Trading Addiction Story: शेयर बाजार से जल्दी पैसा कमाने की चाह कब एक खतरनाक आदत में बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। कनाडा में रहने वाले 31 वर्षीय भारतीय मूल के सॉफ्टवेयर डेवलपर अक्षय सापरा की कहानी इसका उदाहरण है। उन्होंने शेयर बाजार में ट्रेडिंग के दौरान लाखों डॉलर कमाए, लेकिन धीरे-धीरे जोखिम बढ़ता गया और उनकी बड़ी कमाई का अधिकांश हिस्सा खत्म हो गया। हाल में SpaceX से जुड़े ट्रेड में भी उन्हें एक ही हफ्ते में 3.5 लाख डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ।
अक्षय ने अपनी ट्रेडिंग की कहानी साझा करते हुए बताया कि शुरुआत में शेयर बाजार उन्हें कम समय में पैसा बनाने का शानदार जरिया लगा। लेकिन लगातार मुनाफे और नुकसान के बीच फंसते-फंसते ट्रेडिंग उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गई। एक समय ऐसा भी आया जब वह दिन में करीब 16 घंटे तक बाजार पर नजर रखते थे।
बचपन की आर्थिक परेशानियों ने डाला असर
अक्षय का जन्म भारत में हुआ था। जब वह सिर्फ चार साल के थे, तब उनका परिवार कनाडा चला गया। शुरुआती वर्षों में परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। उनके माता-पिता ने अलग-अलग तरह के काम किए और मेहनत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया।
अक्षय का कहना है कि बचपन में पैसों को लेकर रही असुरक्षा ने उनके सोचने के तरीके पर असर डाला। आर्थिक सुरक्षा हासिल करने की इच्छा उनके लिए काफी महत्वपूर्ण बन गई और आगे चलकर पैसे कमाने की चाह उनके निवेश फैसलों में भी दिखाई दी।
कॉलेज के दिनों में शुरू किया निवेश
अक्षय ने 2017 में कॉलेज में पढ़ाई के दौरान शेयर बाजार में निवेश करना शुरू किया। एक दोस्त ने उन्हें कनाडा की मारिजुआना कंपनियों के शेयरों में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया।
शुरुआत में कुछ शेयरों में तेजी आई और उन्हें मुनाफा मिला। यही शुरुआती सफलता आगे चलकर उनके लिए बड़ा आकर्षण बन गई। वह सिर्फ निवेश करने के बजाय लगातार शेयर खरीदने और बेचने लगे।
धीरे-धीरे ट्रेडिंग उनके लिए निवेश से ज्यादा रोमांच का जरिया बनती चली गई।
क्लास में बैठकर भी करते थे ट्रेडिंग
कॉलेज के दौरान अक्षय कई बार कक्षा में बैठे-बैठे लैपटॉप पर ट्रेडिंग करते थे। शुरुआत में उन्हें नुकसान भी हुआ, लेकिन बाद में कुछ ट्रेड से अच्छी कमाई होने लगी।
2018 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी मिलने के बाद कुछ समय के लिए ट्रेडिंग कम हुई। लेकिन Meta के शेयर से जुड़े एक ट्रेड में उन्हें अच्छा मुनाफा मिला। इस एक सफलता ने उनके अंदर ज्यादा बड़ा दांव लगाने का आत्मविश्वास पैदा कर दिया।
इसके बाद शेयर बाजार उनके लिए सिर्फ निवेश का माध्यम नहीं रहा, बल्कि कमाई और रोमांच दोनों का साधन बन गया।
नौकरी छोड़ी और ट्रेडिंग को दिया ज्यादा समय
समय के साथ अक्षय ने अपनी नौकरी छोड़ दी और Uber के लिए डिलीवरी का काम करने लगे। इससे उन्हें अपने समय का ज्यादा हिस्सा ट्रेडिंग को देने का मौका मिला।
अगले कुछ वर्षों में उनकी जिंदगी में लगातार बड़े उतार-चढ़ाव आते रहे। कुछ ट्रेड में उन्होंने हजारों डॉलर कमाए, जबकि दूसरे ट्रेड में बड़ी रकम गंवाई।
यही सिलसिला धीरे-धीरे जोखिम लेने की उनकी क्षमता को बढ़ाता गया। जितना मुनाफा होता, अगली बार उतना ही बड़ा दांव लगाने का मन करता।
ट्रेडिंग की आदत के लिए लिया लत छुड़ाने वाला प्रोग्राम
एक समय अक्षय को महसूस हुआ कि ट्रेडिंग पर उनका नियंत्रण कम होता जा रहा है। उन्होंने जुए की लत से जुड़े एक विशेष तीन सप्ताह के कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इस दौरान उन्हें फोन रखने की अनुमति नहीं थी। हालांकि, उनके पास पहले से बनाया हुआ एक क्रिप्टो ट्रेडिंग बॉट था, जो उनकी गैरमौजूदगी में भी ट्रेडिंग करता रहा।
कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि बाहर निकलने के बाद वह फिर ट्रेडिंग शुरू कर सकते हैं। बाद में अक्षय ने स्वीकार किया कि उनकी आशंका सही साबित हुई।
कर्ज और क्रेडिट का भी इस्तेमाल करने लगे
कार्यक्रम से लौटने के बाद अक्षय दोबारा ट्रेडिंग में सक्रिय हो गए। उन्होंने अपनी कमाई के अलावा कर्ज और क्रेडिट का इस्तेमाल भी ट्रेडिंग में करना शुरू किया।
AMD और Nvidia जैसी कंपनियों से जुड़े ट्रेड में उन्हें काफी मुनाफा हुआ। एक समय उनकी कमाई 17 लाख कनाडाई डॉलर से अधिक पहुंच गई थी।
शुरुआत में उनका लक्ष्य करीब 5 लाख कनाडाई डॉलर कमाकर ट्रेडिंग छोड़ देना था। लेकिन जब रकम लक्ष्य से काफी आगे निकल गई, तो ट्रेडिंग छोड़ने के बजाय उनके दांव और बड़े होते गए।
दिन में 16 घंटे तक बाजार पर नजर
अक्षय ने बताया कि एक दौर में वह रोजाना करीब 16 घंटे तक ट्रेडिंग में व्यस्त रहते थे। यहां तक कि कई बार बिस्तर पर लेटे हुए भी iPhone से ट्रेड करते थे।
कुछ दिनों में हजारों डॉलर की कमाई उन्हें बेहद उत्साहित करती थी। तेजी से पैसा बनने का यह अनुभव उनके लिए काफी आकर्षक था। लेकिन इसी के साथ नुकसान की संभावना भी बढ़ती गई।
मुनाफे के बाद बड़ा दांव और बड़े दांव के बाद बड़ा नुकसान—यह चक्र लगातार चलता रहा।
2025 के अंत तक ज्यादातर कमाई गंवा दी
बड़ी कमाई के बावजूद नुकसान का सिलसिला नहीं रुका। अक्षय के अनुसार, 2025 के अंत तक वह अपनी जमा की गई कमाई का लगभग पूरा हिस्सा गंवा चुके थे।
Beyond Meat में किए गए एक निवेश से उन्हें करीब 2 लाख डॉलर का नुकसान हुआ। सामान्य स्थिति में इतना बड़ा नुकसान किसी निवेशक को रुककर रणनीति पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर कर सकता है।
लेकिन अक्षय ने नुकसान के बाद ट्रेडिंग रोकने के बजाय उसे वापस हासिल करने के लिए और बड़ा जोखिम लिया। नतीजा यह हुआ कि अतिरिक्त रकम भी चली गई।
SpaceX ट्रेड में भी हुआ भारी नुकसान
अक्षय की हाल की ट्रेडिंग में SpaceX से जुड़े दांव भी शामिल रहे। वह कंपनी को लेकर काफी सकारात्मक नजरिया रखते हैं और उन्हें उम्मीद थी कि Nasdaq-100 में शामिल होने से इससे जुड़े शेयरों में तेजी आ सकती है।
उन्होंने बड़ी संख्या में शेयरों के साथ कॉल ऑप्शन खरीदे। लेकिन कीमत उनकी उम्मीद के मुताबिक ऊपर जाने के बजाय नीचे चली गई।
इसके बाद उन्होंने गिरावट से फायदा उठाने के लिए पुट ऑप्शन में भी पैसा लगाया। अक्षय के मुताबिक, SpaceX से जुड़े ट्रेड में सिर्फ एक सप्ताह के दौरान उन्हें 3.5 लाख डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ।
एक महीने में गंवाए करीब ₹2 करोड़
SpaceX से जुड़े दांव में अक्षय ने बताया कि करीब एक महीने के भीतर उन्होंने 3 लाख डॉलर से ज्यादा की रकम कमाई, गंवाई और फिर दोबारा गंवा दी। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग ₹2 करोड़ के आसपास बैठती है।
उनकी कहानी इस बात को दिखाती है कि शेयर बाजार में लगातार ट्रेडिंग किस तरह निवेश से आगे बढ़कर जोखिम लेने की आदत में बदल सकती है।
खासकर जब किसी व्यक्ति को नुकसान की भरपाई के लिए और ज्यादा पैसा लगाने की इच्छा होने लगे, तो यह चक्र और खतरनाक हो सकता है।
अब YouTube पर दिखाएंगे अपनी हर ट्रेड
इतने बड़े नुकसान के बावजूद अक्षय ने फिलहाल ट्रेडिंग पूरी तरह छोड़ने का फैसला नहीं किया है। अब वह YouTube चैनल शुरू करने की योजना बना रहे हैं, जहां अपनी ट्रेडिंग और हर सौदे को सार्वजनिक रूप से दिखाएंगे।
उनका मानना है कि अपनी ट्रेडिंग को सार्वजनिक करने से वह अपने फैसलों के प्रति ज्यादा जवाबदेह रहेंगे।
अक्षय यह भी मानते हैं कि ट्रेडिंग में उनके पास कुछ कौशल है, लेकिन कई बार उनकी गतिविधियां निवेश और जुए के बीच की सीमा को पार कर जाती हैं।
ट्रेडिंग और निवेश में क्या है फर्क?
अक्षय की कहानी निवेशकों के लिए एक अहम सवाल खड़ा करती है—क्या हर तेज ट्रेडिंग को निवेश माना जा सकता है?
निवेश आमतौर पर किसी कंपनी या एसेट की लंबी अवधि की संभावनाओं को समझकर किया जाता है। वहीं लगातार खरीद-बिक्री, तेजी से मुनाफा कमाने की कोशिश और नुकसान के बाद रकम बढ़ाकर दांव लगाना जोखिम को काफी बढ़ा सकता है।
शेयर बाजार में मुनाफे की कोई गारंटी नहीं होती। खासकर ऑप्शंस और लीवरेज जैसे साधनों में नुकसान तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए किसी भी ट्रेड से पहले जोखिम, पूंजी और नुकसान सहने की क्षमता को समझना जरूरी है।
अक्षय सापरा की कहानी इसी जोखिम की एक व्यक्तिगत मिसाल है—जहां शुरुआत कुछ सफल ट्रेड से हुई, लेकिन धीरे-धीरे मुनाफे की चाह ने ट्रेडिंग को उनकी जिंदगी का इतना बड़ा हिस्सा बना दिया कि करोड़ों रुपये के बराबर नुकसान के बावजूद उससे बाहर निकलना आसान नहीं रहा।


