मिलिंद सोमन का अनोखा शौक
फिटनेस, मैराथन और एक्टिव लाइफस्टाइल की बात हो तो मिलिंद सोमन का नाम जरूर आता है। अपनी फिटनेस के लिए मशहूर मिलिंद की जिंदगी का एक पहलू ऐसा भी है, जिसके बारे में शायद कम ही लोग जानते हैं। कैमरे और रनिंग ट्रैक से दूर उन्हें गार्डनिंग और प्रकृति के बीच समय बिताना भी काफी पसंद है।
मिलिंद सोमन और उनकी पत्नी अंकिता कोंवर ने साल 2020 के लॉकडाउन के दौरान घर पर सब्जियां उगाने की शुरुआत की थी। शुरुआत में यह एक छोटे से शौक के तौर पर शुरू हुआ, लेकिन धीरे-धीरे उनका किचन गार्डन एक छोटे होम फार्म जैसा बन गया।
दोनों समय-समय पर अपने गार्डन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते रहे हैं। इन पोस्ट में घर पर उगाई गई अलग-अलग सब्जियों की झलक देखने को मिलती है।
मिलिंद के गार्डन में उगती हैं इतनी सब्जियां

मिलिंद सोमन के घर के गार्डन में कई तरह की सब्जियां उगाई जाती हैं। इनमें कद्दू, लौकी, टमाटर, बैंगन, हरी मिर्च, बीन्स, पत्तागोभी, फूलगोभी, मूली, मेथी और पालक जैसी सब्जियां शामिल हैं।
अंकिता कोंवर भी कई बार अपने गार्डन की उपज की तस्वीरें शेयर कर चुकी हैं। इनमें मूली, भिंडी और दूसरी सब्जियां नजर आई हैं।
मिलिंद ने एक बार अपने गार्डन में उगे बड़े से कद्दू का वीडियो भी शेयर किया था। कद्दू इतना बड़ा था कि उन्होंने मजाकिया अंदाज में लोगों से उसकी पसंदीदा रेसिपी तक पूछ ली थी।
फिटनेस के साथ नेचर से भी जुड़ाव
मिलिंद सोमन की लाइफस्टाइल को करीब से देखने पर पता चलता है कि उनके लिए फिटनेस सिर्फ जिम या रनिंग तक सीमित नहीं है। वह अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में एक्टिव रहने के साथ प्रकृति से जुड़े रहना भी पसंद करते हैं।
गार्डनिंग उनके लिए एक ऐसा काम बन गया है, जिसमें उन्हें शारीरिक एक्टिविटी के साथ-साथ प्रकृति के करीब रहने का मौका मिलता है। पौधों की देखभाल करना, उन्हें पानी देना और सब्जियों को बढ़ते हुए देखना उनके इस शौक का हिस्सा है।
मिलिंद ने अपने इस अंदाज को मजाकिया अंदाज में “दाढ़ी वाला किसान” भी कहा है। उनकी गार्डनिंग से जुड़ी पोस्ट यह दिखाती हैं कि घर में थोड़ी-सी जगह और नियमित देखभाल के साथ सब्जियां उगाने का शौक शुरू किया जा सकता है।
पत्नी अंकिता कोंवर भी देती हैं साथ
मिलिंद के गार्डनिंग शौक में उनकी पत्नी अंकिता कोंवर भी बराबर की भागीदार हैं। दोनों ने लॉकडाउन में शुरू किए इस काम को बाद में भी जारी रखा।
अंकिता की सोशल मीडिया पोस्ट में भी घर के गार्डन की झलक देखने को मिलती रही है। वह समय-समय पर वहां उगी सब्जियों को दिखाती रही हैं।
बड़े कद्दू से लेकर मूली और भिंडी तक, दोनों ने अपने घर की उगाई हुई सब्जियों की तस्वीरें शेयर की हैं। यही वजह है कि उनका गार्डन सिर्फ सजावट के लिए बनाई गई जगह नहीं, बल्कि घर की जरूरत के लिए सब्जियां उगाने वाला एक छोटा सेटअप बन गया है।
घर पर बनाया छोटा DIY ग्रीनहाउस
मिलिंद और अंकिता के गार्डनिंग सेटअप की एक दिलचस्प बात उनका छोटा ग्रीनहाउस भी रहा है। इसे सब्जियों और पौधों के लिए अलग जगह के तौर पर तैयार किया गया था।
इस ग्रीनहाउस में बेल वाली सब्जियों और दूसरे पौधों को बढ़ने के लिए जगह दी गई। समय के साथ पौधों के फैलने से यह जगह काफी हरी-भरी नजर आने लगी।
बताया गया है कि घर के केयरटेकर ने इसे प्यार से “सब्जी का घर” नाम दिया था।
आप भी घर पर बना सकते हैं छोटा ग्रीनहाउस
अगर आपके पास बड़ा गार्डन नहीं है, तब भी आप बालकनी, छत या आंगन में छोटा ग्रीनहाउस या किचन गार्डन तैयार कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले ऐसी जगह चुनें जहां पौधों को पर्याप्त धूप मिल सके।
एक साधारण DIY ग्रीनहाउस के लिए बांस या लकड़ी का फ्रेम बनाया जा सकता है। इसे UV-स्टेबलाइज्ड पॉलीइथिलीन शीट या उपयुक्त पारदर्शी कवर से ढका जा सकता है। इसके अंदर गमले, कंटेनर या ग्रो बैग रखकर सब्जियां उगाई जा सकती हैं।
मिट्टी में अच्छी गुणवत्ता वाली कम्पोस्ट मिलाने से पौधों को जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। हालांकि सिर्फ पानी देना ही काफी नहीं है। पौधों की जरूरत के हिसाब से पानी देना जरूरी है।
ज्यादा पानी भी पहुंचा सकता है नुकसान
किचन गार्डन शुरू करने वाले लोगों की एक आम गलती जरूरत से ज्यादा पानी देना होती है। मिट्टी लगातार गीली रहने पर पौधों की जड़ों को नुकसान हो सकता है और फंगल समस्या का खतरा भी बढ़ सकता है।
इसलिए पानी देने से पहले मिट्टी की नमी जांचना बेहतर होता है। अगर ऊपर की मिट्टी पहले से नम है तो तुरंत दोबारा पानी देने की जरूरत नहीं हो सकती।
ग्रीनहाउस में पौधे होने पर तापमान और हवा के आवागमन पर भी ध्यान देना चाहिए। बहुत ज्यादा गर्मी या बंद वातावरण पौधों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।
पौधों की रोजाना करें निगरानी
घर पर सब्जियां उगाने के लिए रोजाना थोड़ा समय निकालना काफी उपयोगी हो सकता है। पौधों की पत्तियों को देखकर पता लगाया जा सकता है कि उनमें कीड़े तो नहीं लगे हैं या किसी तरह की बीमारी के लक्षण तो नहीं दिखाई दे रहे।
अगर पत्तियां अचानक मुरझाने लगें, उनका रंग बदल जाए या पौधे की ग्रोथ रुक जाए तो इसकी वजह जानना जरूरी है। नियमित निगरानी से छोटी समस्या को शुरुआत में ही पहचाना जा सकता है।
मिलिंद सोमन और अंकिता कोंवर का होम गार्डन यही दिखाता है कि गार्डनिंग के लिए हमेशा बड़ी जमीन की जरूरत नहीं होती। थोड़ी जगह, सही देखभाल और नियमित मेहनत से घर पर भी ताजी सब्जियां उगाने की शुरुआत की जा सकती है।


