NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    nepal-flood-bus-passenger-survivor-story-wife-missing
    नेपाल बाढ़: चलती बस से पति ने लगाई छलांग, आंखों के सामने बह गई पत्नी; जिंदा बचे लोगों ने सुनाई खौफनाक दास्तान
    1 सितम्बर 2026
    saanp-ki-mausi-skink-bina-nar-ke-bachche-peda-karne-ka-raaz
    सांप की ‘मौसी’ का अनोखा राज! बिना नर के भी बच्चे पैदा कर सकती है ये जीव, जानें क्या है इसकी खासियत
    1 सितम्बर 2026
    nclt-subhash-chandra-6-5-crore-repayment-plan-stay
    NCLT ने सुभाष चंद्रा के ₹6.5 करोड़ रिपेमेंट प्लान पर लगाई रोक, ₹22,007 करोड़ के दावों का मामला
    1 सितम्बर 2026
    apple-foldable-iphone-ultra-45mm-thin-78-inch-display-features
    Apple Foldable iPhone: 4.5mm पतला होगा पहला फोल्डेबल फोन! 7.8 इंच डिस्प्ले और 48MP कैमरा समेत मिलेंगे ये धांसू फीचर्स
    1 सितम्बर 2026
    imd-rain-alert-up-bihar-jharkhand-odisha-heavy-rain-warning
    IMD Rain Alert: बंगाल की खाड़ी का नया सिस्टम एक्टिव, यूपी-बिहार समेत 6 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
    1 सितम्बर 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    lpg-price-hike-september-2026-commercial-gas-cylinder-price
    LPG Price Today: सितंबर की शुरुआत में महंगा हुआ कमर्शियल सिलेंडर, जानें नए रेट
    1 सितम्बर 2026
    crude-price-iran-us-attack-strait-of-hormuz-oil-price-rise
    Crude Price: ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद कच्चे तेल में फिर उबाल, कीमतों में $1 से ज्यादा की तेजी
    31 अगस्त 2026
    gold-price-today-30-august-2026-10-cities-gold-silver-rate
    Gold Price Today: 7 दिनों में ₹4,850 सस्ता हुआ सोना, दिल्ली-मुंबई नहीं, इस शहर में सबसे महंगा 18 कैरेट गोल्ड
    30 अगस्त 2026
    gold-price-today-29-august-2026-delhi-patna-24-22-18-carat-gold-rate
    Gold Price Today: रक्षाबंधन के बाद सोने में फिर आया उछाल, दिल्ली से पटना तक 24, 22 और 18 कैरट का ताजा भाव
    29 अगस्त 2026
    gold-silver-prices-today-31-august-2026-delhi-gold-price-falls
    Gold Price Today: रक्षाबंधन पर सस्ता हुआ सोना, लगातार दूसरे दिन चमक फीकी; 6 दिन बाद चांदी भी फिसली
    28 अगस्त 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    bank-nifty-crash-cas-rally-yes-bank-axis-bank-fall
    Bank Nifty Crash: CAS की तेजी हुई हवा, 800 अंक तक फिसला बैंक निफ्टी; Yes Bank और Axis Bank में भारी बिकवाली
    1 सितम्बर 2026
    tbz-share-price-grt-jewellers-74-percent-stake-acquisition-upper-circuit
    TBZ Share Price: ज्वेलरी कंपनी के शेयर में आया उछाल, 20% चढ़कर लगा अपर सर्किट; GRT Jewellers खरीदेगी 74% हिस्सेदारी
    1 सितम्बर 2026
    reliance-industries-stock-jefferies-buy-rating-target-price
    Reliance Industries Stock: जेफरीज ने दी Buy रेटिंग, ₹1,710 का टारगेट; जानें शेयर में क्यों दिख रही तेजी
    1 सितम्बर 2026
    engineers-india-share-price-stock-17-percent-rise-52-week-high
    Engineers India Share Price: 3 दिन में 17% उछला सरकारी कंपनी का शेयर, 52 हफ्ते का नया हाई; जानें तेजी की वजह
    1 सितम्बर 2026
    milky-mist-shares-q1-profit-10-times-share-price-upper-circuit
    Milky Mist Shares: Q1 में मुनाफा 10 गुना बढ़ा, शेयर 10% अपर सर्किट पर; जानें आगे की पूरी कहानी
    1 सितम्बर 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Nepal Floods: तबाही के बाद भारत-अमेरिका-चीन से क्लाइमेट मुआवजा क्यों मांग रहा नेपाल? समझें पूरा मामला
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Nepal Floods: तबाही के बाद भारत-अमेरिका-चीन से क्लाइमेट मुआवजा क्यों मांग रहा नेपाल? समझें पूरा मामला

Namam Sharma
Last updated: 2026/09/01 at 2:12 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
nepal-floods-climate-compensation-india-america-china
SHARE

नेपाल ने मानवीय सहायता की अपील से आगे बढ़कर अब ‘क्लाइमेट जस्टिस’ और मुआवजे का मुद्दा उठाया है। उसका कहना है कि जलवायु संकट में योगदान बेहद कम होने के बावजूद हिमालयी देश को ग्लेशियर पिघलने और चरम मौसम की घटनाओं का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

Contents
नेपाल क्यों मांग रहा है क्लाइमेट मुआवजा?भारत, चीन और अमेरिका का नाम क्यों आया?नेपाल ने आपदा को बताया ‘हिमालयी सुनामी’नेपाल ने UN से मांगी 5 अरब डॉलर की मददग्लेशियर पिघले तो भारत समेत पूरे दक्षिण एशिया पर असरनेपाल में मौतों का आंकड़ा 1,000 के करीबअब आगे क्या होगा?

Nepal Floods: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और अचानक आई तेज जलधारा से हुई तबाही के बाद अब राहत और मानवीय सहायता के साथ-साथ क्लाइमेट मुआवजे का मुद्दा भी सामने आया है। ‘द काठमांडू पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपना कूटनीतिक रुख बदलते हुए केवल मदद की मांग करने के बजाय जलवायु परिवर्तन से हुए नुकसान की भरपाई का सवाल उठाया है।

नेपाल का तर्क है कि वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में उसका योगदान बेहद कम है, लेकिन जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों का सामना उसे सबसे संवेदनशील देशों में शामिल होने के कारण करना पड़ रहा है। तेजी से पिघलते ग्लेशियर, अचानक आने वाली बाढ़ और दूसरी चरम मौसम की घटनाएं हिमालयी क्षेत्र के लिए लगातार बड़ा खतरा बन रही हैं।

नेपाल क्यों मांग रहा है क्लाइमेट मुआवजा?

रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि उनका देश अब अंतरराष्ट्रीय सहायता को सिर्फ मानवीय मदद के रूप में नहीं देखना चाहता। नेपाल इसे जलवायु जिम्मेदारी, नुकसान और मुआवजे से जोड़ रहा है।

नेपाल का कहना है कि जिन देशों का ऐतिहासिक और मौजूदा कार्बन उत्सर्जन ज्यादा रहा है, उनकी जिम्मेदारी उन देशों के प्रति भी बनती है जो जलवायु परिवर्तन से गंभीर नुकसान झेल रहे हैं।

विदेश मंत्री के मुताबिक, नेपाल की नई कूटनीतिक रणनीति ‘मदद’ से आगे बढ़कर ‘न्याय और मुआवजे’ पर केंद्रित होगी। उनका तर्क है कि यह किसी देश से चैरिटी मांगने का मामला नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन से हुए नुकसान की जिम्मेदारी तय करने का मुद्दा है।

भारत, चीन और अमेरिका का नाम क्यों आया?

नेपाल के विदेश मंत्री ने चीन, अमेरिका और भारत को दुनिया के बड़े औद्योगिक उत्सर्जकों में शामिल बताया है। उनके मुताबिक, इन देशों की ऐतिहासिक जिम्मेदारी है कि वे जलवायु परिवर्तन के प्रति सबसे संवेदनशील देशों की मदद करें।

नेपाल का कहना है कि वह खुद वैश्विक उत्सर्जन में बहुत छोटा योगदान देता है, लेकिन हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के असर का सामना कर रहा है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेपाल ने अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को क्लाइमेट कंपेंसेशन से जुड़ा औपचारिक दावा-पत्र भी भेजा है। हालांकि, मुआवजे की मांग को लेकर संबंधित देशों की ओर से क्या औपचारिक प्रतिक्रिया आई है, यह अलग विषय है।

नेपाल ने आपदा को बताया ‘हिमालयी सुनामी’

हालिया आपदा की भयावहता का जिक्र करते हुए नेपाल के विदेश मंत्री ने इसे सामान्य बाढ़ से अलग बताया। उन्होंने इसे ‘हिमालयी सुनामी’ तक कहा।

उनके अनुसार, बाढ़ के दौरान पानी की लहरें बेहद ऊंची थीं और उनकी रफ्तार भी काफी तेज थी। इस अचानक आई जलधारा ने बड़ी संख्या में घरों, वाहनों, सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचाया। कई हाइड्रोपावर परियोजनाएं भी प्रभावित हुईं।

यह आपदा 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के गिरने या हिमस्खलन से जुड़ी घटना के बाद सामने आई। इसके बाद बड़ी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर आया और कई इलाकों में भारी तबाही मची।

नेपाल ने UN से मांगी 5 अरब डॉलर की मदद

बाढ़ के बाद नेपाल ने पुनर्निर्माण और रिकवरी की लागत करीब 5 अरब डॉलर आंकी है। इसके साथ ही देश ने संयुक्त राष्ट्र से जुड़े विशेष जलवायु फंड से तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है।

नेपाल के जलवायु अधिकारियों का कहना है कि मानव गतिविधियों से पैदा हुआ जलवायु परिवर्तन उन परिस्थितियों को और गंभीर बना रहा है, जिनमें हिमालयी क्षेत्र में ऐसी आपदाओं का खतरा बढ़ रहा है।

नेपाल का मुख्य तर्क यह है कि जलवायु परिवर्तन के लिए जिन देशों की जिम्मेदारी अपेक्षाकृत कम है, वे अक्सर इसके नुकसान का सबसे ज्यादा सामना करते हैं। ऐसे में जलवायु वित्त और नुकसान की भरपाई का मुद्दा छोटे और विकासशील देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

ग्लेशियर पिघले तो भारत समेत पूरे दक्षिण एशिया पर असर

नेपाल की चिंता केवल अपने देश तक सीमित नहीं है। हिमालयी ग्लेशियरों में बदलाव का असर दक्षिण एशिया की बड़ी नदियों और करोड़ों लोगों की जल सुरक्षा पर पड़ सकता है।

नेपाल के मुताबिक, अगर ग्लेशियरों के पिघलने की रफ्तार बढ़ती रही और हिमालयी क्षेत्र में चरम मौसम की घटनाएं बढ़ीं, तो गंगा और त्रिशूली जैसी नदियों पर निर्भर आबादी के सामने गंभीर जल सुरक्षा चुनौती खड़ी हो सकती है।

यही वजह है कि नेपाल जलवायु परिवर्तन को केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन, अर्थव्यवस्था, जल सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय न्याय से जुड़ा विषय बता रहा है।

नेपाल में मौतों का आंकड़ा 1,000 के करीब

नेपाल में इस विनाशकारी आपदा के बाद मौतों का आंकड़ा सोमवार को बढ़कर 987 पहुंच गया। सुरक्षा बलों की ओर से अलग-अलग प्रभावित इलाकों में तलाशी और बचाव अभियान जारी है और मलबे से शव बरामद किए जा रहे हैं।

अधिकारियों के अनुमान के अनुसार, करीब 3,916 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। नेपाल सेना समेत सुरक्षा बलों ने प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है।

नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार, चितवन से 321, नवलपरासी पूर्व से 216, नवलपरासी पश्चिम से 170 और नुवाकोट से 95 शव बरामद किए गए हैं।

इसके अलावा गोरखा से 65, धादिंग से 55, तनहूं से 38 और रसुवा से 27 शव बरामद होने की जानकारी दी गई है। NDRRMA के अनुसार, अचानक आई बाढ़ से आठ जिले प्रभावित हुए हैं।

अब आगे क्या होगा?

नेपाल की ओर से क्लाइमेट मुआवजे की मांग ऐसे समय में उठाई गई है जब दुनिया के विकासशील और जलवायु-संवेदनशील देश लंबे समय से Loss and Damage के तहत वित्तीय सहायता की मांग करते रहे हैं।

नेपाल के लिए चुनौती अब दोहरी है। एक तरफ उसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और बचाव अभियान चलाना है, वहीं दूसरी तरफ हजारों लोगों के पुनर्वास और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर धन की जरूरत होगी।

क्लाइमेट मुआवजे की मांग को लेकर आने वाले समय में भारत, चीन, अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। नेपाल का कहना है कि हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते जलवायु जोखिम का असर केवल नेपाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव पूरे दक्षिण एशिया की जल सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

You Might Also Like

नेपाल बाढ़: चलती बस से पति ने लगाई छलांग, आंखों के सामने बह गई पत्नी; जिंदा बचे लोगों ने सुनाई खौफनाक दास्तान

सांप की ‘मौसी’ का अनोखा राज! बिना नर के भी बच्चे पैदा कर सकती है ये जीव, जानें क्या है इसकी खासियत

NCLT ने सुभाष चंद्रा के ₹6.5 करोड़ रिपेमेंट प्लान पर लगाई रोक, ₹22,007 करोड़ के दावों का मामला

Apple Foldable iPhone: 4.5mm पतला होगा पहला फोल्डेबल फोन! 7.8 इंच डिस्प्ले और 48MP कैमरा समेत मिलेंगे ये धांसू फीचर्स

IMD Rain Alert: बंगाल की खाड़ी का नया सिस्टम एक्टिव, यूपी-बिहार समेत 6 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

TAGGED: Climate Compensation, Climate Justice, Nepal Floods, क्लाइमेट मुआवजा, नेपाल क्लाइमेट मुआवजा, नेपाल फ्लड, नेपाल बाढ़, नेपाल बाढ़ 2026, भारत अमेरिका चीन
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article nepal-flood-mysterious-fish-reached-bihar-bagaha-administration-warning नेपाल की बाढ़ में बहकर बिहार पहुंचीं अनजान मछलियां, प्रशासन ने खाने से किया मना; जानें क्या है खतरा
Next Article radhika-gupta-sip-investment-strategy-wealth-creation-secrets Radhika Gupta SIP: ₹45 हजार की सैलरी से शुरू करें निवेश, जानिए 0% से 90% तक बचत का फॉर्मूला

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: इन IPOs का ग्रे मार्केट में जलवा, Kwick Forensic 94% प्रीमियम पर; ESDS Software का GMP ₹273
शेयर बाज़ार फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
government-spending-as-percent-of-gdp-kiribati-marshall-islands-ukraine
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?