CMR Green Technologies IPO GMP: लंबे समय बाद प्राइमरी मार्केट में ऐसा मेनबोर्ड आईपीओ आया है जिसने निवेशकों का ध्यान लिस्टिंग से पहले ही अपनी ओर खींच लिया है। नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनी CMR Green Technologies का आईपीओ 3 जून 2026 को खुलेगा, लेकिन उससे पहले ही ग्रे मार्केट में इसके शेयरों की जोरदार मांग देखने को मिल रही है। पहले ही दिन कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 17% से अधिक पहुंच गया है, जो निवेशकों के मजबूत उत्साह का संकेत माना जा रहा है।
भारत में ईवी, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के तेजी से विस्तार के बीच मेटल रीसाइक्लिंग कारोबार को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। ऐसे माहौल में CMR Green Technologies का आईपीओ बाजार में एक महत्वपूर्ण पेशकश बनकर उभरा है।
कब खुलेगा CMR Green Technologies IPO?
कंपनी का आईपीओ 3 जून 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 5 जून 2026 तक निवेशक इसमें आवेदन कर सकेंगे। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू एक दिन पहले यानी 2 जून को खुलेगा।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| IPO ओपनिंग डेट | 3 जून 2026 |
| IPO क्लोजिंग डेट | 5 जून 2026 |
| एंकर बुक ओपनिंग | 2 जून 2026 |
| संभावित लिस्टिंग | 10 जून 2026 |
| एक्सचेंज | NSE और BSE |
क्या है IPO का प्राइस बैंड?
कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹182 से ₹192 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशकों को कम से कम 78 शेयरों के एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा। अपर प्राइस बैंड के अनुसार एक लॉट में निवेश के लिए लगभग ₹14,976 की आवश्यकता होगी।
GMP ने बढ़ाई निवेशकों की उत्सुकता
आईपीओ के प्राइस बैंड की घोषणा के साथ ही ग्रे मार्केट में इसके शेयरों की ट्रेडिंग शुरू हो गई है। सुबह के कारोबार में: GMP: ₹24 प्रति शेयर, संभावित लिस्टिंग गेन: लगभग 12.5%. शाम तक: GMP: ₹33 प्रति शेयर, संभावित लिस्टिंग गेन: लगभग 17.19%. यदि यही रुझान जारी रहता है तो शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत करीब ₹225 के आसपास पहुंच सकती है। हालांकि निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि GMP केवल बाजार की धारणा को दर्शाता है और इसकी कोई आधिकारिक मान्यता नहीं होती।
क्या करती है CMR Green Technologies?
फरीदाबाद स्थित CMR Green Technologies देश की प्रमुख नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग कंपनियों में शामिल है। कंपनी मुख्य रूप से निम्न धातुओं की रीसाइक्लिंग करती है: एल्युमिनियम, कॉपर, जिंक, स्टेनलेस स्टील, मैग्नीशियम. कंपनी भारत और विदेशों से स्क्रैप मेटल आयात करती है और आधुनिक तकनीक की मदद से उन्हें दोबारा उपयोग योग्य औद्योगिक कच्चे माल में बदलती है। रीसाइक्लिंग उद्योग को सरकार की सर्कुलर इकोनॉमी नीति, कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरणीय लक्ष्यों का भी लाभ मिल रहा है। यही कारण है कि इस सेक्टर को आने वाले वर्षों में उच्च विकास वाला क्षेत्र माना जा रहा है।
कंपनी के ग्राहक कौन हैं?
CMR Green Technologies की सबसे बड़ी ताकत इसकी मजबूत ग्राहक सूची है। इसके प्रमुख ग्राहकों में शामिल हैं: Honda Cars India, Bajaj Auto, Hero MotoCorp, Royal Enfield, Maruti Suzuki, Jindal Stainless ऐसे बड़े औद्योगिक ग्राहकों की मौजूदगी कंपनी के व्यवसाय की स्थिरता को दर्शाती है।
वित्तीय प्रदर्शन कितना मजबूत है?
आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति को समझना बेहद जरूरी है।
FY25 प्रदर्शन
| वित्तीय संकेतक | FY25 |
|---|---|
| राजस्व | ₹6,696.66 करोड़ |
| शुद्ध लाभ | ₹155.04 करोड़ |
31 दिसंबर 2025 तक
| वित्तीय संकेतक | 9M FY26 |
|---|---|
| राजस्व | ₹6,291 करोड़ |
| शुद्ध लाभ | ₹162.39 करोड़ |
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने FY25 के पूरे वर्ष के मुकाबले FY26 के पहले नौ महीनों में ही अधिक शुद्ध लाभ अर्जित कर लिया है। यह मार्जिन सुधार और बेहतर परिचालन क्षमता का संकेत माना जा सकता है।
IPO से जुटाए गए पैसे का क्या होगा?
कंपनी इस इश्यू के जरिए लगभग ₹630.88 करोड़ जुटाना चाहती है। प्रबंधन के अनुसार, जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से: कारोबार विस्तार, उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं, सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
कौन हैं IPO के लीड मैनेजर्स?
इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर्स हैं: Equirus Capital, ICICI Securities, Motilal Oswal Investment Advisors जबकि रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी KFin Technologies के पास है।
निवेशकों के लिए क्या है सबसे बड़ा पॉजिटिव?
CMR Green Technologies IPO के पक्ष में कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं: रीसाइक्लिंग सेक्टर में मजबूत स्थिति, बड़े ऑटोमोबाइल ग्राहकों का आधार, लगातार लाभदायक कारोबार, मजबूत राजस्व और मुनाफा वृद्धि, बढ़ता GMP और सकारात्मक बाजार धारणा, पर्यावरण और सर्कुलर इकोनॉमी थीम से जुड़ा व्यवसाय.
क्या निवेश करना चाहिए?
CMR Green Technologies का आईपीओ फिलहाल प्राइमरी मार्केट के सबसे चर्चित इश्यू में शामिल हो गया है। कंपनी का बिजनेस मॉडल पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग की तुलना में भविष्य की सस्टेनेबल इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और ग्रे मार्केट में बढ़ते प्रीमियम ने निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है। हालांकि किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी के वैल्यूएशन, जोखिम और अपने निवेश लक्ष्य का मूल्यांकन जरूर करना चाहिए। केवल GMP के आधार पर निवेश का निर्णय लेना उचित नहीं माना जाता। यदि सब्सक्रिप्शन के दौरान संस्थागत निवेशकों की भी मजबूत भागीदारी दिखाई देती है, तो यह आईपीओ बाजार में बेहतर प्रदर्शन करने वाले इश्यू में शामिल हो सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
Also Read:


