Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कमजोर ग्लोबल संकेतों, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। हालांकि, कारोबार के आखिरी हिस्से में निचले स्तरों से खरीदारी लौटी, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी शुरुआती गिरावट का कुछ हिस्सा जरूर संभाल लिया।
निफ्टी बुधवार को 23,858 के स्तर पर खुला और कारोबार के दौरान 23,786.80 तक फिसल गया। बाद में इसमें करीब 100 अंकों की रिकवरी देखने को मिली और यह 23,914.45 के स्तर पर 0.58 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ।
इसी तरह सेंसेक्स 76,471.32 पर खुला था। दिन में यह 76,135.72 के निचले स्तर तक गया, लेकिन आखिरी घंटे की खरीदारी से इसमें 400 से ज्यादा अंकों की रिकवरी हुई। कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 76,570.35 पर 0.49 फीसदी नीचे बंद हुआ।
किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?
निफ्टी के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में आयशर मोटर्स, विप्रो, बजाज ऑटो, एशियन पेंट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) शामिल रहे।
इसके उलट कोल इंडिया, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, अदाणी एंटरप्राइजेज और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स में मजबूती देखने को मिली।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो एनर्जी और ऑयल एंड गैस को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। ऑटो, IT और मीडिया सेक्टर में करीब 1.2 से 1.8 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।
ब्रॉडर मार्केट में भी दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.5 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 0.4 फीसदी कमजोर हुआ।
3 सितंबर को Nifty की कैसी रह सकती है चाल?
23,800 का स्तर बेहद अहम
रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP, रिसर्च अजीत मिश्रा के मुताबिक, कमजोर वैश्विक संकेतों और बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण बुधवार को बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। निफ्टी गैप-डाउन के साथ खुला और अलग-अलग सेक्टर में बिकवाली बढ़ने के साथ दबाव और गहरा होता गया।
हालांकि, कारोबार के अंतिम घंटे में निचले स्तरों पर खरीदारी लौटी, जिससे इंडेक्स ने कुछ नुकसान की भरपाई की और 23,914.45 पर बंद हुआ।
मिश्रा के अनुसार, इस गिरावट की बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और इसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। महंगा तेल महंगाई को बढ़ा सकता है और इससे दुनियाभर में ब्याज दरों को लेकर नई चिंताएं पैदा हो सकती हैं। इसका असर उभरते बाजारों के सेंटीमेंट पर भी पड़ सकता है।
तकनीकी नजरिए से 23,800 का स्तर निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट बन गया है। अगर यह स्तर निर्णायक रूप से टूटता है तो इंडेक्स में गिरावट 23,600 तक बढ़ सकती है।
वहीं, ऊपर की तरफ 24,000 तत्काल रेजिस्टेंस रहेगा। इसके ऊपर टिकने पर निफ्टी को 24,150 के आसपास अगली चुनौती मिल सकती है।
मौजूदा बाजार परिस्थितियों में निवेशकों को पोजीशन का आकार नियंत्रित रखने और जोखिम प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।
24,000 के नीचे बिकवाली की रणनीति?
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का मानना है कि गैप-डाउन ओपनिंग के बाद निफ्टी ने दिन में रिकवरी की कोशिश की, लेकिन अंततः यह गिरावट के साथ बंद हुआ।
उनके अनुसार, लगातार बिकवाली के बीच निफ्टी अपने ‘राइजिंग चैनल’ से नीचे आ गया है। इससे शॉर्ट टर्म में कमजोरी का संकेत मिल रहा है।
जब तक निफ्टी 24,000 के नीचे बना रहता है, तब तक तेजी के दौरान बिकवाली की रणनीति ज्यादा प्रभावी रह सकती है। नीचे की ओर 23,700-23,730 का जोन अहम रहेगा। इस स्तर के नीचे दबाव और बढ़ सकता है।
RSI और MACD ने भी दिए कमजोरी के संकेत
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी बुधवार को करीब 200 अंकों की गिरावट के साथ खुला और अधिकांश समय एक सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। अंत में इंडेक्स करीब 0.59 फीसदी की गिरावट के साथ 23,914 पर बंद हुआ।
उन्होंने बताया कि अमेरिका और जापान में बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिका-ईरान तनाव और FII निवेश में कमी जैसे कई फैक्टर्स ने बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित किया।
निफ्टी ने 27 जुलाई को बने करीब 68 अंकों के गैप को भी भर दिया। दिन की कैंडल में छोटी बॉडी और नीचे की ओर लंबी शैडो दिखाई दी, जो निचले स्तरों पर खरीदारी का संकेत देती है। हालांकि, ओवरऑल टेक्निकल सेटअप अभी भी कमजोर बना हुआ है।
RSI 40 से नीचे चला गया है, जबकि MACD लाइन सिग्नल लाइन के नीचे पहुंच गई है। दोनों संकेतक कमजोर मोमेंटम की ओर इशारा कर रहे हैं। वहीं, ADX में बढ़ोतरी मंदी के ट्रेंड के मजबूत होने का संकेत दे रही है।
Nifty के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
- सपोर्ट: 23,780-23,750
- अगला सपोर्ट: 23,600
- इसके बाद: 23,450
- तत्काल रेजिस्टेंस: 24,030-24,050
अगर निफ्टी 23,780-23,750 के जोन के नीचे टिकता है, तो शॉर्ट टर्म में 23,600 और उसके बाद 23,450 तक कमजोरी बढ़ सकती है।
Bank Nifty का क्या है आउटलुक?
बैंक निफ्टी भी बुधवार को दबाव में रहा। यह गैप-डाउन के साथ खुला और पूरे कारोबारी सत्र में सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। अंत में इंडेक्स 0.41 फीसदी गिरकर 57,172 के स्तर पर बंद हुआ।
सुदीप शाह के अनुसार, गैप-डाउन ओपनिंग के चलते बैंक निफ्टी अगस्त में बने करीब 1,246 अंकों के कंसोलिडेशन रेंज से नीचे निकल गया था। हालांकि, निचले स्तरों पर खरीदारी आने से इंडेक्स ने रिकवरी की और दोबारा अगस्त के ट्रेडिंग रेंज के भीतर बंद होने में कामयाब रहा।
बैंक निफ्टी का ADX फिलहाल काफी हद तक स्थिर है। इसका मतलब है कि इंडेक्स में अभी किसी मजबूत डायरेक्शनल ट्रेंड की पुष्टि नहीं हो रही है।
Bank Nifty के अहम स्तर
बैंक निफ्टी के लिए 56,800-56,700 का जोन तत्काल सपोर्ट के तौर पर महत्वपूर्ण रहेगा। यह जोन 200-डे EMA के आसपास है।
अगर इंडेक्स इस सपोर्ट जोन के नीचे टिकता है, तो कमजोरी बढ़कर 56,400 और फिर 56,000 तक जा सकती है।
वहीं, ऊपर की तरफ 57,500-57,600 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर देखा जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
बुधवार की गिरावट के बाद बाजार का शॉर्ट टर्म सेटअप फिलहाल कमजोर नजर आ रहा है। खासकर 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए निर्णायक जोन बन गया है। इसके ऊपर मजबूती लौटने पर बाजार में कुछ राहत मिल सकती है, जबकि 23,800 के नीचे टिकने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों और मिडिल ईस्ट की स्थिति पर निवेशकों की नजर रहेगी। ग्लोबल बॉन्ड यील्ड, विदेशी निवेशकों की गतिविधि और अमेरिका-ईरान तनाव भी आने वाले सत्र में बाजार की दिशा प्रभावित कर सकते हैं।
ऐसे माहौल में विशेषज्ञों की राय है कि निवेशकों को जल्दबाजी में बड़ी पोजीशन लेने के बजाय सपोर्ट-रेजिस्टेंस और रिस्क मैनेजमेंट को प्राथमिकता देनी चाहिए।
Disclaimer
यह लेख बाजार विशेषज्ञों द्वारा दिए गए विचारों और तकनीकी विश्लेषण पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।


