Sensex-Nifty Closes Red: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 2 सितंबर 2026 को लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बिकवाली इतनी तेज रही कि सेंसेक्स एक समय 800 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 23,800 के स्तर से भी नीचे फिसल गया। हालांकि निचले स्तरों से बाजार में कुछ रिकवरी जरूर आई, लेकिन दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में ही बंद हुए।
बाजार में दबाव की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। महंगे क्रूड को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी, जिसका असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया।
सेंसेक्स 374 अंक गिरा, निफ्टी भी कमजोर

कारोबार के अंत में BSE Sensex 373.93 अंक यानी 0.49% गिरकर 76,570.35 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 में 141.35 अंक यानी 0.59% की गिरावट रही और यह 23,914.45 पर बंद हुआ।
इंट्रा-डे कारोबार में बाजार की गिरावट इससे कहीं ज्यादा थी। सेंसेक्स एक समय 808.56 अंक टूटकर 76,135.72 तक पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी भी 269 अंक की गिरावट के साथ 23,786.80 के निचले स्तर तक फिसला।
हालांकि निचले स्तरों पर कुछ खरीदारी लौटने से दोनों इंडेक्स ने नुकसान कम किया, लेकिन कारोबारी सत्र के अंत तक बाजार में मजबूती नहीं लौट सकी।
IT और Auto शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो बुधवार को बाजार की कमजोरी में IT और ऑटो सेक्टर का बड़ा योगदान रहा। निफ्टी ऑटो इंडेक्स में डेढ़ फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई, जबकि निफ्टी IT भी 1% से अधिक कमजोर रहा।
दूसरी ओर सरकारी बैंकों के शेयरों में निचले स्तरों से रिकवरी देखने को मिली। हालांकि निफ्टी PSU Bank इंडेक्स की बढ़त सीमित रही। प्राइवेट बैंकिंग शेयरों पर भी दबाव बना रहा और निफ्टी Private Bank इंडेक्स आधे फीसदी से ज्यादा गिर गया।
ब्रॉडर मार्केट में भी तस्वीर बहुत मजबूत नहीं रही। शुरुआती गिरावट के बाद रिकवरी के बावजूद Nifty Midcap 100 में 0.53% और Nifty Smallcap 100 में 0.37% की गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों की दौलत ₹2.76 लाख करोड़ घटी
शेयर बाजार में गिरावट का सीधा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर पड़ा। 1 सितंबर 2026 को BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹4,89,41,989.64 करोड़ था।
2 सितंबर को कारोबार खत्म होने के बाद यह घटकर ₹4,86,65,456.58 करोड़ रह गया।
यानी सिर्फ एक कारोबारी सत्र में BSE पर लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में ₹2,76,533.06 करोड़, यानी करीब ₹2.76 लाख करोड़ की कमी आई।
Sensex के 30 में से 10 शेयर बढ़त में
सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से बुधवार को 10 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। कारोबार के अंत में अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व और पावर ग्रिड सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयरों में रहे।
वहीं दूसरी तरफ एशियन पेंट्स, HDFC बैंक और M&M पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।
इससे साफ है कि बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली का दबाव रहा, हालांकि कुछ चुनिंदा बड़े शेयरों में खरीदारी ने इंडेक्स की गिरावट को थोड़ा सीमित किया।
BSE पर 2,400 से ज्यादा शेयर गिरे
बुधवार को BSE पर कुल 4,576 शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें से 1,914 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 2,428 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 234 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बाजार के आंकड़ों के मुताबिक आज 149 शेयर अपने 52-वीक हाई पर पहुंचे। वहीं इतने ही यानी 149 शेयर 52-वीक लो पर आ गए।
इसके अलावा 9 शेयर अपर सर्किट पर बंद हुए, जबकि 42 शेयर लोअर सर्किट तक पहुंच गए।
कच्चे तेल की तेजी ने बढ़ाई चिंता
भारतीय शेयर बाजार के लिए इस समय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव एक महत्वपूर्ण जोखिम बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण क्रूड की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में क्रूड महंगा होने पर देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी का असर भारतीय इक्विटी मार्केट की धारणा पर भी पड़ता है।
लगातार तीसरे दिन बाजार लाल
बुधवार की गिरावट के साथ Sensex और Nifty लगातार तीसरे कारोबारी दिन लाल निशान में बंद हुए। इंट्रा-डे में भारी बिकवाली के बाद निचले स्तरों से रिकवरी जरूर देखने को मिली, लेकिन यह इतनी मजबूत नहीं थी कि बाजार को हरे निशान में ले जा सके।
आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बाजारों, अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। बाजार में मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के लिए किसी भी फैसले से पहले जोखिम को ध्यान में रखना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार की राय लें। यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है और इसे किसी भी तरह की निवेश सलाह न माना जाए।


