राजस्थान की राजधानी जयपुर तेजी से देश के प्रमुख रियल एस्टेट हब के रूप में उभर रही है। खासकर अजमेर रोड और मानसरोवर एक्सटेंशन जैसे इलाकों में प्रीमियम और लो-डेंसिटी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी बीच दिल्ली की रियल एस्टेट कंपनी आशियाना हाउसिंग लिमिटेड ने जयपुर में अपने नए प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट ‘आशियाना ओमा’ को लॉन्च करने की घोषणा की है।
हालांकि कंपनी के इस बड़े ऐलान के बावजूद शुक्रवार को शेयर बाजार में आशियाना हाउसिंग के शेयर दबाव में दिखाई दिए और गिरावट के साथ बंद हुए।
क्या है आशियाना ओमा प्रोजेक्ट?
बीएसई और एनएसई में लिस्टेड रियल एस्टेट कंपनी आशियाना हाउसिंग लिमिटेड ने जयपुर के मानसरोवर एक्सटेंशन क्षेत्र में ‘आशियाना ओमा’ नाम से एक प्रीमियम ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लॉन्च किया है। कंपनी के अनुसार यह प्रोजेक्ट अजमेर रोड माइक्रो-मार्केट में स्थित है, जो जयपुर के तेजी से विकसित हो रहे रिहायशी इलाकों में शामिल माना जाता है।
करीब 10.35 एकड़ क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट को दो चरणों में विकसित किया जाएगा। फिलहाल कंपनी ने इसके पहले चरण यानी फेज-1 की लॉन्चिंग की है। यह एक ज्वाइंट वेंचर प्रोजेक्ट है जिसे डेवलपर पार्टनर के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा है।
रियल एस्टेट सेक्टर के जानकारों का मानना है कि जयपुर में पिछले कुछ वर्षों में प्रीमियम और बड़े आकार वाले फ्लैट्स की मांग तेजी से बढ़ी है। खासकर ऐसे खरीदार जो दिल्ली-एनसीआर या दूसरे बड़े शहरों से बेहतर लाइफस्टाइल और कम लागत वाले शहरों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं, वे जयपुर जैसे शहरों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
निवेशकों नहीं, इंड-यूजर्स पर फोकस
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ‘आशियाना ओमा’ को मुख्य रूप से निवेशकों के बजाय इंड-यूजर्स यानी वहां वास्तव में रहने वाले परिवारों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
आशियाना हाउसिंग का कहना है कि यह प्रोजेक्ट ऐसे लोगों के लिए तैयार किया गया है जो भीड़भाड़ से दूर, लो-डेंसिटी और हरियाली वाले वातावरण में रहना पसंद करते हैं। कंपनी का फोकस बड़े परिवारों और प्रीमियम लाइफस्टाइल चाहने वाले खरीदारों पर है।
रियल एस्टेट बाजार में पिछले कुछ वर्षों में यह ट्रेंड तेजी से बढ़ा है कि लोग अब केवल फ्लैट नहीं बल्कि बेहतर ओपन स्पेस, वेंटिलेशन, ग्रीन एरिया और प्राइवेसी को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। कोविड महामारी के बाद बड़े घरों और ओपन बालकनी वाले प्रोजेक्ट्स की मांग में काफी इजाफा हुआ है।
कितने रुपये का होगा निवेश?
कंपनी के मुताबिक इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब 558.60 करोड़ रुपये का निवेश अनुमानित है।
वहीं इसके पहले चरण के डेवलपमेंट में लगभग 186.78 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह निवेश निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर, लैंडस्केपिंग और प्रीमियम सुविधाओं पर किया जाएगा।
रियल एस्टेट सेक्टर के विशेषज्ञों के अनुसार जयपुर जैसे शहरों में प्रीमियम प्रोजेक्ट्स पर बढ़ता निवेश यह संकेत देता है कि टियर-2 शहर अब केवल किफायती आवास तक सीमित नहीं रहे। अब यहां हाई-एंड रेजिडेंशियल सेगमेंट भी तेजी से विकसित हो रहा है।
प्रोजेक्ट में कितने मकान बनेंगे?
आशियाना ओमा के पहले चरण में कुल 280 यूनिट्स डेवलप की जाएंगी। जबकि पूरे प्रोजेक्ट में लगभग 490 रेजिडेंशियल यूनिट्स बनाई जाएंगी। इनमें मुख्य रूप से: 3 BHK अपार्टमेंट, 4 BHK प्रीमियम यूनिट्स, लक्जरी पेंटहाउस शामिल होंगे।
कंपनी के अनुसार यूनिट्स का आकार: 1,740 वर्ग फीट, 2,044 वर्ग फीट, 2,700 वर्ग फीट तक रखा गया है। यानी यह प्रोजेक्ट छोटे फ्लैट्स की बजाय बड़े और प्रीमियम घरों पर केंद्रित है। कंपनी का कहना है कि हर यूनिट को बड़े डेक एरिया और कनेक्टेड बालकनियों के साथ डिजाइन किया गया है ताकि प्राकृतिक रोशनी और बेहतर वेंटिलेशन मिल सके।
जयपुर रियल एस्टेट मार्केट में क्यों बढ़ रही मांग?
जयपुर में पिछले कुछ वर्षों में रियल एस्टेट गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। इसके पीछे कई बड़े कारण हैं:
1. बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर
अजमेर रोड, टोंक रोड और मानसरोवर एक्सटेंशन जैसे इलाकों में सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।
2. दिल्ली-एनसीआर से कम कीमत
दिल्ली और गुरुग्राम की तुलना में जयपुर में बड़े घर अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध हैं।
3. आईटी और सर्विस सेक्टर का विस्तार
जयपुर में नए बिजनेस और आईटी हब विकसित होने से प्रोफेशनल्स की संख्या बढ़ रही है।
4. बेहतर लाइफस्टाइल
कम ट्रैफिक, बेहतर वातावरण और कम प्रदूषण भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। इसी वजह से कई बड़े डेवलपर्स अब जयपुर में प्रीमियम हाउसिंग प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहे हैं।
शेयर बाजार में क्यों टूटा आशियाना हाउसिंग का शेयर?
दिलचस्प बात यह रही कि इतने बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा के बावजूद शुक्रवार को आशियाना हाउसिंग के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
शुक्रवार 22 मई 2026 को: बीएसई सेंसेक्स 232 अंक की तेजी के साथ बंद हुआ लेकिन आशियाना हाउसिंग का शेयर 1.52% गिर गया गुरुवार को कंपनी का शेयर 377.50 रुपये पर बंद हुआ था जबकि शुक्रवार को 381.35 रुपये पर खुलने के बाद गिरकर बंद हुआ.
विशेषज्ञों का कहना है कि कभी-कभी बड़े प्रोजेक्ट लॉन्च के बाद निवेशक कंपनी के कैश फ्लो, निवेश लागत और प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर सतर्क हो जाते हैं। यही वजह हो सकती है कि बाजार ने इस खबर पर बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी।
क्या प्रीमियम हाउसिंग में तेजी जारी रहेगी?
भारत के बड़े शहरों के साथ-साथ टियर-2 शहरों में भी प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है। खासकर बड़े आकार के घर, ग्रीन स्पेस और लो-डेंसिटी प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ती दिखाई दे रही है।
रियल एस्टेट कंसल्टेंसी कंपनियों की हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2025-26 में प्रीमियम हाउसिंग की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई 3 BHK और उससे बड़े फ्लैट्स की मांग सबसे ज्यादा बढ़ी जयपुर, लखनऊ, इंदौर और अहमदाबाद जैसे शहर निवेशकों और खरीदारों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं ऐसे में आशियाना हाउसिंग का यह नया प्रोजेक्ट कंपनी के लिए लंबी अवधि में अहम साबित हो सकता है।
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