Cipla Q1 Results: दिग्गज फार्मा कंपनी सिप्ला लिमिटेड के जून तिमाही के नतीजे बाजार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। कंपनी का मुनाफा और EBITDA दोनों में तेज गिरावट देखने को मिली, जिसके बाद शेयर दबाव में आ गए।
मुंबई स्थित दवा कंपनी Cipla Limited ने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (Q1 FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। तिमाही परिणामों के बाद कंपनी के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। खबर लिखे जाने के समय सिप्ला का शेयर NSE पर करीब 2 फीसदी से ज्यादा गिरकर कारोबार कर रहा था।
सिप्ला का मुनाफा 39% घटा
जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 39 फीसदी घटकर ₹789 करोड़ रह गया। यह बाजार विशेषज्ञों के अनुमान से भी कम रहा। CNBC-TV18 पोल में विश्लेषकों ने कंपनी के मुनाफे का अनुमान ₹923 करोड़ लगाया था।
हालांकि, इस दौरान कंपनी का टैक्स खर्च कम हुआ। टैक्स खर्च पिछले साल की समान तिमाही के ₹478 करोड़ से घटकर ₹295 करोड़ रह गया, लेकिन इसके बावजूद कंपनी का मुनाफा कमजोर रहा।
रेवेन्यू में मामूली बढ़त, लेकिन अनुमान से कम
कंपनी की आय में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। जून तिमाही में सिप्ला का रेवेन्यू सालाना आधार पर 2.3 फीसदी बढ़कर ₹7,119 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹6,957.5 करोड़ था।
हालांकि, यह आंकड़ा भी बाजार अनुमान से कम रहा। CNBC-TV18 पोल में कंपनी की आय ₹7,342 करोड़ रहने का अनुमान लगाया गया था।
EBITDA में भारी गिरावट
कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन पर भी दबाव देखने को मिला। जून तिमाही में सिप्ला का EBITDA सालाना आधार पर 33 फीसदी घटकर ₹1,192 करोड़ रह गया।
ब्रोकरेज पोल में EBITDA का अनुमान ₹1,376 करोड़ लगाया गया था। वहीं, पिछले साल की समान तिमाही में EBITDA ₹1,778.1 करोड़ था।
कंपनी का EBITDA मार्जिन भी घटकर 16.7 फीसदी रह गया, जो पिछले साल की जून तिमाही में 25.6 फीसदी था। बाजार अनुमान में EBITDA मार्जिन 18.7 फीसदी रहने की उम्मीद थी।
अमेरिका बाजार में कमजोर प्रदर्शन
सिप्ला के लिए अमेरिकी बाजार एक अहम सेगमेंट है, लेकिन जून तिमाही में यहां प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।
कंपनी के इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन के मुताबिक, अमेरिका में जून तिमाही की बिक्री 162 मिलियन डॉलर रही, जबकि बाजार अनुमान 173 मिलियन डॉलर का था।
कंपनी की कुल बिक्री में नॉर्थ अमेरिका का योगदान करीब 22 फीसदी रहा।
One India बिजनेस ने बनाया रिकॉर्ड
जहां अमेरिका कारोबार कमजोर रहा, वहीं घरेलू बाजार में कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया।
सिप्ला का One India बिजनेस सालाना आधार पर 12 फीसदी बढ़कर ₹3,452 करोड़ पहुंच गया। यह इस सेगमेंट के लिए अब तक का सबसे बड़ा तिमाही राजस्व है।
One India बिजनेस ने कंपनी की कुल आय में करीब 48 फीसदी योगदान दिया।
अफ्रीका और उभरते बाजारों में धीमी ग्रोथ
कंपनी का One Africa बिजनेस लगभग स्थिर रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर सिर्फ 1 फीसदी बढ़कर 103 मिलियन डॉलर रहा।
वहीं, उभरते बाजारों और यूरोप से कंपनी का कारोबार सालाना आधार पर 5 फीसदी बढ़कर 106 मिलियन डॉलर हो गया।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
सिप्ला के तिमाही नतीजों में सबसे बड़ी चिंता कंपनी के मार्जिन और अमेरिकी कारोबार को लेकर रही। हालांकि, घरेलू कारोबार में मजबूत ग्रोथ कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत है।
आने वाली तिमाहियों में निवेशकों की नजर अमेरिका बाजार में रिकवरी, नए प्रोडक्ट लॉन्च और मार्जिन सुधार पर रहेगी।
फिलहाल कमजोर तिमाही नतीजों के कारण शेयर पर दबाव देखने को मिल रहा है। लंबी अवधि के निवेशकों को कंपनी के भविष्य के ग्रोथ आउटलुक और फार्मा सेक्टर की स्थिति को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।
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