Uber Driver Returns ₹37,000: ऑनलाइन पेमेंट के दौर में गलत UPI ट्रांजैक्शन और साइबर फ्रॉड की खबरें अक्सर लोगों की चिंता बढ़ा देती हैं। ऐसे समय में कोलकाता से सामने आई एक घटना ने ईमानदारी और इंसानियत पर भरोसा फिर से मजबूत कर दिया। एक पत्रकार ने गलती से एक Uber ड्राइवर को ₹37,000 भेज दिए, लेकिन ड्राइवर ने बिना किसी लालच के कुछ ही मिनटों में पूरी रकम वापस कर दी।
पत्रकार ने जब ड्राइवर को उनकी ईमानदारी के लिए इनाम देना चाहा तो उन्होंने उसे भी लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके लिए पैसे से ज्यादा महत्वपूर्ण उस महिला का भरोसा और उनकी तारीफ है।
कैसे गलती से Uber ड्राइवर को भेज दिए ₹37,000?
कोलकाता की पत्रकार संचारी घोष ने इस पूरी घटना का जिक्र LinkedIn पर एक पोस्ट के जरिए किया। उनके मुताबिक, 1 सितंबर को Google Pay से पेमेंट करते समय उनसे एक बड़ी गलती हो गई।
उन्हें एक ऐसे व्यक्ति को पैसे भेजने थे, जिसका नाम उनके फोन में सेव किसी दूसरे कॉन्टैक्ट से मिलता-जुलता था। इसी वजह से उन्होंने जल्दबाजी में गलत व्यक्ति के बैंक अकाउंट में ₹37,000 ट्रांसफर कर दिए।
शुरुआत में उन्हें इस गलती का पता भी नहीं चला। कई घंटे बाद उन्हें एहसास हुआ कि जिस व्यक्ति को वास्तव में पैसे मिलने थे, उसने उनसे पेंडिंग पेमेंट को लेकर संपर्क किया है।
तब जाकर उन्होंने अपने बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की और पता चला कि ₹37,000 गलत व्यक्ति को भेजे जा चुके हैं।
बैंक और साइबर सेल से भी किया संपर्क
गलती का पता चलने के बाद संचारी घोष ने मामले को सुलझाने के लिए HDFC Bank और कोलकाता पुलिस के साइबर सेल से संपर्क किया। उन्होंने Uber से भी संपर्क किया, क्योंकि उन्हें शक था कि जिस व्यक्ति को पैसे भेजे गए हैं, उसका संबंध उनकी किसी पिछली Uber राइड से हो सकता है।
हालांकि, आधिकारिक प्रक्रिया शुरू होने के साथ-साथ पत्रकार ने खुद भी अपने पुराने ट्रांजैक्शन और राइड रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए।
यहीं से उन्हें उस व्यक्ति तक पहुंचने का रास्ता मिला।
पुरानी Uber राइड से मिला ड्राइवर का सुराग
संचारी घोष ने अपने पुराने पेमेंट रिकॉर्ड चेक किए। इसी दौरान उन्हें पता चला कि उन्होंने 24 अगस्त को आनंद दास नाम के एक Uber ड्राइवर को ₹180 का किराया दिया था।
उन्होंने इसके बाद अपनी पिछली Uber राइड की जानकारी देखी और उन्हें यकीन हुआ कि गलती से भेजे गए ₹37,000 पाने वाला व्यक्ति वही ड्राइवर हो सकता है।
इसके बाद उन्होंने आनंद दास से संपर्क करने में सफलता हासिल की और उन्हें पूरी घटना के बारे में बताया।
सिर्फ 15 मिनट में वापस कर दिए पूरे ₹37,000
पत्रकार के मुताबिक, आनंद दास ने उनकी बात सुनने के बाद ट्रांजैक्शन की जांच की। जैसे ही उन्हें पता चला कि रकम गलती से उनके अकाउंट में आई है, उन्होंने पूरे ₹37,000 वापस कर दिए।
घोष ने बताया कि रकम वापस करने में उन्हें ज्यादा समय नहीं लगा और करीब 15 मिनट के भीतर पूरी राशि वापस मिल गई।
यह घटना इसलिए भी खास है क्योंकि गलत UPI ट्रांजैक्शन के मामलों में पैसा वापस मिलना हमेशा आसान नहीं होता। ऐसे में ड्राइवर की तत्परता और ईमानदारी ने पत्रकार को काफी प्रभावित किया।
पत्रकार ने इनाम देना चाहा, लेकिन ड्राइवर ने मना कर दिया
₹37,000 वापस मिलने के बाद संचारी घोष ने आनंद दास से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें उनकी ईमानदारी के लिए एक छोटा-सा तोहफा देने की पेशकश की।
लेकिन आनंद दास ने वह इनाम लेने से भी विनम्रता से इनकार कर दिया।
उनका कहना था कि उनके लिए पैसे से ज्यादा अहमियत उस भरोसे की है जो पत्रकार ने उन पर दिखाया।
उन्होंने कहा, “आपकी तारीफ और भरोसा ही मेरे लिए सबसे बड़ा तोहफा है। 37,000 रुपये से मैं कब तक गुजारा कर पाता? लेकिन यह भरोसा मुझे बहुत आगे ले जाएगा।”
ऑनलाइन स्कैम के दौर में इस घटना ने जीता दिल
संचारी घोष ने इस घटना को ऐसे समय में साझा किया है जब डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन फ्रॉड और UPI स्कैम को लेकर लोगों की चिंता भी बढ़ी है।
ऐसे माहौल में ₹37,000 जैसी बड़ी रकम मिलने के बावजूद उसे तुरंत वापस कर देना निश्चित रूप से भरोसा जगाने वाली घटना है।
यह कहानी यह भी दिखाती है कि डिजिटल पेमेंट में गलती होने पर घबराने के बजाय बैंक, संबंधित प्लेटफॉर्म और साइबर सेल से संपर्क करने के साथ-साथ उपलब्ध ट्रांजैक्शन डिटेल को ध्यान से जांचना भी मददगार हो सकता है।
हालांकि, किसी गलत UPI ट्रांजैक्शन को वापस पाने की प्रक्रिया मामले और बैंक की प्रक्रिया के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इसलिए गलत पेमेंट होने पर जल्द से जल्द अपने बैंक या संबंधित पेमेंट सर्विस से संपर्क करना जरूरी है।


