Anil Agarwal Vedanta: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल को एक यूजर ने बिहार या झारखंड का मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई है। सोशल मीडिया पर किए गए इस कमेंट के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है। अनिल अग्रवाल ने हाल ही में कबीर के दोहे से जुड़ी एक पोस्ट शेयर की थी।
कबीर के दोहे वाली पोस्ट पर आया कमेंट
राजनीतिक कार्यशाली में ऐसा हो,हाल ही में अपने कहा था कि भारत को स्वर्ण उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है, झारखंड निर्माण से पूर्व से मैं राष्ट्र को स्वर्ण आत्मनिर्भर होने की संभावनाओं के बारे में जागरुक करने में लगा था। काश आप अविभाजित बिहार या झारखंड के मुख्यमंत्री होते!🙏
— Guru Anup (@yogaguruanupkr) August 11, 2026 वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर काफी सक्रिय रहते हैं। वह अक्सर बिजनेस, प्रेरणा और भारतीय संस्कृति से जुड़े पोस्ट शेयर करते हैं। हाल ही में उन्होंने संत कबीर के एक प्रसिद्ध दोहे “काल करे सो आज कर…” पर एक पोस्ट की थी।
अनिल अग्रवाल ने अपनी पोस्ट में लिखा था कि यह कबीर के दोहों में उनका सबसे पसंदीदा दोहा है और वह इसे अपने जीवन में पूरी तरह अपनाने की कोशिश करते हैं। इस पोस्ट पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी।
इसी कमेंट सेक्शन में एक यूजर ने अनिल अग्रवाल को मुख्यमंत्री के रूप में देखने की इच्छा जाहिर कर दी।
यूजर ने अनिल अग्रवाल को मुख्यमंत्री बनाने की जताई इच्छा
अनिल अग्रवाल की पोस्ट पर गुरु अनूप (Guru Anup) नाम के यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि काश अनिल अग्रवाल अविभाजित बिहार या झारखंड के मुख्यमंत्री होते।
यूजर ने अपने कमेंट में लिखा कि राजनीतिक व्यवस्था में भी ऐसे लोगों की जरूरत है। उन्होंने अनिल अग्रवाल के भारत को सोने के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने वाले विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि वह लंबे समय से देश को आत्मनिर्भर बनाने की संभावनाओं के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
हालांकि, यह सिर्फ एक यूजर की इच्छा और सोशल मीडिया प्रतिक्रिया है। अनिल अग्रवाल की ओर से राजनीति में आने को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है।
बिहार में हुआ है अनिल अग्रवाल का जन्म
अनिल अग्रवाल का संबंध बिहार से है। उनका जन्म साल 1954 में पटना में हुआ था। करीब 19 साल की उम्र में वह कारोबार के अवसर तलाशने मुंबई चले गए थे।
उन्होंने 1970 के दशक में स्क्रैप मेटल के कारोबार से अपना सफर शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने धातु, खनन और प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में बड़ा कारोबार खड़ा किया।
साल 2003 में वेदांता लंदन स्टॉक एक्सचेंज (LSE) पर सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय कंपनियों में शामिल हुई। इसके बाद कंपनी ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं अनिल अग्रवाल
अनिल अग्रवाल अब लंदन में रहते हैं और अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा सामाजिक कार्यों में लगाने के लिए जाने जाते हैं।
उनके नेतृत्व में अनिल अग्रवाल फाउंडेशन स्वास्थ्य, शिक्षा, बच्चों के पोषण और सामाजिक विकास से जुड़े कई क्षेत्रों में काम कर रहा है।
एक्स पर प्रेरणादायक पोस्ट करते रहते हैं
अनिल अग्रवाल सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहते हैं। उनकी पोस्ट में अक्सर सफलता, मेहनत, भारतीय संस्कृति और बिजनेस से जुड़े विचार देखने को मिलते हैं।
वह वेदांता ग्रुप की उपलब्धियों और देश के औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी राय साझा करते रहते हैं।


