Cable Stocks: केबल और वायर सेक्टर की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बुधवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। Polycab India, KEI Industries और RR Kabel के शेयरों में करीब 8% तक की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के बीच ब्रोकरेज फर्म JM Financial ने तीनों कंपनियों की रेटिंग में बदलाव किया है।
ब्रोकरेज ने केबल और वायर इंडस्ट्री को लेकर अपने आउटलुक में तीन प्रमुख चिंताएं गिनाई हैं। इनमें बढ़ती प्रतिस्पर्धा, आने वाले वर्षों में वॉल्यूम और रेवेन्यू ग्रोथ में संभावित सुस्ती तथा ऊंचा वैल्यूएशन शामिल है। JM Financial का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में मजबूत प्रदर्शन के बाद अब इस सेक्टर की ग्रोथ को लेकर नए सवाल खड़े हो रहे हैं।
Polycab India शेयर में क्या हुआ?
Polycab India के शेयर में बुधवार को 0.71% की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹8,832 के भाव पर बंद हुआ। JM Financial ने कंपनी के शेयर की रेटिंग को Buy से घटाकर Add कर दिया है।
ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹9,550 का टारगेट प्राइस तय किया है। मौजूदा स्तर से देखें तो इसमें लगभग 8.13% की संभावित तेजी की गुंजाइश बनती है।
हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के लिए आने वाले समय में ग्रोथ को बनाए रखना पहले की तुलना में चुनौतीपूर्ण हो सकता है। खासतौर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ने और मार्जिन पर दबाव की संभावना को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।
KEI Industries की रेटिंग भी घटी
KEI Industries के शेयर में बुधवार को 3.48% की गिरावट आई और स्टॉक ₹5,162 पर बंद हुआ। JM Financial ने इसकी रेटिंग भी Buy से घटाकर Add कर दी है।
ब्रोकरेज ने KEI Industries के लिए ₹5,750 का टारगेट प्राइस दिया है। इस हिसाब से मौजूदा भाव से करीब 11.39% की संभावित बढ़त दिखाई देती है।
KEI के मामले में भी मुख्य चिंता इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और भविष्य की ग्रोथ को लेकर है। हालांकि, ब्रोकरेज के टारगेट से संकेत मिलता है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद शेयर में कुछ अपसाइड की संभावना बनी हुई है।
RR Kabel में सबसे ज्यादा गिरावट
तीनों शेयरों में RR Kabel पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। कंपनी का शेयर बुधवार को 8.15% टूटकर ₹2,636 पर बंद हुआ।
JM Financial ने RR Kabel की रेटिंग को Add से घटाकर Reduce कर दिया है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹2,750 का टारगेट प्राइस रखा है।
मौजूदा भाव की तुलना में यह करीब 4.32% की संभावित तेजी दर्शाता है। हालांकि, रेटिंग में Reduce का बदलाव बताता है कि ब्रोकरेज फिलहाल कंपनी के रिस्क-रिवार्ड प्रोफाइल को लेकर ज्यादा सतर्क है।
केबल सेक्टर के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा क्यों है चिंता?
JM Financial के मुताबिक, केबल और वायर कंपनियों ने पिछले कुछ वर्षों में मजबूत ग्रोथ देखी है। लेकिन अब सवाल यह है कि क्या कंपनियां उसी गति से वॉल्यूम बढ़ा पाएंगी।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगले 12 महीनों में इन कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ में कमजोरी देखने को मिल सकती है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजहों में इंडस्ट्री में नई कंपनियों की एंट्री और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को माना गया है।
खास तौर पर UltraTech और Diamond Power जैसी कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी मौजूदा खिलाड़ियों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक दबाव बढ़ा सकती है।
JM Financial का अनुमान है कि FY29 तक UltraTech और Diamond Power मिलकर करीब ₹17,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल कर सकती हैं। दोनों कंपनियों की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी भी करीब 11-12% तक पहुंच सकती है।
FY29 तक कितना बड़ा हो सकता है केबल-वायर बाजार?
ब्रोकरेज के मुताबिक भारतीय केबल और वायर इंडस्ट्री का बाजार FY29 तक करीब ₹1.52 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।
हालांकि, अगर नई कंपनियों से आने वाली प्रतिस्पर्धा को भी ध्यान में रखा जाए तो प्रभावी बाजार का अनुमान करीब ₹1.35 लाख करोड़ रह सकता है।
इसका सीधा असर सेक्टर की ग्रोथ रेट पर पड़ सकता है। JM Financial का अनुमान है कि FY26 से FY29 के दौरान घरेलू बाजार की ग्रोथ करीब 10.5% CAGR तक सीमित रह सकती है।
यानी बाजार का आकार बढ़ने के बावजूद कंपनियों के लिए पहले जैसी तेज ग्रोथ बनाए रखना आसान नहीं होगा।
वैल्यूएशन भी बना हुआ है बड़ा जोखिम
केबल और वायर कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी के कारण इनके वैल्यूएशन भी काफी ऊंचे स्तर पर रहे हैं। JM Financial के अनुसार, सेक्टर की कंपनियां अपने पांच साल के औसत P/E से करीब 4-5% प्रीमियम पर कारोबार कर रही हैं।
वहीं, लॉन्ग टर्म औसत P/E की तुलना में इन शेयरों का वैल्यूएशन करीब 25% प्रीमियम पर है।
ऐसे में अगर आने वाले समय में रेवेन्यू ग्रोथ उम्मीद से कमजोर रहती है या मार्जिन में गिरावट आती है, तो ऊंचे वैल्यूएशन के कारण शेयरों में ज्यादा करेक्शन देखने को मिल सकता है।
किस कंपनी पर सबसे ज्यादा मार्जिन का जोखिम?
JM Financial के मुताबिक, ग्रोथ में संभावित सुस्ती और मार्जिन के ऊंचे स्तर पर पहुंचने का जोखिम Polycab India के लिए सबसे ज्यादा है।
इसके बाद RR Kabel और फिर KEI Industries का नंबर आता है।
ब्रोकरेज का मानना है कि अगर सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और बढ़ती है, तो कंपनियों को अपनी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए कीमत और मार्जिन दोनों मोर्चों पर दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
बाकी ब्रोकरेज अभी भी पॉजिटिव
दिलचस्प बात यह है कि JM Financial के सतर्क रुख के बावजूद इन तीनों कंपनियों पर ज्यादातर ब्रोकरेज अभी भी सकारात्मक नजरिया रखते हैं।
उपलब्ध ब्रोकरेज डेटा के अनुसार:
- Polycab India: 26 Buy, 8 Hold और 1 Sell रेटिंग
- KEI Industries: 14 Buy, 12 Hold और 1 Sell रेटिंग
- RR Kabel: 10 Buy, 3 Hold और 3 Sell रेटिंग
इससे साफ है कि JM Financial की राय फिलहाल सेक्टर पर मौजूद व्यापक ब्रोकरेज सेंटीमेंट से कुछ अलग है। इसलिए निवेशकों के लिए केवल एक ब्रोकरेज की रेटिंग के आधार पर फैसला लेने के बजाय कंपनी की कमाई, ऑर्डर बुक, मार्जिन, वैल्यूएशन और प्रतिस्पर्धी स्थिति को भी देखना जरूरी है।
निवेशकों को क्या समझना चाहिए?
केबल और वायर सेक्टर के लिए लंबी अवधि में इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिफिकेशन, रियल एस्टेट और इंडस्ट्रियल कैपेक्स जैसे कई ग्रोथ ड्राइवर मौजूद हैं। लेकिन नई कंपनियों की एंट्री के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ने से सेक्टर की मौजूदा कंपनियों के लिए चुनौती भी बढ़ सकती है।
ऐसे माहौल में शेयर की कीमत के साथ-साथ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी वॉल्यूम ग्रोथ कितनी बनाए रखती है, मार्जिन किस स्तर पर रहता है और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच बाजार हिस्सेदारी को कैसे बचाती है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध बाजार आंकड़ों और ब्रोकरेज रिपोर्ट में दी गई जानकारी पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या SEBI-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार से सलाह जरूर लें।


