Gold Silver Prices Today: दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार छठे कारोबारी सत्र भी जारी रहा। 2 सितंबर को 24 कैरेट सोना 2,100 रुपये सस्ता होकर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले छह कारोबारी सत्रों में सोने के भाव में कुल 11,000 रुपये की गिरावट आ चुकी है।
सोने की कीमत 25 अगस्त को 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी। यह पिछले करीब तीन महीनों का सबसे ऊंचा स्तर था। इसके बाद से लगातार बिकवाली देखने को मिल रही है। सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमत में भी बुधवार को तेज गिरावट दर्ज की गई।
चांदी के भाव में एक दिन में ₹5,000 की गिरावट
दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 2 सितंबर को 5,000 रुपये घटकर 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। यह पिछले एक सप्ताह में चांदी का सबसे निचला भाव है।
कीमती धातुओं में इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलते आर्थिक और भू-राजनीतिक समीकरणों को अहम वजह माना जा रहा है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है।
क्रूड ऑयल महंगा होने से बढ़ी महंगाई की चिंता
चॉयस ब्रोकिंग के कमोडिटी और करेंसी एनालिस्ट आमिर माकदा के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो अमेरिका समेत दूसरे देशों के केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख बनाए रखना जरूरी हो सकता है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी दोबारा तेजी देखने को मिली है। इसके साथ ही डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने भी सोने की कीमतों पर दबाव बनाया है। बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले फैसले पर है।
इंटरनेशनल मार्केट में सोना-चांदी चढ़े
दिल्ली में भले ही सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई हो, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं में तेजी देखने को मिली।
स्पॉट गोल्ड करीब 1.19 फीसदी बढ़कर 4,380 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, स्पॉट सिल्वर में करीब 2 फीसदी की तेजी रही और यह 65.42 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया।
मिरै एसेट शेयरखान के कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की ओर से अपेक्षाकृत आक्रामक मौद्रिक नीति का संकेत बाजार के लिए महत्वपूर्ण है।
सितंबर में ब्याज दर बढ़ी तो सोने पर क्या होगा?
निवेशकों की नजर अब अमेरिकी ब्याज दरों पर टिकी हुई है। अगर सितंबर में अमेरिका में ब्याज दर बढ़ती है, तो सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
आमतौर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी का माहौल सोने के लिए नकारात्मक माना जाता है। इसकी वजह यह है कि ब्याज दर बढ़ने पर निवेशकों के लिए बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाली संपत्तियां ज्यादा आकर्षक हो सकती हैं। वहीं, ब्याज दरों में कटौती होने पर सोने की मांग बढ़ने की संभावना रहती है।
इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी सोने के लिए चुनौती बन सकती है। डॉलर मजबूत होने पर दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी मांग प्रभावित हो सकती है।
आगे सोने की कीमत पर इन फैक्टर्स का रहेगा असर
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा कई बड़े फैक्टर्स से तय हो सकती है। इनमें अमेरिकी फेड का ब्याज दर संबंधी फैसला, डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमतें और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव प्रमुख हैं।
इसलिए घरेलू बाजार में हालिया गिरावट के बावजूद सोने की कीमतों को लेकर आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को किसी भी फैसले से पहले अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू सर्राफा बाजार के रुझान पर नजर रखनी चाहिए।


