Highlights
- पिछले 10 वर्षों में किसानों की आय में 138 प्रतिशत की वृद्धि का दावा
- भारत की कृषि विकास दर दुनिया में सबसे तेज बताई गई
- MSP के नए फॉर्मूले को आय बढ़ाने का बड़ा कारण माना गया
- पीएम मोदी को FAO का प्रतिष्ठित Agricola Medal 2026 सम्मान मिला
नई दिल्ली| देश के किसानों की आय और कृषि क्षेत्र की प्रगति को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। नीति आयोग के सदस्य और कृषि अर्थशास्त्री रमेश चंद के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों में भारतीय किसानों की आय में करीब 138 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने इसे आजादी के बाद कृषि क्षेत्र के लिए सबसे बेहतर दशक बताया है।
रमेश चंद ने एक हालिया इंटरव्यू में कहा कि 2015 से 2026 के बीच भारतीय कृषि और संबद्ध क्षेत्रों ने औसतन 4.45 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है। उनके अनुसार, यह भारतीय कृषि इतिहास की सबसे मजबूत और लगातार बनी रहने वाली विकास दर है।
10 वर्षों में रिकॉर्ड कृषि वृद्धि
रमेश चंद ने कहा कि इससे पहले भारत ने किसी भी लगातार 10 वर्षों की अवधि में 4.4 प्रतिशत से अधिक की कृषि विकास दर हासिल नहीं की थी। उनका मानना है कि केंद्र सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में किए गए नीतिगत बदलावों का सीधा फायदा किसानों को मिला है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य तय किए जाने के बाद कई महत्वपूर्ण योजनाएं और सुधार लागू किए गए। इनका असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है।
भारत दुनिया के सबसे बड़े कृषि उत्पादक देशों में शामिल है। ऐसे में लगातार बढ़ती कृषि विकास दर को सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मजबूत होने का संकेत मान रही है।
MSP फॉर्मूले को बताया बड़ा गेमचेंजर
रमेश चंद ने किसानों की आय बढ़ने के पीछे न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP के नए फॉर्मूले को सबसे बड़ा कारण बताया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में सरकार ने MSP तय करने का नया तरीका लागू किया, जिसके तहत किसानों को उनकी लागत और पारिवारिक श्रम के मुकाबले कम से कम 50 प्रतिशत अधिक MSP देने की गारंटी दी गई।
उनके अनुसार, यह भारतीय कृषि इतिहास में किसानों की आय सुधारने की दिशा में सबसे बड़ा नीतिगत कदम था। इससे गेहूं, धान, दालों और तिलहन जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि MSP में लगातार बढ़ोतरी से किसानों को बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में भी न्यूनतम सुरक्षा मिलती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खर्च करने की क्षमता बढ़ती है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होता है।
चीन को पीछे छोड़ भारत बना नंबर-1
रमेश चंद ने दावा किया कि वैश्विक स्तर पर 1 प्रतिशत से अधिक कृषि उत्पादन करने वाले बड़े देशों में भारत की कृषि विकास दर सबसे अधिक है।
उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक चीन इस सूची में शीर्ष पर था, लेकिन अब भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है। उनके मुताबिक, भारत की कृषि वृद्धि दर दुनिया की प्रमुख कृषि अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज है।
हालांकि कृषि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि भारत में कृषि क्षेत्र की चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। छोटे किसानों की आय, सिंचाई, मौसम जोखिम और फसल लागत जैसे मुद्दे अभी भी बड़े स्तर पर मौजूद हैं।
इसके बावजूद बीते वर्षों में कृषि निर्यात, रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन और तकनीक के इस्तेमाल में तेजी ने भारत की स्थिति को मजबूत किया है।
कृषि क्षेत्र में किन योजनाओं का मिला फायदा?
विशेषज्ञ मानते हैं कि किसानों की आय बढ़ाने में कई सरकारी योजनाओं ने भी अहम भूमिका निभाई है। इनमें प्रमुख रूप से पीएम किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, माइक्रो इरिगेशन और ड्रिप सिंचाई योजनाएं, डिजिटल कृषि मिशन, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा. इन योजनाओं की मदद से किसानों को सीधे आर्थिक सहायता, तकनीकी मदद और बाजार तक पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया गया।
FAO ने पीएम मोदी को दिया Agricola Medal
रमेश चंद ने रोम स्थित खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिए गए Agricola Medal 2026 का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत की कृषि, खाद्य सुरक्षा और गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उपलब्धियों को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह सम्मान देश के किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को समर्पित किया।
FAO का Agricola Medal कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले नेताओं और संस्थाओं को दिया जाता है।
क्या वास्तव में किसानों की आय दोगुनी हुई?
हालांकि किसानों की आय को लेकर अलग-अलग संस्थाओं के आंकड़े और आकलन अलग हो सकते हैं। कई कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आय में वृद्धि हुई है, लेकिन महंगाई और बढ़ती लागत को देखते हुए वास्तविक लाभ का मूल्यांकन भी जरूरी है।
ग्रामीण मजदूरी, डीजल, खाद, बिजली और बीज की लागत बढ़ने से किसानों का खर्च भी बढ़ा है। ऐसे में केवल आय वृद्धि के आंकड़ों से पूरी तस्वीर साफ नहीं होती।
फिर भी कृषि क्षेत्र में लगातार विकास दर, रिकॉर्ड उत्पादन और निर्यात में बढ़ोतरी को सरकार अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है।
आने वाले समय में क्या चुनौती?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में भारत को कृषि क्षेत्र में इन चुनौतियों पर काम करना होगा जल संकट, जलवायु परिवर्तन, छोटे किसानों की कम आय, कृषि निर्यात प्रतिस्पर्धा, भंडारण और सप्लाई चेन सुधार
अगर इन क्षेत्रों में सुधार जारी रहता है तो भारत आने वाले समय में वैश्विक कृषि महाशक्ति के रूप में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।
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