Adani-IHCL Hotel Deal: अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) और टाटा समूह की हॉस्पिटैलिटी कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) ने देश के चार शहरों में आठ होटल विकसित करने के लिए मल्टी-होटल समझौता किया है। इस करार के तहत मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ और गुवाहाटी में करीब 2,000 कमरों की क्षमता वाले होटल बनाए जाएंगे। ये होटल ताज, विवान्ता, गेटवे और जिंजर जैसे ब्रांड के तहत संचालित होंगे।
इस साझेदारी का उद्देश्य प्रमुख हवाई अड्डों के आसपास यात्रियों को बेहतर ठहरने, खाने-पीने, बिजनेस मीटिंग और मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अदाणी समूह एयरपोर्ट से जुड़ी जमीन पर होटल विकसित करेगा, जबकि IHCL अपने अलग-अलग हॉस्पिटैलिटी ब्रांड के जरिए इनका संचालन करेगी।
आईएएनएस, मुंबई। भारत में एयरपोर्ट के आसपास कमर्शियल और हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अदाणी समूह और टाटा समूह की कंपनी IHCL ने यह समझौता किया है। इसके तहत आठ होटल विकसित किए जाएंगे, जिनमें अलग-अलग श्रेणियों के यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। इनमें प्रीमियम लग्जरी से लेकर सुविधाजनक और किफायती ठहरने के विकल्प तक शामिल होंगे।
अदाणी और IHCL के बीच हुए करार में क्या है खास?
इस समझौते के तहत कुल आठ होटल विकसित किए जाएंगे। इनकी संयुक्त क्षमता लगभग 2,000 कमरों की होगी। होटल चार प्रमुख शहरों में बनाए जाएंगे, जहां हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ-साथ कारोबार और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों की भी अहम भूमिका है।
इस साझेदारी में दोनों कंपनियों की जिम्मेदारियां अलग-अलग होंगी। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स होटल परियोजनाओं को विकसित करेगी, जबकि IHCL अपने हॉस्पिटैलिटी नेटवर्क और ब्रांड पोर्टफोलियो के माध्यम से उनका संचालन करेगी।
इससे एयरपोर्ट के आसपास यात्रियों को केवल उड़ान से जुड़ी सुविधाएं ही नहीं, बल्कि ठहरने, भोजन, बैठकों और अन्य गतिविधियों के लिए भी बेहतर विकल्प मिल सकेंगे।
ताज, विवान्ता, गेटवे और जिंजर ब्रांड के तहत खुलेंगे होटल
इस करार में चार हॉस्पिटैलिटी ब्रांड शामिल हैं। प्रत्येक ब्रांड अलग-अलग बजट और जरूरतों वाले ग्राहकों को ध्यान में रखकर सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
- ताज: प्रीमियम लग्जरी होटल और उच्चस्तरीय हॉस्पिटैलिटी सेवाएं।
- विवान्ता: आधुनिक सुविधाओं और आरामदायक ठहरने के अनुभव पर जोर।
- गेटवे: कारोबार और पर्यटन से जुड़े यात्रियों के लिए होटल सुविधाएं।
- जिंजर: सुविधाजनक और किफायती ठहरने के विकल्प।
इस तरह दोनों कंपनियां अलग-अलग तरह के यात्रियों तक पहुंचने की योजना बना रही हैं। एयरपोर्ट पर आने वाले कारोबारी यात्रियों, पर्यटकों, परिवारों और मीटिंग या इवेंट में शामिल होने वाले लोगों को इन होटल परियोजनाओं से लाभ मिल सकता है।
किन चार शहरों में बनाए जाएंगे आठ होटल?
समझौते के तहत मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ और गुवाहाटी में होटल विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक शहर में एयरपोर्ट से जुड़ी जरूरतों और स्थानीय बाजार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं की योजना बनाई गई है।
1. मुंबई एयरपोर्ट पर बनेगा ताज होटल
मुंबई में एयरपोर्ट टर्मिनल-2 पर एक ताज होटल विकसित किया जाएगा। मुंबई देश के प्रमुख कारोबारी केंद्रों में शामिल है और यहां घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की आवाजाही रहती है।
एयरपोर्ट के नजदीक होटल होने से उन यात्रियों को सुविधा मिल सकती है, जिन्हें सुबह जल्दी उड़ान पकड़नी हो, देर रात पहुंचना हो या बिजनेस मीटिंग के लिए शहर में सीमित समय बिताना हो। इससे एयरपोर्ट परिसर के आसपास कारोबारी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
2. अहमदाबाद में ताज और विवान्ता होटल
अहमदाबाद में एक ताज और एक विवान्ता होटल विकसित किए जाएंगे। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इन दोनों परियोजनाओं का विकास कार्य काफी आगे बढ़ चुका है।
अहमदाबाद में उद्योग, व्यापार और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां होटल सेवाओं की मांग पैदा करती हैं। ऐसे में एयरपोर्ट के आसपास नए होटल बनने से कारोबारी यात्रियों और पर्यटकों को अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं।
3. लखनऊ में विवान्ता और जिंजर होटल
लखनऊ एयरपोर्ट के पास एक विवान्ता और एक जिंजर होटल बनाया जाएगा। इन दोनों ब्रांड के जरिए अलग-अलग बजट वाले यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने की योजना है।
विवान्ता होटल अपेक्षाकृत प्रीमियम अनुभव चाहने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखेगा, जबकि जिंजर उन यात्रियों के लिए विकल्प उपलब्ध कराएगा, जो सुविधाजनक और किफायती ठहरने को प्राथमिकता देते हैं।
4. गुवाहाटी में तीन होटल बनेंगे
गुवाहाटी में एक ताज, एक गेटवे और एक जिंजर होटल विकसित किए जाएंगे। इस तरह यहां तीन अलग-अलग ब्रांड के होटल यात्रियों को उपलब्ध होंगे।
गुवाहाटी पूर्वोत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण हवाई संपर्क केंद्र है। यहां होटल सुविधाओं के विस्तार से पर्यटन, कारोबारी यात्राओं और अन्य गतिविधियों को समर्थन मिल सकता है।
आठ होटलों में कितने कमरे और कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?
इन आठ होटल परियोजनाओं की संयुक्त क्षमता लगभग 2,000 कमरे होगी। हालांकि, प्रत्येक होटल में कमरों की अलग-अलग संख्या और सभी सुविधाओं का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
योजना के तहत इन होटलों में ठहरने के साथ-साथ खाने-पीने, मीटिंग, इवेंट, वेलनेस और मनोरंजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
एयरपोर्ट के आसपास इस तरह की सुविधाएं विकसित होने से यात्रियों को शहर के दूसरे हिस्सों तक जाने की जरूरत कुछ मामलों में कम हो सकती है। खासकर कम समय के लिए शहर आने वाले कारोबारी यात्रियों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है।
अदाणी एयरपोर्ट सिटी लिमिटेड का गठन क्यों किया गया?
होटल परियोजनाएं अदाणी समूह की व्यापक एयरपोर्ट सिटी विकास योजना का हिस्सा हैं। इसके लिए अदाणी एयरपोर्ट्स ने अदाणी एयरपोर्ट सिटी लिमिटेड का गठन किया है।
इस इकाई का उद्देश्य सात राज्यों में स्थित आठ एयरपोर्ट पर 655 एकड़ से अधिक जमीन का विकास करना है। इसमें मुंबई और नवी मुंबई की लगभग 440 एकड़ जमीन शामिल है।
कंपनी की योजना के पहले चरण में मुंबई, नवी मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर और गुवाहाटी में लगभग 22 मिलियन वर्ग फुट क्षेत्र का विकास करने की है। इसके लिए 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की योजना बताई गई है।
इस विकास योजना में एयरपोर्ट से जुड़े क्षेत्रों को व्यापक कारोबारी और शहरी गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर है। होटल, कार्यालय, खुदरा कारोबार और अन्य सुविधाएं ऐसे परिसरों का हिस्सा बन सकती हैं।
यह समझना जरूरी है कि 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश व्यापक एयरपोर्ट सिटी विकास योजना से संबंधित है। इसे केवल इन आठ होटलों पर होने वाला निवेश नहीं माना जाना चाहिए।
क्या बोले जीत अदाणी?
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के निदेशक जीत अदाणी ने कहा कि दुनिया भर में प्रमुख एयरपोर्ट अब ऐसे एकीकृत केंद्रों के रूप में विकसित हो रहे हैं, जो व्यापार, पर्यटन और शहरी विकास को बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने कहा कि IHCL के साथ साझेदारी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके जरिए अदाणी समूह अपने हॉस्पिटैलिटी आधारित मिश्रित उपयोग वाले परिसरों को भारत की प्रमुख हॉस्पिटैलिटी कंपनी के साथ जोड़ रहा है।
जीत अदाणी के मुताबिक, इस पहल का लक्ष्य प्रमुख शहरों में विश्वस्तरीय होटल विकसित करना और एयरपोर्ट सिटी परियोजनाओं में हॉस्पिटैलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करना है। इससे उन क्षेत्रों के दीर्घकालिक आर्थिक विकास में योगदान देने की उम्मीद है, जहां अदाणी समूह एयरपोर्ट सेवाएं संचालित करता है।
अदाणी और IHCL की साझेदारी से कारोबार को क्या फायदा हो सकता है?
इस समझौते से दोनों कंपनियों को अपनी-अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा। अदाणी समूह के पास एयरपोर्ट संचालन और उससे जुड़ी जमीन के विकास का अनुभव है, जबकि IHCL के पास विभिन्न श्रेणियों के होटल संचालित करने का नेटवर्क और अनुभव है।
इस साझेदारी के संभावित फायदे कई स्तरों पर देखे जा सकते हैं।
पहला, एयरपोर्ट के आसपास होटल सुविधाओं का विस्तार: यात्रियों को उड़ान के समय के अनुसार ठहरने के अधिक विकल्प मिल सकते हैं।
दूसरा, कारोबारी यात्राओं को समर्थन: मीटिंग और इवेंट की सुविधाओं के साथ एयरपोर्ट के नजदीक होटल कंपनियों और कारोबारी यात्रियों के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
तीसरा, पर्यटन को बढ़ावा: मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ और गुवाहाटी में होटल क्षमता बढ़ने से पर्यटकों को अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं।
चौथा, रोजगार के अवसर: होटल निर्माण और संचालन से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं पैदा हो सकती हैं। हालांकि, कितनी नौकरियां बनेंगी, इसका आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
पांचवां, एयरपोर्ट सिटी परियोजनाओं का विकास: होटल जैसी सुविधाएं एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों को केवल परिवहन केंद्र के बजाय व्यापक कारोबारी और सेवा केंद्र बनाने में मदद कर सकती हैं।
आगे क्या होगा?
अब इस साझेदारी के तहत अलग-अलग शहरों में होटल परियोजनाओं का विकास और संचालन से जुड़ी तैयारियां महत्वपूर्ण रहेंगी। परियोजनाओं की प्रगति, निर्माण की समयसीमा, प्रत्येक होटल की कमरे संबंधी क्षमता और उनके शुरू होने की तारीखों से यह स्पष्ट होगा कि यात्रियों को ये सुविधाएं कब उपलब्ध हो सकेंगी।
कुल मिलाकर, अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स और IHCL का यह करार भारत में एयरपोर्ट से जुड़े हॉस्पिटैलिटी कारोबार के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। चार शहरों में आठ होटल और लगभग 2,000 कमरों की योजना से दोनों कंपनियों को अपने कारोबार का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। वहीं, यात्रियों को एयरपोर्ट के आसपास ठहरने और अन्य सेवाओं के अधिक विकल्प मिल सकते हैं।
स्रोत: आईएएनएस की रिपोर्ट और कंपनियों की ओर से साझा की गई जानकारी पर आधारित।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी व्यावसायिक और कॉरपोरेट विकास से संबंधित है। निवेश से जुड़े निर्णय लेने से पहले संबंधित कंपनियों के आधिकारिक खुलासों और वित्तीय दस्तावेजों का अध्ययन करें।


