बिहार में ₹51,600 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर MoU साइन हुए हैं। न्यूक्लियर एनर्जी, स्टील, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और फार्मा सेक्टर में बड़े उद्योग लगेंगे। जानिए किन कंपनियों ने कितना निवेश किया और कितनी नौकरियां मिलेंगी।
नई दिल्ली: बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में विभिन्न औद्योगिक समूहों के साथ ₹51,600 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किए गए। इन निवेशों से राज्य में न्यूक्लियर एनर्जी, स्टील, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और फार्मास्युटिकल जैसे अहम सेक्टरों में बड़े उद्योग स्थापित होंगे।
सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से बिहार में औद्योगिक आधार मजबूत होगा और करीब 27 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। लंबे समय से उद्योगों के मामले में पिछड़े माने जाने वाले बिहार के लिए यह निवेश आर्थिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में सबसे बड़ा निवेश
इस निवेश अभियान में सबसे बड़ा प्रस्ताव ग्लोबल रिन्यूएबल एडवांस्ड क्लीन एनर्जी (GRACE) प्राइवेट लिमिटेड की ओर से आया है। कंपनी ने ₹22,500 करोड़ के निवेश का MoU साइन किया है।
सरकार के अनुसार यह परियोजना बिहार में स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) को बढ़ावा देने के साथ-साथ भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे राज्य का ऊर्जा ढांचा भी मजबूत होगा और निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
स्टील सेक्टर में भी निवेशकों का भरोसा
बिहार को स्टील उत्पादन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से स्टील सेक्टर में कुल 6 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। प्रमुख निवेश इस प्रकार हैं—
| कंपनी | प्रस्तावित निवेश |
|---|---|
| नक्षत्र आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड | ₹6,836 करोड़ |
| अंकुर स्टील प्राइवेट लिमिटेड | ₹6,000 करोड़ |
| श्री लंगटा बाबा मेटल्स एंड पावर लिमिटेड | ₹5,500 करोड़ |
| श्याम स्टील | ₹500 करोड़ |
| शाकंभरी इस्पात | ₹500 करोड़ |
इन निवेशों से स्टील उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ-साथ राज्य में नई औद्योगिक इकाइयों का विस्तार होने की संभावना है।
टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और फार्मा पर भी रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार केवल निवेश प्रस्तावों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने का प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर बिहार के लिए सबसे अधिक रोजगार देने वाले क्षेत्रों में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग और फार्मास्युटिकल उद्योग को भी राज्य सरकार प्राथमिकता दे रही है ताकि कृषि और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सके।
करीब 27 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
सरकार के अनुसार इन निवेश परियोजनाओं के शुरू होने के बाद लगभग 27 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इससे न केवल युवाओं को राज्य में रोजगार मिलेगा बल्कि दूसरे राज्यों में पलायन की समस्या को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी परियोजनाएं तय समय पर लागू होती हैं तो बिहार की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
बिहार बिजनेस कनेक्ट 2026 की तैयारियां तेज
मुख्यमंत्री ने बिहार बिजनेस कनेक्ट 2026 की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश और विदेश के निवेशकों को बिहार में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों से जोड़ने का बड़ा मंच बनेगा।
राज्य सरकार इस अभियान को “Build and Believe in Bihar” थीम के साथ आगे बढ़ा रही है, जिसका उद्देश्य बिहार को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाना है।
बिहार की अर्थव्यवस्था को मिल सकती है नई गति
₹51,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव बिहार के औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माने जा रहे हैं। यदि ये परियोजनाएं समय पर लागू होती हैं तो राज्य में रोजगार, आधारभूत ढांचे और औद्योगिक उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है। खासकर ऊर्जा, स्टील, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में नए निवेश बिहार की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का काम करेंगे।


