CPSE Employees IDA Hike July 2026: केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSEs) में कार्यरत अधिकारियों और नॉन-यूनियनाइज्ड सुपरवाइजर्स के लिए राहत भरी खबर है। भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सार्वजनिक उद्यम विभाग (DPE) ने 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) की संशोधित दरों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नई दरों के लागू होने से लाखों कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में बढ़ोतरी होगी।
महंगाई भत्ता (DA/IDA) कर्मचारियों की आय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जिसे महंगाई के प्रभाव को संतुलित करने के लिए समय-समय पर संशोधित किया जाता है। इस बार भी अलग-अलग वेतनमान (Pay Scale) के कर्मचारियों के लिए नई IDA दरें तय की गई हैं।
1 जुलाई 2026 से लागू होंगी नई IDA दरें
सार्वजनिक उद्यम विभाग (DPE) की अधिसूचना के अनुसार विभिन्न पे-स्केल के लिए इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) की नई दरें इस प्रकार हैं।
| पे-स्केल | नई IDA दर |
|---|---|
| 2017 पे-स्केल | 55.7% |
| 2007 पे-स्केल | 241.7% |
| 1997 पे-स्केल | 476.9% |
| 1987 पे-स्केल | AICPI के औसत ₹9,854 के आधार पर ₹18,298 |
इन संशोधित दरों का लाभ 1 जुलाई 2026 से मिलेगा और संबंधित CPSE कंपनियों को इन्हें लागू करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
कर्मचारियों की सैलरी पर कितना पड़ेगा असर?
IDA बढ़ने का सीधा फायदा कर्मचारियों की मासिक सैलरी पर दिखाई देगा। हालांकि वास्तविक बढ़ोतरी कर्मचारी के बेसिक पे और लागू पे-स्केल पर निर्भर करेगी।
उदाहरण के तौर पर यदि कोई कर्मचारी 2017 पे-स्केल के अंतर्गत आता है और उसका बेसिक वेतन ₹50,000 है, तो नई 55.7% IDA दर के अनुसार उसे:
- बेसिक पे: ₹50,000
- IDA (55.7%): ₹27,850
यानी केवल IDA के रूप में कर्मचारी को ₹27,850 मिलेगा। यदि पहले IDA की दर कम थी, तो नई दर लागू होने के बाद उसकी मासिक टेक-होम सैलरी में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
इसी प्रकार 2007, 1997 और 1987 पे-स्केल वाले कर्मचारियों को भी उनके बेसिक वेतन के अनुसार संशोधित IDA का लाभ मिलेगा।
IDA क्या होता है?
इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) महंगाई के प्रभाव से कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनाए रखने के लिए दिया जाने वाला भत्ता है। यह मुख्य रूप से CPSE (Central Public Sector Enterprises) के कर्मचारियों को मिलता है।
IDA की गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर की जाती है और इसमें समय-समय पर संशोधन किया जाता है। बढ़ती महंगाई के अनुसार IDA बढ़ने से कर्मचारियों की आय में भी इजाफा होता है।
CPSE कर्मचारियों को DA की जगह IDA क्यों मिलता है?
केंद्र सरकार के मंत्रालयों में कार्यरत कर्मचारियों को Dearness Allowance (DA) दिया जाता है, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की सरकारी कंपनियों यानी CPSEs के कर्मचारियों को Industrial Dearness Allowance (IDA) मिलता है।
दोनों का उद्देश्य महंगाई के असर से कर्मचारियों को राहत देना है, लेकिन इनकी गणना की प्रक्रिया और वेतनमान अलग-अलग होते हैं।
किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
नई IDA दरों का लाभ उन अधिकारियों और नॉन-यूनियनाइज्ड सुपरवाइजर्स को मिलेगा जो निम्नलिखित पे-स्केल में कार्यरत हैं:
- 2017 पे-स्केल
- 2007 पे-स्केल
- 1997 पे-स्केल
- 1987 पे-स्केल
संबंधित CPSE कंपनियां अब DPE के निर्देशों के अनुसार संशोधित IDA लागू करेंगी।
DPE ने क्या निर्देश दिए?
सार्वजनिक उद्यम विभाग (DPE) ने सभी प्रशासनिक मंत्रालयों और विभागों को निर्देश जारी किए हैं कि उनके नियंत्रण में आने वाली सभी सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSEs) में 1 जुलाई 2026 से संशोधित IDA दरों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। इससे पात्र कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ समय पर मिल सकेगा।
निष्कर्ष
1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली नई IDA दरें CPSE कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आई हैं। खासकर 2017, 2007 और 1997 पे-स्केल के कर्मचारियों की मासिक आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। बढ़ा हुआ इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस कर्मचारियों की बढ़ती महंगाई से निपटने में मदद करेगा और उनकी टेक-होम सैलरी को मजबूत बनाएगा।


