Gold Jewellery Investment: सोने में निवेश करने वालों के लिए अब ब्रांडेड ज्वेलरी खरीदने के कई नए विकल्प सामने आए हैं। ज्वेलरी कंपनियां फिनटेक प्लेटफॉर्म और डिजिटल गोल्ड सेवाओं के साथ साझेदारी कर रही हैं, जिससे ग्राहक अपनी छोटी-छोटी बचत का इस्तेमाल सोने की ज्वेलरी खरीदने में कर सकते हैं। इसी कड़ी में कैरेटलेन ने Paytm के साथ साझेदारी की है, जबकि Zen Diamond India ने My Gold Multiplier Plan लॉन्च किया है।
इन योजनाओं का मकसद ग्राहकों को एकमुश्त बड़ी रकम खर्च करने के बजाय नियमित तौर पर छोटी रकम जमा करके भविष्य में गोल्ड ज्वेलरी खरीदने का विकल्प देना है। हालांकि, ऐसी योजनाओं में पैसा लगाने से पहले इनके नियम, शुल्क और कंपनी की शर्तों को समझना जरूरी है।
Paytm के डिजिटल गोल्ड से खरीद सकेंगे कैरेटलेन की ज्वेलरी
कैरेटलेन ने Paytm के साथ साझेदारी की है। इसके तहत Paytm यूजर्स डिजिटल गोल्ड में जमा अपनी रकम का इस्तेमाल कैरेटलेन की ज्वेलरी खरीदने के लिए कर सकते हैं।
इसे एक उदाहरण से समझिए। अगर किसी ग्राहक ने Paytm के जरिए धीरे-धीरे करके डिजिटल गोल्ड में 6,000 रुपये का निवेश किया है और उसे कैरेटलेन की 8,000 रुपये की ज्वेलरी पसंद आती है, तो वह 6,000 रुपये के डिजिटल गोल्ड निवेश का इस्तेमाल कर सकता है। बाकी 2,000 रुपये का भुगतान UPI, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग जैसे विकल्पों से किया जा सकता है।
इससे उन ग्राहकों को सुविधा मिल सकती है जो हर महीने थोड़ी रकम अलग रखकर भविष्य में गोल्ड ज्वेलरी खरीदना चाहते हैं।
घर बैठे ज्वेलरी डिलीवरी की सुविधा
कैरेटलेन की ओर से कई शहरों में होम डिलीवरी की सुविधा भी उपलब्ध है। ग्राहक ज्वेलरी का ऑर्डर करने के बाद उसकी पैकिंग और शिपमेंट से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं।
Paytm ऐप के जरिए ऑर्डर कन्फर्मेशन, ट्रैकिंग और खरीदारी से जुड़ी जानकारी देखने की सुविधा भी दी जाती है। इससे ग्राहक को अपने ऑर्डर की स्थिति पर नजर रखने में आसानी होती है।
Zen Diamond का My Gold Multiplier Plan क्या है?
Zen Diamond India ने ग्राहकों के लिए My Gold Multiplier Plan शुरू किया है। इसके तहत ग्राहक नियमित तौर पर रकम जमा कर सकते हैं और योजना की मैच्योरिटी पर इस रकम का इस्तेमाल 999 फाइन हॉलमार्किंग गोल्ड ज्वेलरी खरीदने के लिए किया जा सकता है।
कंपनी के एमडी नील सोनावाला के मुताबिक, योजना की मैच्योरिटी पर ग्राहकों को उनके निवेश के साथ 30 फीसदी रिवॉर्ड भी दिया जाएगा। ग्राहक रिडेम्प्शन के समय अपने 24-कैरेट गोल्ड का इस्तेमाल करने का विकल्प भी चुन सकते हैं।
हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि 30 फीसदी रिवॉर्ड जैसी सुविधा योजना के नियमों और पात्रता शर्तों के अधीन हो सकती है। इसलिए निवेश करने से पहले कंपनी की पूरी स्कीम डॉक्यूमेंट और नियम जरूर पढ़ें।
जीरो-कॉस्ट EMI का भी विकल्प
Zen Diamond ने InstaOne EMI Programme भी शुरू किया है। कंपनी के अनुसार, यह जीरो-कॉस्ट, जीरो-डाउनपेमेंट और जीरो-इंटरेस्ट EMI विकल्प है।
कंपनी के मुताबिक, ग्राहक को उसके स्टोर पर हर 90,000 रुपये की खरीदारी पर 1 ग्राम गोल्ड कॉइन भी दिया जाता है। इस तरह ग्राहक के पास एक साथ पूरी रकम खर्च करने के बजाय EMI के जरिए ज्वेलरी खरीदने का विकल्प रहता है।
हालांकि, किसी भी ‘जीरो-कॉस्ट’ या ‘जीरो-इंटरेस्ट’ EMI को लेने से पहले यह देखना जरूरी है कि इसमें प्रोसेसिंग फीस, अन्य चार्ज, न्यूनतम खरीदारी या दूसरी शर्तें तो लागू नहीं हैं।
छोटी बचत से गोल्ड खरीदने का क्या फायदा?
सोने की ज्वेलरी खरीदने के लिए हर किसी के पास एक साथ बड़ी रकम उपलब्ध नहीं होती। ऐसे में नियमित छोटी बचत से ज्वेलरी खरीदने वाली योजनाएं बजट को मैनेज करने में मदद कर सकती हैं।
उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति हर महीने एक निश्चित रकम अलग रखता है, तो कुछ समय बाद उसके पास ज्वेलरी खरीदने के लिए पर्याप्त फंड जमा हो सकता है। डिजिटल गोल्ड या ज्वेलरी सेविंग स्कीम के जरिए यह प्रक्रिया कुछ ग्राहकों के लिए सुविधाजनक हो सकती है।
लेकिन यह ध्यान रखना चाहिए कि ज्वेलरी को केवल निवेश के नजरिए से देखना हमेशा सही नहीं होता। ज्वेलरी की कीमत में सोने के अलावा मेकिंग चार्ज, वेस्टेज और अन्य शुल्क भी शामिल हो सकते हैं। बेचने के समय इन सभी लागतों की पूरी भरपाई होना जरूरी नहीं है।
निवेश से पहले इस बात का रखें ध्यान
ऐसी ज्वेलरी सेविंग स्कीम में पैसा जमा करने से पहले ग्राहक को कंपनी की शर्तों को अच्छी तरह पढ़ना चाहिए। खास तौर पर मैच्योरिटी अवधि, रिडेम्प्शन नियम, रिफंड पॉलिसी, मेकिंग चार्ज, टैक्स और किसी भी अतिरिक्त शुल्क की जानकारी लेना जरूरी है।
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि ज्वेलरी कंपनियों की ऐसी सेविंग स्कीमें बैंक FD या RBI-regulated deposit जैसी नहीं होतीं। इसलिए इन्हें बैंक जमा या किसी रेगुलेटेड निवेश उत्पाद के समान नहीं समझना चाहिए।
कंपनी के साथ किसी विवाद की स्थिति में शिकायत का रास्ता भी योजना और संबंधित सेवा की प्रकृति पर निर्भर करेगा। इसलिए निवेश करने से पहले कंपनी की विश्वसनीयता, नियम और भुगतान की शर्तों की स्वतंत्र रूप से जांच करना बेहतर है।
क्या आपको ऐसी गोल्ड स्कीम में पैसा लगाना चाहिए?
अगर आपका उद्देश्य आने वाले समय में ज्वेलरी खरीदना है और आप हर महीने थोड़ी रकम बचाना चाहते हैं, तो ऐसी योजनाएं आपके लिए सुविधाजनक हो सकती हैं। लेकिन अगर आपका मुख्य उद्देश्य सोने में निवेश करके रिटर्न कमाना है, तो केवल ज्वेलरी सेविंग स्कीम को निवेश का विकल्प मानने से पहले दूसरे विकल्पों की तुलना करना जरूरी है।
सोने में निवेश के लिए डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जहां उपलब्ध हों, और फिजिकल गोल्ड जैसे विकल्पों की लागत, जोखिम, लिक्विडिटी और टैक्स नियम अलग-अलग होते हैं।
निष्कर्ष: छोटी-छोटी बचत से ब्रांडेड गोल्ड ज्वेलरी खरीदना अब पहले की तुलना में आसान हो सकता है। Paytm और कैरेटलेन की साझेदारी तथा Zen Diamond की सेविंग और EMI योजनाएं ग्राहकों को अलग-अलग तरीके से भुगतान और खरीदारी की सुविधा देती हैं। हालांकि, किसी भी स्कीम में पैसा लगाने से पहले उसकी शर्तें पढ़ना और यह समझना जरूरी है कि यह निवेश उत्पाद है या मुख्य रूप से ज्वेलरी खरीदने की योजना।


