भारत के तेजी से बढ़ते creator economy और online education sector को बड़ा झटका देते हुए Ankur Warikoo ने अपने profitable online courses business को बंद करने का ऐलान कर दिया है। Warikoo ने 15 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर करते हुए बताया कि वह पांच साल पुराने अपने courses platform को पूरी तरह बंद कर रहे हैं, जबकि यह बिजनेस लगातार मुनाफे में था।
उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म ने अब तक 5 लाख से ज्यादा छात्रों को जोड़ा, ₹100 करोड़ से अधिक revenue कमाया और करीब ₹25 करोड़ का profit बनाया। इसके बावजूद उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “अब इसे जारी रखने का कोई मतलब नहीं है।”
यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि भारत में अधिकांश edtech कंपनियां अभी profitability हासिल करने के लिए संघर्ष कर रही हैं, जबकि Warikoo का platform profit में होने के बावजूद बंद किया जा रहा है।
क्या बोले अंकुर वारिकू?
I am shutting down my 100 crores courses business.
We’ve grown beyond what I could have imagined, since we started in 2020.
5 lakh students.
100 crores in sales.
25 crores in profits.
But it makes no sense to continue it.
I’ll be sharing more about my decision and what… pic.twitter.com/hBfyX0Dqm7
— Ankur Warikoo (@warikoo) May 15, 2026 अपने वीडियो संदेश में Warikoo ने कहा:
“मैं अपना courses business बंद कर रहा हूं। 5 साल, 5 लाख छात्र और ₹100 करोड़ revenue के बाद भी अब इसे पूरी तरह बंद किया जा रहा है।”
इसके साथ उन्होंने X पर एक लंबा पोस्ट भी लिखा, जिसमें उन्होंने अपने इस सफर का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि 2020 में शुरू हुआ यह venture उनकी उम्मीदों से कहीं ज्यादा बड़ा बन गया था, लेकिन अब उन्हें इसे आगे जारी रखना सही नहीं लग रहा।
उन्होंने लिखा:
“5 लाख छात्र। ₹100 करोड़ की बिक्री। ₹25 करोड़ का मुनाफा। लेकिन अब इसे जारी रखने का कोई मतलब नहीं है।”
Warikoo ने यह भी कहा कि वह 16 मई की रात अपने इस फैसले के पीछे की पूरी कहानी और आगे की योजना साझा करेंगे।
मुनाफे में होने के बावजूद business बंद क्यों?
यही सवाल इस वक्त creator economy और startup ecosystem में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। आमतौर पर कंपनियां घाटे की वजह से बंद होती हैं, लेकिन यहां मामला बिल्कुल उल्टा है।
हालांकि Warikoo ने अभी पूरी वजह सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन उनके पुराने interviews, public talks और social media posts से कुछ संकेत जरूर मिलते हैं।
Online Education Market तेजी से बदल रहा
2020 से 2022 के बीच online courses industry में जबरदस्त boom देखने को मिला था। कोरोना महामारी और lockdown के दौरान लाखों लोग online learning की तरफ आए। इसी दौरान creators और influencers ने paid courses के जरिए बड़ी audience और revenue build किया।
लेकिन अब market पूरी तरह बदल चुका है।
आज:
- लोगों के पास free content की भरमार है,
- competition कई गुना बढ़ गया है,
- course completion rates गिर रहे हैं,
- और recorded course model पहले जितना मजबूत नहीं रहा।
यानी सिर्फ वीडियो रिकॉर्ड करके बेचने वाला मॉडल अब पहले जैसा आकर्षक नहीं बचा है।
क्या AI बना सबसे बड़ा कारण?
Warikoo के announcement के बाद सोशल मीडिया पर कई users ने इस फैसले को AI revolution से जोड़ना शुरू कर दिया। एक user ने X पर पूछा:
“क्या इसकी वजह AI है?”
इस पर Warikoo ने जवाब दिया:
“बहुत बड़ा असर।”
यही छोटा सा जवाब अब बड़ी चर्चा का कारण बन गया है।
दरअसल पिछले डेढ़ साल में artificial intelligence ने online learning industry को पूरी तरह बदलना शुरू कर दिया है। पहले जहां लोग recorded video courses खरीदते थे, अब वही जानकारी AI tools से कुछ सेकंड में मिल जाती है।
आज AI:
- personalized learning दे रहा है,
- तुरंत सवालों के जवाब दे रहा है,
- coding से लेकर resume writing तक मदद कर रहा है,
- और मुफ्त में knowledge access आसान बना रहा है।
इससे traditional course-selling model पर दबाव बढ़ रहा है।
Edtech Industry के लिए बड़ा संकेत
Warikoo का यह फैसला सिर्फ एक creator का business shutdown नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे India’s creator-led edtech model के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।
भारत में पिछले कुछ वर्षों में हजारों creators ने personal finance, stock market, productivity, career growth, entrepreneurship जैसे topics पर paid courses launch किए थे।
लेकिन अब market saturation साफ दिखाई देने लगा है। कई users expensive courses खरीदने के बाद dissatisfaction भी जाहिर कर चुके हैं। इसके अलावा YouTube, newsletters, podcasts और AI tools ने free learning ecosystem को बेहद मजबूत बना दिया है।
ऐसे में सिर्फ recorded content बेचकर growth हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है।
कौन हैं अंकुर वारिकू?
Ankur Warikoo भारत के सबसे लोकप्रिय startup creators और business influencers में गिने जाते हैं। उन्होंने physics की पढ़ाई की थी और अमेरिका में PhD program भी शुरू किया था, लेकिन बाद में उसे छोड़कर startup world में आ गए।
उन्होंने Groupon India, nearbuy.com जैसी कंपनियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में उन्होंने entrepreneurship छोड़कर content creation और online education पर focus किया।
उनका platform WebVeda personal finance, career growth, entrepreneurship और life skills जैसे topics पर courses बेचता था। उनकी audience YouTube, Instagram, LinkedIn और X पर करोड़ों में है।
“सिर्फ पैसा हमेशा संतुष्टि नहीं देता”
Warikoo पहले भी कई बार public platforms पर कह चुके हैं कि सिर्फ पैसा या revenue उन्हें motivate नहीं करता। उन्होंने एक interview में कहा था कि consulting job में ₹33 लाख सालाना कमाने के बावजूद उन्हें भीतर से satisfaction नहीं मिल रहा था।
यही वजह है कि कुछ लोग मान रहे हैं कि यह फैसला केवल business strategy नहीं बल्कि personal direction change का हिस्सा भी हो सकता है।
आगे क्या कर सकते हैं Warikoo?
फिलहाल उन्होंने future plans का खुलासा नहीं किया है, लेकिन industry experts मान रहे हैं कि वह:
- AI आधारित learning platform,
- creator community model,
- live mentorship,
- media business,
- investing
जैसे नए क्षेत्रों में कदम बढ़ा सकते हैं।
Online Learning Industry के लिए क्या सीख?
Warikoo का फैसला यह दिखाता है कि digital education industry अब नए phase में प्रवेश कर रही है। केवल recorded content बेचकर growth हासिल करना पहले जितना आसान नहीं रहा।
अब users personalized learning, live interaction, practical implementation, AI integration, community support जैसी चीजें चाहते हैं। यानी आने वाले समय में online education का पूरा मॉडल बदल सकता है।
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