Census 2027 Notification: केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के जनसंख्या गणना चरण के लिए 40 सवालों की सूची जारी कर दी है। इस बार पहली बार जनगणना में जाति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। लोगों से पहचान पत्र, बैंक अकाउंट, शिक्षा, रोजगार और प्रवास समेत कई अहम जानकारियां मांगी जाएंगी।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 (Census 2027) के जनसंख्या गणना चरण की तैयारी तेज कर दी है। भारत के महारजिस्ट्रार (Registrar General of India) मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि इस बार लोगों से कुल 40 सवालों के जरिए जानकारी जुटाई जाएगी।
इस जनगणना में पहली बार जाति से जुड़े आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। इसके अलावा आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक खातों की संख्या, डिजिटल साक्षरता और कोविड-19 वैक्सीनेशन से जुड़े सवाल भी शामिल किए गए हैं।
17 अगस्त से शुरू होगा सेल्फ एन्यूमरेशन का विकल्प
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनगणना का जनसंख्या गणना चरण 1 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगा। इसमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाके शामिल हैं।
घर-घर जाकर गणना शुरू होने से पहले लोगों को 17 अगस्त से 31 अगस्त तक सेल्फ एन्यूमरेशन (Self Enumeration) की सुविधा दी जाएगी। इसके जरिए नागरिक खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
जनगणना 2027 में जाति को लेकर क्या पूछा जाएगा?
इस बार जनगणना में जाति से जुड़े सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे व्यक्ति से पूछेंगे कि वह:
- अनुसूचित जाति (SC) से संबंधित है या नहीं।
- अनुसूचित जनजाति (ST) से संबंधित है या नहीं।
- व्यक्ति अपनी जाति का नाम क्या बताता है।
रिपोर्ट के अनुसार, जातियों की कोई पहले से तय सूची नहीं होगी। व्यक्ति द्वारा बताई गई जाति को ही रिकॉर्ड किया जाएगा।
जाति गणना को शामिल करने का फैसला पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में लिया गया था।
Census 2027 में पूछे जाने वाले 40 सवालों की पूरी जानकारी
1. व्यक्तिगत और पहचान से जुड़े सवाल
जनगणना के दौरान लोगों से उनकी व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाएगी। इसमें शामिल हैं:
- व्यक्ति का नाम।
- वैवाहिक स्थिति।
- शादी के समय उम्र।
- जीवनसाथी का नाम।
- राष्ट्रीयता।
- धर्म।
- अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की जानकारी।
- जाति का नाम।
- माता-पिता से जुड़ी जानकारी।
- दिव्यांगता की स्थिति।
- मातृभाषा और अन्य भाषाओं की जानकारी।
- साक्षरता और डिजिटल साक्षरता की स्थिति।
पहचान दस्तावेजों से जुड़े सवाल
लोगों से यह भी पूछा जाएगा कि उनके पास कौन-कौन से पहचान दस्तावेज उपलब्ध हैं।
इसमें शामिल हैं:
- मोबाइल नंबर।
- आधार नंबर।
- वोटर आईडी कार्ड।
- पासपोर्ट।
- ड्राइविंग लाइसेंस।
इसके अलावा परिवार में कुल बैंक खातों की संख्या और कोविड-19 टीकाकरण कहां कराया गया, इसकी जानकारी भी ली जाएगी।
शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवाल
जनगणना में शिक्षा और रोजगार की स्थिति को समझने के लिए भी कई सवाल शामिल किए गए हैं।
लोगों से पूछा जाएगा:
- क्या वह किसी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रहे हैं?
- उनकी सबसे ऊंची शैक्षणिक योग्यता क्या है?
- उन्होंने कौन-सा विषय या स्ट्रीम चुना है?
- पिछले एक साल में उन्होंने कोई काम किया या नहीं।
- उनका व्यवसाय क्या है?
- वह किस उद्योग या क्षेत्र में काम करते हैं?
- वह नौकरी, व्यापार या किसी अन्य काम से जुड़े हैं या नहीं।
- काम के लिए यात्रा से जुड़ी जानकारी।
प्रवास और स्थायी पते से जुड़े सवाल
जनगणना में लोगों के स्थान परिवर्तन यानी माइग्रेशन की जानकारी भी जुटाई जाएगी।
इसके तहत पूछा जाएगा:
- जन्म स्थान क्या है?
- आखिरी बार कहां से आए हैं?
- गांव या शहर में कितने समय से रह रहे हैं?
- प्रवास करने की वजह क्या थी?
- स्थायी आवासीय पता क्या है?
महिलाओं से जुड़े विशेष सवाल
महिलाओं से परिवार और मातृत्व से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।
इनमें शामिल हैं:
- वर्तमान वैवाहिक स्थिति।
- जीवित बच्चों की संख्या।
- वर्तमान विवाह से हुए बच्चों की संख्या।
- पिछले एक साल में जन्मे बच्चों की संख्या।
पूरी तरह डिजिटल होगी Census 2027
सरकार के अनुसार, जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया पर आधारित होगी। पहले चरण में मकानों की सूची तैयार करने और मकान गणना का काम किया जा रहा है।
मकान सूचीकरण के दौरान अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर करीब 33 सवाल पूछे जा रहे हैं। इसमें मकान की स्थिति, सुविधाएं, स्वामित्व और घर के मुखिया से जुड़ी जानकारी शामिल है।
2021 की जनगणना क्यों हुई थी स्थगित?
भारत में हर 10 साल में होने वाली जनगणना वर्ष 2021 में आयोजित होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था। अब सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए करीब 11,718 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है।
जनगणना 2027 से मिलने वाले आंकड़े देश की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, रोजगार, शिक्षा और सरकारी योजनाओं की बेहतर योजना बनाने में मदद करेंगे।


