अमेरिकी निवेश फर्म की खरीदारी के अगले ही दिन Symbiotec Pharmalab के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला। 1 सितंबर को लिस्ट हुए इस शेयर ने कमजोर बाजार के बीच 5% से ज्यादा की तेजी दर्ज की। इससे पहले लिस्टिंग वाले दिन अमेरिकी निवेश फर्म TIMF Holdings ने कंपनी के 3.77 लाख शेयर खरीदे थे।
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 2 सितंबर को भारी दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी भी 23,800 के स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली के बावजूद फार्मा सेक्टर की कंपनी Symbiotec Pharmalab के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली।
Symbiotec के शेयर इंट्रा-डे कारोबार में 5.19 फीसदी तक चढ़कर ₹1,152.80 के स्तर पर पहुंच गए। खबर लिखे जाने के समय BSE पर शेयर करीब 1.66 फीसदी की तेजी के साथ ₹1,114.15 पर कारोबार कर रहा था।
शेयर में यह तेजी इसलिए भी खास है क्योंकि कंपनी के शेयरों की मार्केट में एंट्री सिर्फ एक दिन पहले यानी 1 सितंबर 2026 को हुई थी। लिस्टिंग वाले दिन ही अमेरिकी निवेश फर्म से जुड़ी एक बड़ी खरीदारी ने कंपनी के शेयरों को चर्चा में ला दिया था।
लिस्टिंग के दिन अमेरिकी फर्म ने खरीदे शेयर
Symbiotec Pharmalab के शेयरों की लिस्टिंग 1 सितंबर को हुई थी। इसी दिन बल्क डील के जरिए अमेरिका की निवेश फर्म TIMF Holdings ने कंपनी के 3.77 लाख शेयर खरीदे।
यह खरीदारी करीब ₹37.3 करोड़ की थी। शेयरों को औसतन ₹989.20 प्रति शेयर के भाव पर खरीदा गया। इस सौदे के बाद कंपनी में TIMF Holdings की हिस्सेदारी करीब 0.58 फीसदी रही।
अमेरिकी निवेश फर्म की इस खरीदारी को ऐसे समय में देखा जा रहा है जब कंपनी की हालिया लिस्टिंग उम्मीद के मुताबिक मजबूत नहीं रही थी। हालांकि, लिस्टिंग के अगले ही कारोबारी दिन शेयरों में तेज रिकवरी देखने को मिली।
कैसी रही Symbiotec की लिस्टिंग?
Symbiotec Pharmalab का आईपीओ ₹1,757 करोड़ का था और इसे निवेशकों की तरफ से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। आईपीओ कुल मिलाकर 75.08 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
कंपनी ने आईपीओ में शेयर का इश्यू प्राइस ₹988 तय किया था। हालांकि, शेयर बाजार में इसकी एंट्री प्रीमियम के साथ नहीं हो सकी।
1 सितंबर को शेयर NSE पर करीब फ्लैट लिस्ट हुआ, जबकि BSE पर इसकी लिस्टिंग करीब 1 फीसदी डिस्काउंट पर हुई। कारोबार के दौरान शेयर दबाव में आया और BSE पर ₹933.80 तक फिसल गया।
इसके बाद शेयर में जोरदार रिकवरी हुई और यह दिन के दौरान ₹1,173.80 के ऊपरी स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, इस स्तर पर निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण शेयर में कुछ कमजोरी आई और कारोबार के अंत में यह ₹1,095.95 पर बंद हुआ।
इस तरह लिस्टिंग के बाद पहले ही दिन शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
आईपीओ से जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनी?
Symbiotec Pharmalab के ₹1,757 करोड़ के आईपीओ में ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए थे। इसके अलावा बाकी हिस्सा ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए पेश किया गया था।
कंपनी ने नए शेयरों से मिलने वाली रकम के इस्तेमाल की योजना भी बताई थी। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा कर्ज कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाना है।
कंपनी के मुताबिक:
- ₹112.50 करोड़ कर्ज कम करने में खर्च किए जाएंगे।
- ₹29.53 करोड़ सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए रखे गए हैं।
- करीब ₹105.02 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों पर खर्च किए जाएंगे।
कंपनी की ओर से कर्ज घटाने पर जोर दिए जाने से भविष्य में उसकी बैलेंस शीट पर वित्तीय दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
क्या कारोबार करती है Symbiotec Pharmalab?
Symbiotec Pharmalab फार्मा सेक्टर के लिए जरूरी Active Pharmaceutical Ingredients (APIs), न्यूट्रिशनल इनग्रेडिएंट्स और स्पेशलिटी प्रोडक्ट्स के कारोबार से जुड़ी कंपनी है।
कंपनी का कारोबार सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके उत्पादों की वैश्विक स्तर पर भी मौजूदगी है। फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में API और स्पेशलिटी इनग्रेडिएंट्स की मांग कंपनी के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मुनाफे में आई गिरावट, फिर हुई रिकवरी
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले कुछ वित्त वर्षों में मुनाफे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
वित्त वर्ष 2024 में Symbiotec Pharmalab का शुद्ध मुनाफा ₹100.06 करोड़ था। वित्त वर्ष 2025 में यह घटकर ₹96.79 करोड़ रह गया। हालांकि, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने दोबारा रिकवरी की और शुद्ध मुनाफा बढ़कर ₹109.90 करोड़ हो गया।
वहीं, कंपनी की कुल आय में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कुल आय करीब 10 फीसदी की सालाना CAGR से बढ़ते हुए वित्त वर्ष 2026 में ₹872.26 करोड़ तक पहुंच गई।
कंपनी पर कितना कर्ज है?
मार्च 2026 के अंत में Symbiotec Pharmalab पर कुल करीब ₹387.91 करोड़ का कर्ज था। दूसरी तरफ कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की रकम करीब ₹1,145.95 करोड़ थी।
कंपनी के आईपीओ से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा कर्ज कम करने में इस्तेमाल किया जाना है। ऐसे में आने वाले समय में कंपनी की वित्तीय स्थिति पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है।
गिरते बाजार में शेयर की तेजी क्यों अहम?
Symbiotec के शेयरों में तेजी ऐसे दिन आई जब भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स भारी दबाव में थे। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 800 अंकों से ज्यादा गिरा, जबकि निफ्टी 23,800 के नीचे चला गया।
ऐसे कमजोर बाजार में किसी नए लिस्टेड शेयर का 5 फीसदी से ज्यादा ऊपर जाना निवेशकों के बीच खासा ध्यान खींचता है। इसके अलावा, लिस्टिंग वाले दिन ही अमेरिकी निवेश फर्म TIMF Holdings की खरीदारी ने भी इस शेयर को चर्चा में ला दिया है।
हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि नए लिस्ट हुए शेयरों में शुरुआती दिनों में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा हो सकता है। इसलिए केवल किसी बल्क डील या एक दिन की तेजी को देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। कंपनी की वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन, कर्ज, कारोबार की संभावनाओं और बाजार की स्थिति जैसे सभी पहलुओं का आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों और जोखिमों का अध्ययन करें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर में निवेश करने की सलाह नहीं देता।


