CoinDCX के सह‑संस्थापक Sumit Gupta और Neeraj Khandelwal को धोखाधड़ी और निवेश फ्रॉड के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है, जिसे कंपनी ने impersonation scam बताया है। जानें FIR की मुख्य बातें, कंपनी का बयान और इसका निवेशकों पर संभावित असर।
📅 Updated: 22 March 2026
📍 Subject: भारत के प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के को‑फाउंडर Sumit Gupta और Neeraj Khandelwal को आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया है, और कंपनी ने बयान जारी किया है।
CoinDCX के सह‑संस्थापक Sumit Gupta और Neeraj Khandelwal को थाने पुलिस (Thane Police) ने अभियोजना (FIR) के तहत धोखाधड़ी (cheating) और वित्तीय फ्रॉड (fraud) के आरोपों में गिरफ्तार किया है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि इन आरोपों में करीब ₹71.6 लाख का निवेशक धन धोखे से लिया गया था। दोनों को बेंगलुरु में हिरासत में लिया गया और 23 मार्च 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
🎯 आरोपों का सार
🔹 FIR में आरोप है कि दोनों संस्थापकों ने क्रिप्टो निवेश और फ्रैंचाइज़ ऑफ़र के नाम पर निवेशकों को धोखा दिया।
🔹 मामला पुलिस के पास पहुंचने के बाद दोनों को हिरासत में लिया गया और कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।
🔹 इसमें दर्शाया गया है कि लगभग ₹71.6 लाख का चेक/फंड निवेशकों से धोखाधड़ी के जरिये इकट्ठा किया गया।
🧑💼 CoinDCX का बयान
CoinDCX ने पुलिस एफआईआर को गलत बताया है और कहा है कि मामला “impersonation” (नकली पहचान) स्कैम से जुड़े हो सकता है।
✔️ कंपनी ने दावा किया कि वे अवैध वेबसाइटों और नकली प्लेटफॉर्मों के माध्यम से लोगों को भ्रमित करके धन निकालने वाली गतिविधियों की जाँच में मदद कर रहे हैं।
✔️ CoinDCX ने स्पष्ट किया कि वे आरोपों की जांच में अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रहे हैं और उनकी प्लेटफ़ॉर्म से किसी भी तरह का कानूनी उल्लंघन नहीं हुआ है।
🔎 आरोपों और नकली वेबसाइट नेटवर्क
कुछ रिपोर्टों में यह बताया गया है कि CoinDCX के नाम पर 1200+ fake websites (नकली वेबसाइटें) बनाई गई थीं, जिनका उपयोग करके निवेशकों को भ्रमित किया गया और उनका धन हटाया गया।
कंपनी ने आरोप लगाया कि इस impersonation network (नाकली पहचान नेटवर्क) के कारण वित्तीय हानि और आरोपों का सबूत बन गया है।
👉 जाँच अभी पुलिस द्वारा जारी है और यह स्पष्ट होना बाकी है कि इन नकली गतिविधियों में संस्थापकों की भूमिका कितनी थी।
⚖️ वर्तमान स्थिति और आगे की संभावनाएँ
🔸 दोनों को पुलिस हिरासत में भेजा गया है और अगला सुनवाई 23 मार्च 2026 को होगी।
🔸 CoinDCX का कहना है कि आरोप “false” हैं और उन्होंने पुलिस और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग का आश्वासन दिया है।
🔸 क्रिप्टोक्यूरेंसी इंडस्ट्री में यह घटना विश्वसनीयता, सुरक्षा और रेग्युलेटरिंग (regulation) जैसे मुद्दों पर नए सवाल उठाती है।
📈 क्रिप्टो मार्केट और निवेशकों पर असर
✔️ इस तरह की गिरफ्तारी से निवेशकों में अस्थिरता (uncertainty) और डर की भावना पैदा हो सकती है।
✔️ भारत में क्रिप्टो निवेश पहले से ही इंडस्ट्री के नियमन, सुरक्षा और धोखाधड़ी के जोखिमों के तहत आता है।
✔️ ऐसे मामलों से नए निवेशकों और मौजूदा उपयोगकर्ताओं को अधिक सतर्क रहना ज़रूरी हो जाता है।
⛔ ध्यान दें: CoinDCX ने कंपनी के खिलाफ सभी आरोपों को खारिज किया है और कहा कि मामला काफी हद तक नकली/impersonation स्कैम से जुड़ा है — न कि संस्था की वास्तविक गतिविधियों से।
🧠 Quick Summary
✔️ CoinDCX के दोनों को‑फाउंडरों को अभियोजना (FIR) के तहत गिरफ्तार किया गया है।
✔️ आरोप धोखाधड़ी और ₹71.6 लाख के निवेशकों का नुकसान बताता है।
✔️ कंपनी ने आरोपों को गलत और नकली पहचान (impersonation) से जुड़ा बताया है।
✔️ छानबीन जारी है और स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
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Author: Namam Sharma
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Namam Sharma NewsJagran में बिज़नेस और फाइनेंस खबरों को कवर करते हैं।
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