VIDEO Nepal Flood: नेपाल इस वक्त भयंकर बाढ़ और मलबे से जूझ रहा है। कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। इस बीच रसुवा जिले से सामने आया एक रेस्क्यू वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है। मुश्किल हालात के बीच बचावकर्मियों ने महज डेढ़ महीने के एक मासूम बच्चे को बाढ़ प्रभावित इलाके से सुरक्षित बाहर निकाला। बच्चे को बाद में रसुवा के धांगे कैंप पहुंचाया गया।
मासूम को सुरक्षित बचाए जाने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। भीषण बाढ़, मलबे और तबाही के बीच बच्चे का रेस्क्यू लोगों के लिए राहत और उम्मीद की तस्वीर बनकर सामने आया है।
रसुवा में जारी है बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन

नेपाल के रसुवा और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। कई जगह सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि बस्तियों में भी पानी और मलबा घुस गया है। ऐसे हालात में नेपाल सेना और सुरक्षा बलों की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटी हैं।
इसी अभियान के दौरान बचावकर्मियों को यह मासूम मिला। महज डेढ़ महीने की उम्र में बच्चे को इस भयावह आपदा के बीच सुरक्षित निकालना राहत अभियान की एक अहम कामयाबी मानी जा रही है।
नेपाल में बाढ़ से बढ़ता जा रहा मौतों का आंकड़ा
VIDEO | Rasuwa, Nepal: One-and-a-half-month-old baby rescued from flood-affected area and brought to Rasuwa Dhange camp.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/OUd2nEMbRq
— Press Trust of India (@PTI_News) September 1, 2026 नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार, 1 सितंबर तक अधिकारियों के मुताबिक मृतकों की संख्या 987 पहुंच गई है। सुरक्षा बल अभी भी अलग-अलग प्रभावित इलाकों में तलाशी और बचाव अभियान चला रहे हैं और इस दौरान लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार करीब 3,916 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। प्रभावित जिलों में नेपाल सेना समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है।
इन जिलों में मिले सबसे ज्यादा शव
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के आंकड़ों के अनुसार, चितवन में सबसे ज्यादा 321 शव बरामद हुए हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व में 216, नवलपरासी पश्चिम में 170 और नुवाकोट में 95 शव मिले हैं।
इसके अलावा गोरखा में 65, धादिंग में 55, तनहूं में 38 और रसुवा में 27 शव बरामद किए गए हैं। NDRRMA के मुताबिक अचानक आई बाढ़ से कुल आठ जिले प्रभावित हुए हैं।
इस आपदा में 279 लोग घायल भी हुए हैं। इनमें से 168 लोगों को इलाज के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है।
विदेशी नागरिकों के शवों की पहचान के लिए प्रक्रिया
नेपाल में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के प्रभावित होने के बाद काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने शवों की पहचान और उन्हें स्वदेश भेजने की प्रक्रिया को लेकर जानकारी जारी की है।
नेपाल सरकार ने विदेशी नागरिकों के शव परिजनों को सौंपने के लिए नौ चरणों वाली प्रक्रिया निर्धारित की है। इसमें शव की तस्वीर और विवरण दर्ज करने से लेकर पोस्टमार्टम, मौत के कारण की पुष्टि और औपचारिक पहचान तक की प्रक्रिया शामिल है।
इसके अलावा जरूरत पड़ने पर फिंगरप्रिंट, डीएनए और अन्य फॉरेंसिक सैंपल भी लिए जाएंगे। मृतक के पासपोर्ट या अन्य पहचान दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके बाद दूतावास या वाणिज्य दूतावास के स्तर पर स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय किया जाएगा।
DNA मिलान से होगी अज्ञात शवों की पहचान
अगर किसी शव की पहचान मौके पर नहीं हो पाती है, तो डीएनए जांच का सहारा लिया जाएगा। नेपाल सरकार ने ऐसे मामलों में नजदीकी परिजन के डीएनए सैंपल से मिलान की व्यवस्था की है।
सबसे नजदीकी परिजन में माता-पिता, सगे भाई-बहन और संतान जैसे रिश्तेदार शामिल होते हैं। यदि किसी शव को स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के कारण अस्थायी रूप से दफना दिया गया है, तो उसकी पहचान भी डीएनए मिलान के जरिए करने की कोशिश की जाएगी।
भारतीय दूतावास के अनुसार, यदि परिजन नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध तस्वीरों और विवरण के आधार पर किसी शव की पहचान कर लेते हैं, तो दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करके शव को भारत लाने की प्रक्रिया में मदद करेगा।
तबाही के बीच मासूम का रेस्क्यू बनी उम्मीद की तस्वीर
नेपाल में बाढ़ से हुई भारी तबाही के बीच हजारों परिवार अपने लोगों की तलाश में हैं। सड़कें और पुल टूटने से कई प्रभावित इलाकों तक पहुंचना भी मुश्किल बना हुआ है। ऐसे समय में डेढ़ महीने के मासूम को सुरक्षित बचाने की तस्वीर राहत और बचाव दलों के प्रयासों की एक भावुक झलक दिखाती है।
बच्चे को सुरक्षित धांगे कैंप तक पहुंचाए जाने के बाद सामने आई तस्वीरों ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचा है। आपदा की भयावहता के बीच इस मासूम का सुरक्षित रेस्क्यू लोगों के लिए उम्मीद की एक किरण बनकर सामने आया है।


