AI in Healthcare: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब धीरे-धीरे स्वास्थ्य क्षेत्र में भी अपनी जगह बना रहा है। आने वाले समय में इसका इस्तेमाल डॉक्टरों के काम को आसान बनाने और मरीजों को बेहतर समय देने के लिए किया जा सकता है। QuickBlox की एक रिपोर्ट के मुताबिक, AI डॉक्टरों के कई प्रशासनिक और रिकॉर्ड तैयार करने वाले कामों में मदद कर सकता है। इससे डॉक्टर अपना ज्यादा समय मरीजों की जांच और इलाज पर दे पाएंगे।
आज AI का इस्तेमाल वित्त, शिक्षा, टेक्नोलॉजी और कई दूसरे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। अब स्वास्थ्य सेवाओं में भी इसके इस्तेमाल की संभावनाएं बढ़ रही हैं। अस्पताल में डॉक्टर को मरीज की जांच और इलाज के अलावा उसकी मेडिकल हिस्ट्री, जांच रिपोर्ट, दवाओं और उपचार से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड करनी पड़ती है। इन कामों में काफी समय खर्च होता है।
AI ऐसे ही दोहराए जाने वाले कामों में डॉक्टरों की सहायता कर सकता है। हालांकि, इसका उद्देश्य डॉक्टर की जगह लेना नहीं, बल्कि उनके काम का बोझ कम करना होगा।
आने वाले समय में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी बड़ी चुनौती
QuickBlox की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के कई हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है, जबकि डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता उस गति से नहीं बढ़ रही। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO भी भविष्य में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को लेकर चिंता जता चुका है।
ऐसी स्थिति में डॉक्टरों से सिर्फ अधिक मरीज देखने की उम्मीद करना पर्याप्त समाधान नहीं है। जरूरत इस बात की भी है कि डॉक्टरों का समय ऐसे प्रशासनिक कामों में कम खर्च हो, जिन्हें तकनीक की मदद से आसान बनाया जा सकता है।
अगर डॉक्टर का काफी समय दस्तावेज तैयार करने, मरीज की जानकारी दर्ज करने और रिकॉर्ड अपडेट करने में चला जाता है, तो मरीज के साथ सीधे बातचीत और इलाज के लिए उपलब्ध समय कम हो सकता है।
मरीज और डॉक्टर की बातचीत से तैयार हो सकता है रिकॉर्ड
AI डॉक्टरों की सबसे बड़ी मदद मरीज की जानकारी दर्ज करने में कर सकता है। डॉक्टर और मरीज के बीच होने वाली बातचीत से जरूरी जानकारी को पहचानकर AI शुरुआती मेडिकल रिकॉर्ड या नोट तैयार करने में सहायता कर सकता है।
इसके बाद डॉक्टर उस रिकॉर्ड को खुद जांच सकते हैं और जरूरत के अनुसार उसमें बदलाव कर सकते हैं। इससे डॉक्टर को हर जानकारी को शुरुआत से मैन्युअली दर्ज करने में लगने वाला समय कम हो सकता है।
हालांकि, मेडिकल रिकॉर्ड में किसी भी तरह की गलती गंभीर हो सकती है। इसलिए AI से तैयार जानकारी की डॉक्टर द्वारा जांच और पुष्टि बेहद जरूरी रहेगी। अंतिम निर्णय और इलाज की जिम्मेदारी डॉक्टर की ही रहेगी।
प्रशासनिक काम का बोझ घटाने में मददगार हो सकता है AI
डॉक्टरों का काम सिर्फ मरीज की जांच और इलाज तक सीमित नहीं है। उन्हें मरीजों से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड करने, रिपोर्ट तैयार करने और कई तरह के प्रशासनिक कार्य भी करने पड़ते हैं।
QuickBlox के CEO Nate MacLeitch के मुताबिक, स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही कर्मचारियों की कमी का सामना कर रही है। ऐसे में अगर डॉक्टरों पर प्रशासनिक और कागजी काम का बोझ कम नहीं किया गया, तो उनके काम का दबाव और बढ़ सकता है।
AI ऐसे दोहराए जाने वाले कामों को आसान बनाकर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को ज्यादा जरूरी कार्यों पर ध्यान देने का अवसर दे सकता है।
सही डॉक्टर या विभाग तक पहुंचने में भी मदद कर सकता है AI
रिपोर्ट में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी एक दूसरी समस्या पर भी ध्यान दिया गया है। कई बार मरीज अपनी समस्या के लिए सही डॉक्टर या सही विभाग तक नहीं पहुंच पाते। इसका नतीजा अतिरिक्त अपॉइंटमेंट, अनावश्यक जांच और अस्पताल के संसाधनों पर बढ़ते दबाव के रूप में सामने आ सकता है।
AI आधारित सिस्टम मरीज की शुरुआती जानकारी के आधार पर उसे उपयुक्त स्वास्थ्य सेवा या संबंधित विभाग तक पहुंचाने में सहायता कर सकते हैं। इससे मरीज को सही जगह पहुंचने में मदद मिल सकती है और अस्पताल के कर्मचारियों पर अनावश्यक काम का दबाव भी घट सकता है।
AI डॉक्टर की जगह नहीं, सहयोगी की भूमिका निभा सकता है
स्वास्थ्य क्षेत्र में AI के इस्तेमाल को लेकर सबसे अहम बात यह है कि इसे डॉक्टर के विकल्प के तौर पर नहीं, बल्कि सहयोगी तकनीक के रूप में देखा जा रहा है। मरीज की स्थिति को समझना, अंतिम चिकित्सकीय निर्णय लेना और इलाज की जिम्मेदारी प्रशिक्षित डॉक्टर की ही रहेगी।
AI का सबसे बड़ा फायदा उन कामों में हो सकता है जो समय लेने वाले और बार-बार दोहराए जाने वाले हैं। अगर तकनीक इन कार्यों को आसान बनाती है, तो डॉक्टर मरीज के साथ बातचीत, जांच और इलाज पर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं।
आने वाले वर्षों में AI और स्वास्थ्य सेवाओं का मेल अस्पतालों के काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव ला सकता है। लेकिन इसके लिए डेटा की सुरक्षा, मरीज की निजता, तकनीकी सटीकता और डॉक्टरों की निगरानी जैसे पहलुओं का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी होगा।


