को पानी से भरे साफ कंटेनर में डालने पर कुछ समय बाद जड़ें दिखाई दे सकती हैं। जड़ें अच्छी तरह विकसित होने के बाद इसे मिट्टी वाले गमले में लगाया जा सकता है।
इसे सीधे मिट्टी में भी लगाया जा सकता है। इस पौधे को बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती और यह घर की बालकनी, खिड़की या इनडोर स्पेस की खूबसूरती बढ़ा सकता है।
बोगनवेलिया से रंग-बिरंगे फूलों की रौनक
अगर आपका मकसद सिर्फ हरियाली बढ़ाना नहीं बल्कि घर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाना है, तो बोगनवेलिया भी अच्छा विकल्प हो सकता है। इसकी स्वस्थ और उपयुक्त शाखा से कटिंग तैयार की जा सकती है।
कटिंग को ऐसी मिट्टी में लगाएं जिसमें पानी आसानी से निकल सके। शुरुआत में मिट्टी में पर्याप्त नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन लगातार गीली मिट्टी से बचें। इसे अच्छी रोशनी वाली जगह पर रखा जा सकता है।
बोगनवेलिया को आगे चलकर पर्याप्त धूप मिलने पर अच्छी ग्रोथ मिल सकती है। इसलिए कटिंग के शुरुआती दौर के बाद पौधे की स्थिति देखकर धीरे-धीरे उसे अधिक रोशनी वाली जगह पर रखा जा सकता है। अच्छी तरह विकसित होने पर यह गेट, दीवार, बालकनी या बाउंड्री के आसपास बेहद खूबसूरत नजर आता है।
स्नेक प्लांट में भी कर सकते हैं कटिंग
स्नेक प्लांट कम देखभाल में लंबे समय तक हरा रहने वाले पौधों में शामिल है। इसकी पत्ती से भी नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं। स्वस्थ पत्ती को छोटे हिस्सों में काटकर उपयुक्त मिट्टी में लगाया जा सकता है।
हालांकि इसमें धैर्य रखना जरूरी है, क्योंकि नई जड़ और पौधे का विकास कुछ दूसरे आसान कटिंग वाले पौधों की तुलना में धीमा हो सकता है। स्नेक प्लांट को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। खासकर बारिश के मौसम में जब मिट्टी पहले से नम हो, तब अतिरिक्त पानी देने से बचना चाहिए।
इसे घर के अंदर ऐसे स्थान पर रखा जा सकता है जहां अच्छी रोशनी आती हो। यही वजह है कि कम देखभाल पसंद करने वाले लोगों के लिए यह काफी उपयोगी पौधा माना जाता है।
जेड प्लांट की छोटी टहनी भी आएगी काम
जेड प्लांट अपनी मोटी और चमकदार पत्तियों के कारण काफी आकर्षक दिखाई देता है। इसकी स्वस्थ टहनी से कटिंग लेकर नया पौधा तैयार किया जा सकता है। कुछ मामलों में इसकी पत्ती से भी नया पौधा विकसित किया जा सकता है, हालांकि इसमें समय लग सकता है।
कटिंग को लगाने के बाद मिट्टी में पानी जमा न होने दें। जेड प्लांट की मोटी पत्तियों और तने में पानी जमा रहने के कारण इसे दूसरे कई पौधों की तुलना में कम पानी की जरूरत होती है।
शुरुआत में कटिंग को तेज धूप से बचाकर रोशनी वाली जगह पर रखना बेहतर होता है। जड़ें बनने और पौधे की ग्रोथ शुरू होने के बाद इसकी रोशनी की जरूरत के अनुसार स्थान बदला जा सकता है।
कटिंग से पौधा तैयार करते समय इन बातों का रखें ध्यान
कटिंग से नया पौधा तैयार करना आसान जरूर है, लेकिन हर कटिंग का सफल होना जरूरी नहीं है। इसलिए कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
सबसे पहले स्वस्थ टहनी चुनें। जिस पौधे पर कीड़े, फंगस या बीमारी के लक्षण दिखाई दे रहे हों, उसकी कटिंग लगाने से बचें।
मिट्टी में पानी जमा न होने दें। बारिश के मौसम में यह सबसे महत्वपूर्ण सावधानी है। लगातार गीली मिट्टी में कटिंग का तना सड़ सकता है और जड़ें खराब हो सकती हैं।
गमले में ड्रेनेज होल जरूर हों। अतिरिक्त पानी बाहर निकलने की व्यवस्था होने से जड़ों को नुकसान होने का खतरा कम होता है।
शुरुआत में तेज धूप से बचाएं। नई कटिंग को तुरंत तेज दोपहर की धूप में रखने के बजाय पर्याप्त रोशनी वाली जगह पर रखना बेहतर हो सकता है।
कटिंग को बार-बार न हिलाएं। जड़ें बनने में समय लगता है। बार-बार कटिंग निकालकर देखने से बनने वाली शुरुआती जड़ें भी प्रभावित हो सकती हैं।
धैर्य रखें। कुछ पौधों में कुछ हफ्तों में नई ग्रोथ दिखाई दे सकती है, जबकि कुछ को इससे ज्यादा समय लग सकता है। मौसम, पौधे की किस्म, मिट्टी और देखभाल के आधार पर परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं।
एक पौधे से बढ़ा सकते हैं पूरा गार्डन
अगर घर में पहले से कुछ स्वस्थ पौधे मौजूद हैं, तो उनकी उपयुक्त कटिंग से कई नए पौधे तैयार करने की कोशिश की जा सकती है। इस तरह हर बार नर्सरी से नया पौधा खरीदने की जरूरत कम हो सकती है।
मानसून में वातावरण की नमी कई पौधों की शुरुआती ग्रोथ के लिए अनुकूल हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर पौधे को ज्यादा पानी दिया जाए। कटिंग से पौधा तैयार करने में सही नमी, अच्छी जल निकासी, उपयुक्त रोशनी और धैर्य सबसे महत्वपूर्ण हैं।
इसलिए अगली बार घर के किसी पौधे की छंटाई करें तो स्वस्थ टहनियों को यूं ही फेंकने के बजाय उनकी कटिंग से नया पौधा तैयार करने की कोशिश कर सकते हैं। थोड़ी मेहनत और सही देखभाल से एक छोटा-सा कटिंग आपके घर के गार्डन में हरियाली और फूलों की संख्या बढ़ाने का जरिया बन सकता है।


