Stock Market Rally: भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार, 1 सितंबर को शुरुआती कमजोरी के बाद शानदार वापसी की। उम्मीद से बेहतर GDP Growth के आंकड़ों और निचले स्तर पर हुई खरीदारी ने बाजार की चाल बदल दी। इंट्रा-डे में सेंसेक्स अपने निचले स्तर से करीब 468 अंक संभल गया, जबकि निफ्टी 50 दोबारा 24,100 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। हालांकि मिडकैप शेयरों में दबाव कायम रहा।
घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत दबाव के साथ हुई। एक समय सेंसेक्स 76,764.26 के इंट्रा-डे लो तक फिसल गया था। यहां से बाजार में खरीदारी लौटने लगी और इंडेक्स ने तेजी से रिकवरी की। इसी तरह निफ्टी भी 24,009.50 के निचले स्तर से मजबूत होकर 24,143.15 तक पहुंच गया।
दोपहर 1:01 बजे के आसपास सेंसेक्स 116.77 अंक यानी 0.15 फीसदी की बढ़त के साथ 77,074.04 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 3.75 अंक यानी 0.02 फीसदी ऊपर 24,084.15 के स्तर पर था।
इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स 193.01 अंक तक फिसला था, जबकि निफ्टी में भी करीब 70.90 अंक की गिरावट देखने को मिली। इसके बाद बाजार में आई रिकवरी ने निवेशकों को राहत दी।
GDP Growth ने बाजार को दिया सबसे बड़ा सपोर्ट
बाजार में आज की रिकवरी की सबसे अहम वजह भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़े मजबूत आंकड़े रहे। अप्रैल-जून 2026 की पहली तिमाही में देश की GDP Growth 7.8 फीसदी रही। यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से बेहतर रहा।
RBI ने इस अवधि के लिए करीब 7 फीसदी की GDP Growth का अनुमान लगाया था। ऐसे में वास्तविक विकास दर अनुमान से ऊपर रहने को भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती के संकेत के तौर पर देखा गया।
बाहरी मोर्चे पर वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूत रफ्तार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, जून तिमाही की 7.8 फीसदी GDP Growth RBI के अनुमान और बाजार की उम्मीद दोनों से बेहतर रही।
निचले स्तर पर Value Buying ने बदली बाजार की दिशा
शुरुआती गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू कर दी। बाजार में इसे Value Buying के तौर पर देखा गया।
जब किसी मजबूत शेयर या इंडेक्स में तेज गिरावट आती है, तो निवेशक कम कीमत पर खरीदारी का मौका तलाशते हैं। मंगलवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। शुरुआती कमजोरी के बाद खरीदारी बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों अपने इंट्रा-डे लो से काफी ऊपर आ गए।
हालांकि बाजार की व्यापक तस्वीर अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है। मिडकैप शेयरों में दबाव देखने को मिला और निफ्टी मिडकैप 100 में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी हल्की गिरावट में रहा।
रुपये में मजबूती से भी मिला बाजार को सहारा
भारतीय रुपये में आई मजबूती ने भी घरेलू शेयर बाजार की रिकवरी को सपोर्ट दिया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे मजबूत होकर 94.96 के स्तर पर पहुंच गया।
घरेलू अर्थव्यवस्था की बेहतर ग्रोथ, राजकोषीय स्थिति को लेकर अपेक्षाकृत बेहतर संकेत और पोर्टफोलियो निवेश से रुपये को मजबूती मिली। रुपये में सुधार से आयात लागत और विदेशी निवेशकों के सेंटीमेंट पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
FMCG और IT Stocks बने बाजार के सहारे
सेक्टोरल स्तर पर देखें तो मंगलवार को FMCG और IT Stocks ने बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। दोनों सेक्टरों के निफ्टी इंडेक्स में करीब 1 फीसदी की तेजी देखने को मिली।
मेटल शेयरों में भी खरीदारी का रुझान रहा और निफ्टी मेटल इंडेक्स आधे फीसदी से अधिक मजबूत रहा।
दूसरी तरफ बैंकिंग और ऑटो सेक्टर पर दबाव बना रहा। सरकारी और निजी बैंकों के साथ ऑटो शेयरों में बिकवाली ने बाजार की तेजी को सीमित किया। इन सेक्टर्स के निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली।
Nifty के लिए 24,150-24,215 का स्तर अहम
तकनीकी नजरिए से भी बाजार में आगे की चाल के लिए कुछ महत्वपूर्ण स्तर सामने आ रहे हैं। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र में अगस्त के निचले स्तर से आई रिकवरी और बने Hammer Pattern ने बाजार में शॉर्ट टर्म तेजी की उम्मीद बढ़ाई है।
उनके अनुसार, फिलहाल निफ्टी के लिए 24,150 और उसके बाद 24,215 का स्तर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर इंडेक्स इन स्तरों को पार करने में कामयाब होता है तो बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
हालांकि दूसरी तरफ 24,060 से 24,000 का जोन भी बेहद अहम है। अगर निफ्टी दोबारा इस दायरे के नीचे जाता है और यहां सपोर्ट नहीं मिलता, तो कमजोरी बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में इंडेक्स के 23,575 के स्तर तक फिसलने की संभावना बन सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मंगलवार की रिकवरी से संकेत मिलता है कि निचले स्तरों पर खरीदार अभी भी सक्रिय हैं। मजबूत GDP Growth ने घरेलू अर्थव्यवस्था को लेकर भरोसा बढ़ाया है, जबकि FMCG और IT जैसे सेक्टर्स में खरीदारी ने प्रमुख इंडेक्स को सहारा दिया।
फिर भी बाजार में पूरी तरह तेजी लौटने की पुष्टि के लिए निफ्टी को 24,150-24,215 के जोन के ऊपर टिकना महत्वपूर्ण होगा। वहीं 24,000 के आसपास का स्तर टूटने पर बाजार में दोबारा बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
इसलिए मौजूदा समय में निवेशकों को सिर्फ एक दिन की रिकवरी के आधार पर फैसला लेने के बजाय सेक्टर, वैल्यूएशन और बाजार के तकनीकी स्तरों पर भी नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल बाजार से जुड़ी जानकारी और विश्लेषण के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी शेयर या निवेश में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या बाजार विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। NewsJagran.in किसी निवेश की गारंटी या व्यक्तिगत निवेश सलाह नहीं देता।


