NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    fssai-100-percent-pure-label-ban-food-companies-packaging-cost-impact
    FSSAI के एक फैसले से फूड कंपनियों पर करोड़ों का बोझ! पैकेट से ‘100%’ हटाने की असली कीमत क्या है?
    23 जून 2026
    vedanta-block-deal-twin-star-holdings-sell-6-5-crore-shares-at-rs-291
    ये कंपनी बेच सकती है अनिल अग्रवाल की वेदांता के 6.5 करोड़ शेयर, ₹291 पर होगी डील; मगर क्यों?
    23 जून 2026
    nps-vatsalya-scheme-3-lakh-registrations-benefits-for-children
    क्यों बढ़ रहा है NPS Vatsalya स्कीम का क्रेज? 3 लाख से ज्यादा हुए रजिस्ट्रेशन; जानें बच्चों के लिए क्यों खास है यह योजना
    23 जून 2026
    mumbai-coastal-road-gardens-project-nita-ambani-announcement
    मुंबई में बनेगा 130 एकड़ में फैला Coastal Road Gardens, नीता अंबानी ने किया मेगा ग्रीन प्रोजेक्ट का ऐलान
    23 जून 2026
    kunal-shah-net-worth-whatsapp-new-ceo-cred-founder-story
    ना इंजीनियरिंग डिग्री, ना MBA पूरा किया; जानें WhatsApp के नए बॉस कुणाल शाह की नेटवर्थ
    23 जून 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-diesel-price-today-23-june-2026-crude-oil-falls-brent-price
    Petrol Price Today: US की राहत से 3% टूटा कच्चा तेल, क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? जानिए आज के नए रेट
    23 जून 2026
    petrol-price-today-22-june-2026-crude-oil-rises-hormuz-tension-petrol-diesel-rate
    Petrol Price Today: होर्मुज पर फिर बढ़ा तनाव, उबलने लगा कच्चा तेल; जानिए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का ताजा रेट
    22 जून 2026
    largest-silver-producer-country-in-world-mexico-india-rank
    चीन-रूस नहीं, इस देश ने निकाली सबसे ज्यादा सिल्वर, बना दुनिया का सबसे बड़ा चांदी उत्पादक; भारत का नंबर जानकर हो जाएंगे हैरान
    20 जून 2026
    petrol-price-today-brent-crude-above-80-dollar-petrol-diesel-rate-20-june-2026
    Petrol Price Today: फिर 80 डॉलर के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड, जानिए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का ताजा रेट
    20 जून 2026
    gold-silver-price-crash-19-june-2026-gold-silver-rate-fall
    Gold-Silver Price Crash: फिर गिरे सोने-चांदी के दाम, 24K गोल्ड ₹1.49 लाख के करीब फिसला, जानिए आपके शहर में क्या है नया रेट?
    19 जून 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    sbi-mutual-fund-ipo-sebi-approval-after-nse-jio-ipo
    IPO News: NSE और जियो के बाद एक और बड़ा आईपीओ, SBI म्यूचुअल फंड को SEBI की मंजूरी
    23 जून 2026
    kirloskar-oil-engines-share-price-multibagger-return-june-2026
    तूफानी शेयर! जनवरी से जून में ही Kirloskar Oil Engines ने डबल कर दिया पैसा; 6 साल में ₹150 से ₹2400 पर भाव
    22 जून 2026
    stock-market-holiday-muharram-share-market-closed-3-days-june-2026
    Stock Market Holiday: इस हफ्ते लगातार 3 दिन बंद रहेगा शेयर बाजार, इन दिनों NSE-BSE पर नहीं होगी ट्रेडिंग
    22 जून 2026
    bse-vs-nse-revenue-profit-comparison-nse-ipo-drhp
    BSE Vs NSE: 151 साल का दिग्गज या 34 साल का नया खिलाड़ी, कौन छाप रहा है ज्यादा नोट?
    22 जून 2026
    nocil-share-price-jumps-20-percent-after-anti-dumping-duty
    झमाझम रिटर्न! NOCIL के शेयर में 20% का तूफान, सरकार के एंटी-डंपिंग ड्यूटी फैसले से अचानक आई इतनी बड़ी तेजी?
    22 जून 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Cash in Indian Economy: नोटबंदी के बाद पहली बार इतना बड़ा उछाल, भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ते कैश ट्रेंड पर क्यों बढ़ी चिंता?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Cash in Indian Economy: नोटबंदी के बाद पहली बार इतना बड़ा उछाल, भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ते कैश ट्रेंड पर क्यों बढ़ी चिंता?

Namam Sharma
Last updated: 2026/05/10 at 1:37 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
cash-circulation-india-rbi-currency-growth-liquidity-warning
SHARE

भारत में डिजिटल पेमेंट्स और यूपीआई क्रांति के दौर के बीच एक दिलचस्प और अहम आर्थिक ट्रेंड तेजी से उभरता दिखाई दे रहा है।

Contents
डिजिटल इंडिया के दौर में फिर क्यों बढ़ रहा कैश?कितनी तेजी से बढ़ा कैश सर्कुलेशन?गांवों की मांग क्यों बन रही बड़ी वजह?GST कटौती से कैसे बढ़ी नकदी की मांग?कम ब्याज दरों ने क्यों बढ़ाया कैश इस्तेमाल?सोने-चांदी की कीमतों से कैसे जुड़ा है यह ट्रेंड?अर्थव्यवस्था के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?Liquidity Challenge क्या होती है?RBI के लिए क्यों बढ़ सकती है चुनौती?चुनाव और महंगाई से कैसे जुड़ सकती है नकदी मांग?क्या डिजिटल पेमेंट्स की रफ्तार कम हो रही है?RBI के डिविडेंड की क्या भूमिका हो सकती है?नोटबंदी के बाद क्या बदल गया?आगे क्या हो सकता है?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार अप्रैल के पहले 15 दिनों में सर्कुलेशन में मौजूद करेंसी यानी चलन में नकदी में 610 अरब रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

इसके साथ ही कुल करेंसी इन सर्कुलेशन बढ़कर 42.3 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों के अनुसार नोटबंदी के बाद 2017 की शुरुआत से यह नकदी में सबसे बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है।


डिजिटल इंडिया के दौर में फिर क्यों बढ़ रहा कैश?

पिछले कुछ वर्षों में भारत में यूपीआई और डिजिटल पेमेंट्स में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। इसके बावजूद नकदी की मांग बढ़ना कई अर्थशास्त्रियों के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसी बड़ी और विविध अर्थव्यवस्था में डिजिटल और कैश दोनों समानांतर रूप से बढ़ सकते हैं। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे कारोबारों और अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में नकदी की भूमिका अभी भी काफी मजबूत बनी हुई है।


कितनी तेजी से बढ़ा कैश सर्कुलेशन?

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार चलन में मौजूद नकदी में सालाना आधार पर करीब 11.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल अस्थायी उछाल नहीं, बल्कि पिछले कई महीनों से बढ़ती नकदी मांग का विस्तार माना जा रहा है।


गांवों की मांग क्यों बन रही बड़ी वजह?

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज प्राइमरी डीलरशिप के रिसर्च विशेषज्ञ अभिषेक उपाध्याय के अनुसार ग्रामीण मांग में मजबूती इस ट्रेंड की बड़ी वजह मानी जा रही है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अभी भी बड़ी मात्रा में लेनदेन नकदी आधारित होते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि आय में सुधार, सरकारी खर्च और ग्रामीण उपभोग बढ़ने से नकदी की मांग में तेजी आई है।


GST कटौती से कैसे बढ़ी नकदी की मांग?

सितंबर में रोजमर्रा की कई वस्तुओं पर GST कटौती का असर भी उपभोग पर पड़ा है।

विशेषज्ञों के अनुसार टैक्स राहत मिलने से उपभोक्ता खर्च बढ़ा, जिससे बाजार में नकदी की आवाजाही भी तेज हुई।


कम ब्याज दरों ने क्यों बढ़ाया कैश इस्तेमाल?

एसबीआई के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष के अनुसार कम ब्याज दरों ने भी नकदी के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब जमा पर ब्याज दरें अपेक्षाकृत कम रहती हैं, तो लोग खर्च और नकदी रखने की तरफ ज्यादा झुकाव दिखा सकते हैं।

खासतौर पर ग्रामीण और छोटे व्यापारिक क्षेत्रों में यह प्रभाव ज्यादा दिखाई देता है।


सोने-चांदी की कीमतों से कैसे जुड़ा है यह ट्रेंड?

विशेषज्ञों के अनुसार सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों ने भी नकदी प्रवाह को प्रभावित किया हो सकता है।

कई परिवार ऊंची कीमतों के दौरान पुराने सोने-चांदी की बिक्री या रीसाइक्लिंग करते हैं, जिससे बाजार में नकदी बढ़ सकती है।


अर्थव्यवस्था के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?

चलन में नकदी बढ़ना केवल भुगतान व्यवहार का संकेत नहीं है, बल्कि यह अर्थव्यवस्था की liquidity यानी तरलता की स्थिति को भी प्रभावित करता है।

विशेषज्ञों के अनुसार अगर लोग ज्यादा पैसा बैंकिंग सिस्टम के बजाय नकदी के रूप में रखने लगते हैं, तो बैंकों में उपलब्ध liquidity पर असर पड़ सकता है।


Liquidity Challenge क्या होती है?

बैंकिंग प्रणाली में liquidity का मतलब वह अतिरिक्त धन होता है जिसे बैंक कर्ज और आर्थिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

अगर बड़ी मात्रा में पैसा बैंकिंग सिस्टम से निकलकर नकदी के रूप में बाजार में रहने लगता है, तो lending capacity और liquidity balance प्रभावित हो सकता है।


RBI के लिए क्यों बढ़ सकती है चुनौती?

भारतीय रिजर्व बैंक पिछले कुछ समय से आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देने के लिए पर्याप्त liquidity बनाए रखने की कोशिश करता रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार अगर नकदी की मांग लगातार तेजी से बढ़ती रही, तो RBI को liquidity management में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभानी पड़ सकती है।


चुनाव और महंगाई से कैसे जुड़ सकती है नकदी मांग?

अर्थशास्त्री साक्षी गुप्ता के अनुसार अगर महंगाई बढ़ती है, ग्रामीण मांग और मजबूत होती है और राज्यों में चुनावी गतिविधियां बढ़ती हैं, तो चलन में नकदी का स्तर और ऊंचा बना रह सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी वर्षों में आमतौर पर नकदी की मांग बढ़ती देखी जाती है।


क्या डिजिटल पेमेंट्स की रफ्तार कम हो रही है?

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा नहीं कहा जा सकता कि नकदी बढ़ने का मतलब डिजिटल भुगतान घट रहे हैं। भारत में UPI लेनदेन अभी भी रिकॉर्ड स्तर पर बने हुए हैं।

असल में भारतीय अर्थव्यवस्था में “Digital + Cash Parallel Economy” का मॉडल तेजी से उभरता दिखाई दे रहा है, जहां दोनों माध्यम साथ-साथ बढ़ रहे हैं।


RBI के डिविडेंड की क्या भूमिका हो सकती है?

ANZ के अर्थशास्त्री धीरज निम के अनुसार RBI का डिविडेंड भविष्य में liquidity को कुछ हद तक समर्थन दे सकता है। हालांकि अगर चलन में नकदी लगातार बढ़ती रही, तो यह अतिरिक्त liquidity को कम भी कर सकती है।


नोटबंदी के बाद क्या बदल गया?

2016 की नोटबंदी के बाद उम्मीद की जा रही थी कि भारत तेजी से कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था की तरफ बढ़ेगा। हालांकि पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े दिखाते हैं कि डिजिटल भुगतान बढ़ने के बावजूद नकदी की भूमिका पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसी विशाल और विविध अर्थव्यवस्था में नकदी अभी भी भरोसे, सुविधा और छोटे लेनदेन का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है।


आगे क्या हो सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में ग्रामीण मांग, महंगाई, ब्याज दरें और चुनावी गतिविधियां नकदी मांग को प्रभावित कर सकती हैं। अगर नकदी सर्कुलेशन तेजी से बढ़ता रहा, तो RBI को liquidity balance बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।

इसके साथ ही भारत में डिजिटल भुगतान और नकदी आधारित अर्थव्यवस्था दोनों का समानांतर विस्तार जारी रहने की संभावना दिखाई दे रही है।

Also Read:

  • Gen Z Mindset: Relationship, Career और Social Media पर नई सोच – Podcast से सामने आई असली तस्वीर
  • Titan ने रचा इतिहास! कारोबार ₹75,000 करोड़ के पार, Q4 में 46% की दमदार ग्रोथ; निवेशकों को मिलेगा ₹15 डिविडेंड

You Might Also Like

FSSAI के एक फैसले से फूड कंपनियों पर करोड़ों का बोझ! पैकेट से ‘100%’ हटाने की असली कीमत क्या है?

ये कंपनी बेच सकती है अनिल अग्रवाल की वेदांता के 6.5 करोड़ शेयर, ₹291 पर होगी डील; मगर क्यों?

क्यों बढ़ रहा है NPS Vatsalya स्कीम का क्रेज? 3 लाख से ज्यादा हुए रजिस्ट्रेशन; जानें बच्चों के लिए क्यों खास है यह योजना

मुंबई में बनेगा 130 एकड़ में फैला Coastal Road Gardens, नीता अंबानी ने किया मेगा ग्रीन प्रोजेक्ट का ऐलान

ना इंजीनियरिंग डिग्री, ना MBA पूरा किया; जानें WhatsApp के नए बॉस कुणाल शाह की नेटवर्थ

TAGGED: Banking System, business news, Cash Circulation, Cash Demand, Currency in Circulation, Digital Payments, Economy News, Financial System, indian economy, Inflation, Liquidity, NewsJagran, RBI, rural economy, UPI, नोटबंदी, भारत अर्थव्यवस्था, हिंदी न्यूज़
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article gen-z-mindset-relationships-career-social-media-india Gen Z Mindset: Relationship, Career और Social Media पर नई सोच – Podcast से सामने आई असली तस्वीर
Next Article maruti-suzuki-dzire-best-selling-car-april-2026-india Maruti Suzuki Dzire ने SUV ट्रेंड को दी टक्कर! अप्रैल 2026 में बनी देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

Defence Exams 2025 – NDA/CDS Eligibility & Updates
Defence Exams 2025 – NDA/CDS Eligibility & Updates
एजुकेशन
Railways Recruitment 2025 – Vacancy & Admit Card
Railways Recruitment 2025 – Vacancy & Admit Card
एजुकेशन
Banking Exams 2025 – IBPS, SBI, RRB Updates
Banking Exams 2025 – IBPS, SBI, RRB Updates
एजुकेशन
SSC CGL 2025 – Notification, Eligibility, Preparation
SSC CGL 2025 – Notification, Eligibility, Preparation
एजुकेशन
UPSC 2025 – Syllabus, Exam Dates, Preparation Tips
UPSC 2025 – Syllabus, Exam Dates, Preparation Tips
एजुकेशन
Emerging Sectors in Education 2025 – AI, Robotics, Renewable Energy
Emerging Sectors in Education 2025 – AI, Robotics, Renewable Energy
एजुकेशन
Best Vocational Courses 2025 – Short-term Certification
Best Vocational Courses 2025 – Short-term Certification
एजुकेशन
University Fee Waivers 2025 – पात्रता और आवेदन गाइड
University Fee Waivers 2025 – पात्रता और आवेदन गाइड
एजुकेशन
Private vs Government College – Admission Guide 2025
Private vs Government College – Admission Guide 2025
एजुकेशन
Online Degree Programs 2025 – Best Platforms
Online Degree Programs 2025 – Best Platforms
एजुकेशन

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?