Ghaziabad Traffic News: गाजियाबाद से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों के लिए राहत की खबर है। शाहबेरी रोड के चौड़ीकरण के प्रस्ताव को शासन से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। करीब चार महीने से लंबित इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद अब सड़क के चौड़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है। करीब 1.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क को 3.75 मीटर से बढ़ाकर 5.5 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 8.46 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
शाहबेरी रोड की चौड़ाई 3.75 से बढ़कर 5.5 मीटर होगी
शाहबेरी रोड का वह हिस्सा, जो ABES कॉलेज के पास से ग्रेटर नोएडा की तरफ जाता है, लंबे समय से ट्रैफिक दबाव का सामना कर रहा है। मौजूदा समय में सड़क की चौड़ाई करीब 3.75 मीटर है। चौड़ीकरण के बाद इसे 5.5 मीटर यानी लगभग 18 फीट किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग ने इस काम की अनुमानित लागत करीब 8.46 करोड़ रुपये तय की है। शासन से इन-प्रिंसिपल मंजूरी मिलने के बाद अब आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। शासनादेश जारी होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
सितंबर के अंत तक टेंडर, दीपावली से पहले काम शुरू करने की तैयारी
अधिकारियों के मुताबिक, विभाग सितंबर के अंत तक टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। इसके बाद दीपावली से पहले सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
अगर तय समय के अनुसार काम शुरू होता है तो आने वाले समय में इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को काफी राहत मिल सकती है। सड़क की क्षमता बढ़ने से वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में आसान होने की उम्मीद है।
नोएडा जाने के लिए नहीं लगाना पड़ेगा लंबा चक्कर
शाहबेरी रोड के चौड़ीकरण का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलने की उम्मीद है, जो NH-9 से नोएडा और ग्रेटर नोएडा की तरफ जाते हैं। फिलहाल संकरी सड़क और वाहनों के दबाव के कारण इस मार्ग पर ट्रैफिक की समस्या बनी रहती है।
सड़क चौड़ी होने के बाद इस रूट से नोएडा की तरफ जाने वाले वाहन चालकों की आवाजाही आसान हो सकती है। इससे कई लोगों को विजयनगर बाईपास से आगे ताज हाईवे की तरफ लंबा चक्कर लगाने से भी राहत मिल सकती है।
इसका सीधा असर यात्रा के समय और ईंधन की खपत पर पड़ सकता है। खासकर रोजाना ऑफिस, कारोबार या अन्य कामों के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा जाने वाले लोगों के लिए यह बदलाव काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
क्रॉसिंग रिपब्लिक समेत करीब 50 हजार लोगों को फायदा
शाहबेरी रोड केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि आसपास के कई रिहायशी इलाकों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी रूट है। रिपोर्ट के मुताबिक, क्रॉसिंग रिपब्लिक और आसपास के क्षेत्रों की करीब 50 हजार की आबादी को इस सड़क के चौड़ीकरण का फायदा मिलने की उम्मीद है।
इन इलाकों से बड़ी संख्या में लोग रोजाना नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के अलग-अलग हिस्सों में आते-जाते हैं। ऐसे में सड़क की क्षमता बढ़ने से स्थानीय लोगों की आवाजाही सुगम हो सकती है।
लालकुआं और पुराने गाजियाबाद के लोगों को भी राहत
इस परियोजना का लाभ केवल शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। लालकुआं, पुराने गाजियाबाद और आसपास के इलाकों से नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा की तरफ जाने वाले लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है।
अभी सड़क संकरी होने के कारण एक साथ अधिक वाहनों की आवाजाही मुश्किल होती है। चौड़ीकरण के बाद सड़क पर वाहनों को निकलने के लिए ज्यादा जगह मिलेगी, जिससे ट्रैफिक फ्लो बेहतर होने की उम्मीद है।
शाहबेरी रोड चौड़ी होने से क्या-क्या फायदे होंगे?
- जाम से राहत: संकरी सड़क की वजह से होने वाली ट्रैफिक समस्या कम हो सकती है।
- नोएडा जाना आसान: NH-9 से नोएडा और ग्रेटर नोएडा जाने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
- लंबा चक्कर कम होगा: कई वाहन चालकों को वैकल्पिक लंबे रास्ते का इस्तेमाल कम करना पड़ सकता है।
- समय और ईंधन की बचत: बेहतर ट्रैफिक फ्लो से रोजाना आने-जाने वालों का समय और पेट्रोल-डीजल खर्च बच सकता है।
- 50 हजार लोगों को फायदा: क्रॉसिंग रिपब्लिक समेत आसपास के इलाकों की बड़ी आबादी को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
- क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी: गाजियाबाद से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच आवाजाही और सुगम हो सकती है।
अब आगे क्या होगा?
शासन से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद अब सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी अगली प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। प्रस्तावित योजना के मुताबिक सितंबर के अंत तक टेंडर प्रक्रिया शुरू करने और दीपावली से पहले निर्माण कार्य शुरू कराने का लक्ष्य है।
हालांकि, सड़क चौड़ीकरण के बाद ट्रैफिक से कितनी वास्तविक राहत मिलेगी, यह निर्माण पूरा होने और सड़क पर यातायात व्यवस्था लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल इस परियोजना की मंजूरी गाजियाबाद से नोएडा और ग्रेटर नोएडा जाने वाले लोगों के लिए एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।


