CBSE 10 Board Exam Re-evaluation 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं मुख्य बोर्ड परीक्षा और सेकंड बोर्ड परीक्षा 2026 में शामिल छात्रों के लिए री-इवैल्यूएशन (Re-evaluation) प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्र 9 अगस्त तक अपनी चेक की गई उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद छात्र मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए रिजल्ट के बाद मिलने वाली सुविधाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 से सीबीएसई ने दो बोर्ड परीक्षा व्यवस्था लागू की है। इसके तहत छात्रों को मुख्य बोर्ड परीक्षा (Main Board Exam) और दूसरी बोर्ड परीक्षा (Second Board Exam) में शामिल होने का मौका दिया गया था।
अब दोनों परीक्षाओं के परिणाम जारी होने के बाद बोर्ड ने उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी, अंकों के सत्यापन और री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
CBSE 10वीं री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया तीन चरणों में होगी
सीबीएसई ने 5 अगस्त को जारी नोटिस में बताया कि री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी। छात्रों को मार्क्स वेरिफिकेशन या किसी प्रश्न के दोबारा मूल्यांकन (Re-evaluation) के लिए आवेदन करने से पहले अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करनी होगी।
बोर्ड के अनुसार, मुख्य बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट 15 अप्रैल को जारी किया गया था, जबकि सेकंड बोर्ड परीक्षा का परिणाम 18 जुलाई को घोषित किया गया था।
9 अगस्त तक ले सकते हैं उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी
सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में शामिल छात्र 5 अगस्त से 9 अगस्त तक अपनी मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे री-इवैल्यूएशन या मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आवेदन करने से पहले अपनी उत्तर पुस्तिका को ध्यान से जांच लें।
स्कैन कॉपी मिलने के बाद छात्र यह देख सकेंगे कि:
- सभी उत्तरों का मूल्यांकन हुआ है या नहीं।
- दिए गए अंकों में कोई गलती तो नहीं है।
- नंबर जोड़ने या ट्रांसफर करने में कोई त्रुटि तो नहीं हुई है।
मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए कब करें आवेदन?
उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी देखने के बाद छात्र 16 अगस्त से 19 अगस्त तक अंकों के सत्यापन (Marks Verification) और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
सीबीएसई के अनुसार:
- मार्क्स वेरिफिकेशन फीस: प्रति उत्तर पुस्तिका ₹300
- री-इवैल्यूएशन फीस: प्रति प्रश्न ₹100
अगर कोई छात्र दोनों सेवाओं के लिए आवेदन करता है तो उसे दोनों प्रक्रियाओं के लिए अलग-अलग निर्धारित शुल्क जमा करना होगा।
CBSE Verification में क्या-क्या जांचा जाएगा?
सीबीएसई के अनुसार अंकों के सत्यापन की प्रक्रिया में निम्न चीजों की जांच की जाएगी:
- कोई उत्तर बिना जांचे तो नहीं रह गया है।
- सभी प्रश्नों के अंक सही तरीके से जोड़े गए हैं या नहीं।
- उत्तर पुस्तिका से अंतिम रिजल्ट में नंबर ट्रांसफर करते समय कोई गलती तो नहीं हुई है।
यदि सत्यापन के बाद भी छात्र अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं हैं, तो वे चुने गए प्रश्नों के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
री-इवैल्यूएशन के बाद बदल सकते हैं नंबर
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि री-इवैल्यूएशन के बाद बदले हुए अंक ही अंतिम माने जाएंगे। यानी नंबर:
- बढ़ सकते हैं,
- घट सकते हैं,
- या पहले जैसे ही रह सकते हैं।
छात्रों को आवेदन करने से पहले इस बात का ध्यान रखना होगा कि री-इवैल्यूएशन के बाद जारी किए गए अंक स्वीकार करने होंगे।
ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं होंगे
सीबीएसई ने छात्रों को निर्देश दिया है कि सभी आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से तय समय सीमा के अंदर जमा किए जाएं। निर्धारित तारीख के बाद या ऑफलाइन माध्यम से भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
CBSE 10वीं री-इवैल्यूएशन 2026: महत्वपूर्ण तारीखें
| प्रक्रिया | तारीख |
|---|---|
| स्कैन कॉपी के लिए आवेदन शुरू | 5 अगस्त 2026 |
| स्कैन कॉपी आवेदन की अंतिम तारीख | 9 अगस्त 2026 |
| मार्क्स वेरिफिकेशन/री-इवैल्यूएशन आवेदन | 16 अगस्त से 19 अगस्त 2026 |
| वेरिफिकेशन फीस | ₹300 प्रति कॉपी |
| री-इवैल्यूएशन फीस | ₹100 प्रति प्रश्न |
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
जो छात्र अपने बोर्ड रिजल्ट से संतुष्ट नहीं हैं, उन्हें जल्दबाजी में री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन नहीं करना चाहिए। पहले उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी देखकर यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वास्तव में किसी उत्तर के मूल्यांकन या नंबर जोड़ने में गलती हुई है या नहीं।
सीबीएसई की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया छात्रों को अपने परिणाम की समीक्षा करने का मौका देती है, लेकिन अंतिम अंक संशोधित परिणाम के आधार पर ही स्वीकार किए जाएंगे।


