GPT Infra Shares: शेयर बाजार में बुधवार, 2 सितंबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी भी 23,800 के नीचे फिसल गया। हालांकि, इस कमजोर बाजार के बीच GPT इंफ्राप्रोजेक्ट्स के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। कंपनी के शेयर इंट्रा-डे में करीब 9% तक चढ़ गए। इस तेजी की बड़ी वजह रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) से जुड़े करीब ₹484 करोड़ के प्रोजेक्ट में कंपनी का सबसे कम बोलीदाता (L1) बनना है।
लगातार पांच कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद GPT Infra के शेयरों में यह तेजी निवेशकों के लिए खास रही। कंपनी के शेयरों ने 22 जून 2026 के बाद इंट्रा-डे में अपनी सबसे बड़ी तेजी दर्ज की। हालांकि, बाद में तेजी कुछ कम हुई और बीएसई पर शेयर करीब 2.46% की बढ़त के साथ ₹110.50 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
₹484 करोड़ के RVNL प्रोजेक्ट में मिली बड़ी सफलता
GPT इंफ्राप्रोजेक्ट्स ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि कंपनी ने रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के एक बड़े रेलवे प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाई है। इस खबर के सामने आने के बाद कंपनी के शेयरों में खरीदारी बढ़ गई।
यह प्रोजेक्ट Nergundi और Barang के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाने से जुड़ा है। इसके तहत महानदी नदी पर एक बड़े स्टील रेलवे ब्रिज के निर्माण का काम किया जाना है।
कंपनी के अनुसार, इस कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू ₹410 करोड़ है। जीएसटी को शामिल करने के बाद इसकी कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू करीब ₹483.7 करोड़ हो जाती है।
यानी कंपनी को इस प्रोजेक्ट के जरिए अपने ऑर्डर बुक को मजबूत करने का एक और मौका मिला है। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट कंपनी के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
पिछले हफ्ते भी मिला था करीब ₹97 करोड़ का प्रोजेक्ट
GPT Infra के लिए हालिया समय में यह अकेला बड़ा ऑर्डर नहीं है। इससे पहले पिछले सप्ताह कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Alcon Builders and Engineers ने भी एक प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाई थी।
यह प्रोजेक्ट नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के कटिहार डिविजन से जुड़ा है। इसके तहत कई रेलवे स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाने का काम किया जाना है।
इस प्रोजेक्ट की वैल्यू करीब ₹97.31 करोड़ बताई गई थी।
लगातार रेलवे से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स में L1 बनने की खबरें कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही हैं। इससे कंपनी के भविष्य के कारोबार और ऑर्डर बुक को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।
5 दिन की गिरावट के बाद शेयर ने लिया यू-टर्न
GPT Infra के शेयरों में 2 सितंबर की तेजी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले कंपनी के स्टॉक में लगातार पांच कारोबारी दिनों तक गिरावट देखने को मिली थी।
हालांकि, शेयर बाजार में किसी एक दिन की तेजी को ट्रेंड में बदलाव का पक्का संकेत नहीं माना जा सकता। कंपनी के शेयर की आगे की दिशा बाजार के सेंटीमेंट, नए ऑर्डर, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और निवेशकों की खरीद-बिक्री पर भी निर्भर करेगी।
एक साल में शेयर ने कैसा प्रदर्शन किया?
GPT इंफ्राप्रोजेक्ट्स के शेयर ने 2026 में काफी उतार-चढ़ाव देखा है। 30 जनवरी 2026 को बीएसई पर शेयर ₹96.00 के स्तर तक गिर गया था। यह कंपनी के शेयर का उस अवधि का रिकॉर्ड निचला स्तर था।
इसके बाद स्टॉक में तेज रिकवरी देखने को मिली और करीब पांच महीने के भीतर 23 जून 2026 को यह ₹150.00 के स्तर तक पहुंच गया। यह उस अवधि में शेयर का रिकॉर्ड हाई था।
₹96 के निचले स्तर से ₹150 तक की तेजी को देखें तो शेयर ने करीब 56.25% का उछाल दर्ज किया था। हालांकि, जून के हाई से शेयर में बाद में काफी करेक्शन भी देखने को मिला है।
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
GPT Infra के लिए ₹483.7 करोड़ का RVNL प्रोजेक्ट और इससे पहले मिला करीब ₹97 करोड़ का प्रोजेक्ट कंपनी के ऑर्डर फ्लो के लिहाज से सकारात्मक खबर हैं। लेकिन केवल नए ऑर्डर या किसी एक दिन की शेयर तेजी के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है।
निवेशकों को कंपनी की ऑर्डर बुक, राजस्व, मुनाफा, कर्ज, कैश फ्लो और आने वाले तिमाहियों के प्रदर्शन पर भी नजर रखनी चाहिए। खासकर छोटे और मिडकैप शेयरों में उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकता है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और अपने जोखिम प्रोफाइल का आकलन करें। निवेश का फैसला लेने से पहले वित्तीय सलाहकार की सलाह लेना उचित है। NewsJagran.in किसी भी शेयर को खरीदने या बेचने की व्यक्तिगत सलाह नहीं देता।


