IMD Weather Alert: दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में बदलेगा मौसम, आंधी के साथ तेज बारिश की चेतावनी
IMD Rain Alert: सितंबर की शुरुआत देश के कई हिस्सों में खराब मौसम के साथ हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और ओले पड़ने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
मैदानी इलाकों के अलावा पहाड़ी राज्यों में भी बारिश लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है।
पहाड़ी राज्यों में भी भारी बारिश का असर
देश के पहाड़ी इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। लगातार बारिश की वजह से संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
निचले इलाकों में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है।
बंगाल की खाड़ी में सिस्टम का असर
मौसम में बदलाव के पीछे कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और बंगाल की खाड़ी के आसपास कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
वहीं, पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का असर बना हुआ है। असम के आसपास चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय रहने से कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
1 सितंबर को इन 17 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
IMD के मुताबिक 1 सितंबर को कई राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। जिन राज्यों को मौसम की चेतावनी में शामिल किया गया है, उनमें:
- दिल्ली
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- झारखंड
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश
- जम्मू-कश्मीर
- पंजाब
- हरियाणा
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
- गुजरात
- महाराष्ट्र
- पश्चिम बंगाल
- असम
- सिक्किम
- केरल
इनमें से कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज और बिजली गिरने का खतरा रह सकता है। स्थानीय स्तर पर मौसम की तीव्रता अलग-अलग हो सकती है।
दिल्ली में शाम के समय बदल सकता है मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी 1 सितंबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में शाम के समय बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
दिन के दौरान अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश और बादलों की वजह से कुछ हिस्सों में तापमान में मामूली राहत मिल सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों को खासकर शाम के समय बाहर निकलने से पहले मौसम का अपडेट देख लेना चाहिए।
यूपी में 60-70 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी 1 सितंबर को बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कुछ इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तेज हवाओं के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर ढांचे प्रभावित हो सकते हैं।
ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। बारिश और आंधी के दौरान वाहन चालकों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बिहार और पूर्वी भारत में बिजली गिरने का खतरा
बिहार और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रह सकता है। गरज-चमक के दौरान खेतों, खुले मैदानों और जलाशयों के आसपास मौजूद लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
आज घर से निकलने से पहले जरूर देखें मौसम का अपडेट
1 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है। कहीं तेज बारिश तो कहीं आंधी और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में जरूरी है कि लोग घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और प्रशासन की एडवाइजरी जरूर देख लें।
खासकर पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को भूस्खलन और अचानक बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क रहना चाहिए। वहीं, आंधी के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना और पेड़ों या कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा।
डिस्क्लेमर: मौसम की स्थिति स्थानीय स्तर पर तेजी से बदल सकती है। किसी क्षेत्र के लिए जारी ताजा चेतावनी और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों को प्राथमिकता दें।


