लोकसभा में अमित शाह ने बुखार के बीच “वोट चोरी” के विपक्षी आरोपों का सख्ती से जवाब दिया, विपक्ष ने बहस बीच में छोड़ दी। संसद के SIR विवाद से जुड़ी हर अपडेट पढ़ें।
नई दिल्ली — संसद के शीतकालीन सत्र 2025 के दौरान राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ा जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वोट चोरी (vote-rigging / “vote chori”) के विपक्षी आरोपों का जवाब दिया। तीखी बहस के बीच अमित शाह लगभग 102°F (करीब 39 °C) बुखार के बावजूद सदन में डटे रहे औरDetailed बयान दिए, जबकि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी सांसद बहस छोड़कर बाहर चले गए।
🔥 विवाद का मुद्दा — ‘वोट चोरी’ और SIR बहस
परिस्थितियाँ कुछ इस प्रकार बनीं:
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हालिया चुनावों पर आरोप लगाए कि मतदाता सूची में अनियमितताएँ और वोटर फ्रॉड हुआ — जिसे उन्होंने “वोट चोरी” कहा। उन्होंने विशेष रूप से Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के बारे में सवाल उठाए।
उनके आरोपों पर जब अमित शाह ने सदन में जवाब देना शुरू किया, तो चर्चा लंबी और आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले गई।
💪 अमित शाह का जवाब — विस्तार से और वह भी बुखार के बावजूद
– विदेशी लोगों को भारत का PM और CM तय करने का अधिकार नहीं देंगे
SIR पर आज HM अमित शाह ने बहुत जोरदार भाषण दिया है🔥
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— Abhay Pratap Singh (बहुत सरल हूं) (@IAbhay_Pratap) December 10, 2025 केंद्र सरकार ने कहा कि चर्चा जरूरी तो नहीं थी, लेकिन विपक्ष की मांग को देखते हुए अमित शाह ने विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने विपक्ष के आरोपों का दिलेर अंदाज़ में प्रतिवाद करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सरकार किसी मुद्दे से भाग रही नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक:
- अमित शाह 102°F बुखार के बावजूद लगभग डेढ़ घंटे संसद में बोले।
- उन्होंने विपक्ष के आरोपों का प्वाइंट-बाय-प्वाइंट जवाब दिया और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर भी अपनी बात रखी।
- शाह ने कहा कि जब चुनाव सुधार पर बहस हो रही थी, तो विपक्ष ने SIR पर जोर दिया — इसलिए उन्हें बोलना पड़ा।
- उन्होंने विपक्षी आरोपों को दोहरी नीति बताया और कहा कि आरोप आधिकारिक रूप से चुनाव आयोग तक नहीं पहुंचाए गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमित शाह के भाषण की सराहना की और इसे सशक्त, तथ्य-आधारित बताया।
🚶 राहुल गांधी और विपक्ष का रुख
जब अमित शाह अपना जवाब दे रहे थे, तब राहुल गांधी ने सदन के मध्य में बहस छोड़ी और बाहर चले जाने का निर्णय लिया। विपक्ष का कहना था कि अमित शाह ने उनके सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया और वे “रक्षात्मक” रहे।
राहुल गांधी का आरोप था कि अमित शाह ने विपक्ष की चिंताओं, जैसे ईवीएम, मतदाता सूची की पारदर्शिता आदि पर स्पष्ट उत्तर नहीं दिए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री जवाब देने में “घबराए” रहे।
🧠 राजनीतिक और लोकतांत्रिक परिप्रेक्ष्य
यह बहस सिर्फ शब्दों का टकराव नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मूल प्रक्रियाओं, चुनावी भ्रष्टाचार, और सरकारी जवाबदेही जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्रित है। विपक्ष का तर्क है कि ऐसे आरोपों को संसद में खोला जाना चाहिए, जबकि सरकार का कहना है कि संसद कोई ऐसा मंच नहीं, जहां बिना आधिकारिक प्रमाण के चुनाव आयोग पर आरोप लगाए जाएं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस के बीच लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं पर विश्वास का सवाल खड़ा हो रहा है — और यह बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।
📝 निष्कर्ष

संसद के शीतकालीन सत्र में हुए इस राजनैतिक स्टैंड-ऑफ में लोकतांत्रिक बहस और राजनीतिक आरोपों का मिश्रण देखने को मिला।
एक तरफ अमित शाह ने बुखार के बावजूद अपने बयान को दृढ़ता से रखा — विपक्ष के आरोपों का खुलकर जवाब देते हुए — तो दूसरी ओर विपक्ष ने बहस के बीच बहस छोड़ दी। यह राजनीतिक घटनाक्रम अगले दिनों भी सुर्खियों में रहेगा।
📌 समयरेखा (संक्षेप)
- राहुल गांधी ने “वोट चोरी” का आरोप लगाया — विशेष रूप से SIR को लेकर।
- अमित शाह ने संसद में जवाब दिया — विस्तृत जवाब और चुनाव आयोग की भूमिका पर जोर।
- राहुल गांधी और विपक्ष ने बहस बीच में छोड़ दी। mint
- प्रधानमंत्री मोदी ने अमित शाह के जवाब की सराहना की।
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