भारती एयरटेल (Bharti Airtel) ने पिछले एक दशक में भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ₹3.3 लाख करोड़ से अधिक का निवेश किया है। अब कंपनी की नजर सिर्फ टेलीकॉम सेवाओं तक सीमित नहीं है। एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल का कहना है कि आने वाले वर्षों में फाइनेंशियल सर्विसेज, डेटा सेंटर और क्लाउड बिजनेस कंपनी की ग्रोथ के सबसे बड़े इंजन बनेंगे।
कंपनी की हालिया सालाना रिपोर्ट के अनुसार, एयरटेल ने 5G नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया है और अब भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नए क्षेत्रों में बड़े निवेश की तैयारी कर रही है।
10 साल में ₹3.3 लाख करोड़ का निवेश
सालाना रिपोर्ट के मुताबिक एयरटेल ने पिछले 10 वर्षों में नेटवर्क विस्तार, स्पेक्ट्रम, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीकों पर ₹3.3 लाख करोड़ से अधिक का निवेश किया है। इसी निवेश का परिणाम है कि आज कंपनी देश की प्रमुख डिजिटल सेवा कंपनियों में शामिल है।
एयरटेल का कहना है कि मजबूत नेटवर्क तैयार होने के बाद अब कंपनी नए बिजनेस से लंबी अवधि की ग्रोथ हासिल करने पर फोकस कर रही है।
5G नेटवर्क पर तेजी से बढ़ रहा ग्राहक आधार
एयरटेल का 5G विस्तार लगातार तेज हो रहा है।
मुख्य आंकड़े
- 5G ग्राहक आधार बढ़कर 18.8 करोड़ पहुंच चुका है।
- कंपनी के वायरलेस डेटा ट्रैफिक का लगभग 50% हिस्सा अब 5G Plus नेटवर्क संभाल रहा है।
- बढ़ती डेटा खपत और हाई-स्पीड इंटरनेट की मांग कंपनी के नेटवर्क निवेश को मजबूती दे रही है।
ये होंगे एयरटेल की ग्रोथ के तीन बड़े इंजन
सुनील भारती मित्तल के मुताबिक कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में सोच-समझकर ऐसे नए बिजनेस तैयार किए हैं, जो भविष्य में एयरटेल की कमाई और विस्तार का आधार बनेंगे।
1. फाइनेंशियल सर्विसेज पर बड़ा दांव
एयरटेल अपनी डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज को तेजी से विस्तार देना चाहती है।
कंपनी ने Airtel Money में लगभग ₹20,000 करोड़ तक निवेश करने की योजना बनाई है। साथ ही Airtel Money को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से Non-Deposit Taking NBFC के रूप में काम करने की मंजूरी भी मिल चुकी है।
सुनील मित्तल का मानना है कि इससे देश में वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में जरूरत के अनुसार इस बिजनेस में और पूंजी लगाई जाएगी।
2. डेटा सेंटर बिजनेस Nxtra का तेजी से विस्तार
एयरटेल की डेटा सेंटर इकाई Nxtra भी कंपनी की बड़ी रणनीति का हिस्सा बन चुकी है।
हाल ही में Nxtra ने 100 करोड़ डॉलर (करीब ₹9,500 करोड़) की फंडिंग जुटाई है। कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में 1 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करना है।
डेटा सेंटर कारोबार को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कारण हैं—
- भारत में तेजी से बढ़ता डिजिटलीकरण
- क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग
- डेटा लोकलाइजेशन की आवश्यकता
- AI आधारित एप्लिकेशन का विस्तार
3. Airtel Cloud से एंटरप्राइज मार्केट पर फोकस
एयरटेल का तीसरा बड़ा ग्रोथ इंजन Airtel Cloud है।
कंपनी के अनुसार शुरुआती चरण में ही इसे बाजार से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। Airtel Cloud भारतीय कंपनियों को देश में ही होस्ट की गई सुरक्षित और वर्ल्ड-क्लास क्लाउड सेवाएं प्रतिस्पर्धी लागत पर उपलब्ध करा रहा है।
सुनील मित्तल ने बताया कि कंपनी अब तक 24 से अधिक क्लाउड कस्टमर डील हासिल कर चुकी है, जिससे इस बिजनेस की संभावनाएं मजबूत दिखाई दे रही हैं।
AI और क्लाउड से बढ़ेगा डिजिटल इंफ्रा निवेश
एयरटेल का मानना है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेजी से बढ़ेगी।
कंपनी के मुताबिक सरकार की नीतियां, टैक्स प्रोत्साहन और डिजिटल इंफ्रा को मिल रहा समर्थन इस सेक्टर में बड़े निवेश को बढ़ावा देंगे। अनुमान है कि भारत का डेटा सेंटर उद्योग आने वाले समय में रिकॉर्ड निवेश आकर्षित करेगा।
एयरटेल की आगे की रणनीति
टेलीकॉम कारोबार के साथ-साथ एयरटेल अब खुद को एक व्यापक डिजिटल टेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में स्थापित करना चाहती है। 5G नेटवर्क के विस्तार के बाद कंपनी का फोकस अब उन क्षेत्रों पर है जहां आने वाले वर्षों में सबसे तेज ग्रोथ की संभावना है।
फाइनेंशियल सर्विसेज, डेटा सेंटर और क्लाउड बिजनेस के जरिए एयरटेल अपने राजस्व के नए स्रोत तैयार कर रही है। यदि कंपनी अपनी निवेश रणनीति को सफलतापूर्वक लागू करती है, तो आने वाले वर्षों में ये तीनों कारोबार उसके विकास के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बन सकते हैं।


